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Tuesday, 3 November 2020

नगर निगम चुनाव: भाजपा ने की बाड़ाबंदी, पार्षदों को होटल में ठहराया

कोटा. कोटा दक्षिण नगर निगम में भाजपा और कांग्रेस के बराबर 36-36 पार्षद जीतने के बाद अब दोनों ही दल अपने-अपने दल का महापौर बनाने के लिए रणनीति में जुट गए हैं। भाजपा ने देर रात दक्षिण के पार्षदों की बाड़ाबंदी शुरू कर दी है। बूंदी रोड स्थित एक शानदार होटल में कमरे बुक करवा गए हैं। देर रात तक होटल में पार्षद पहुंचने लग गए थे।

सूत्रों ने बताया कि पार्षदों की बाड़ाबंदी के लिए बूंदी रोड स्थित एक होटल में दो दर्जन कमरे बुक करवाए गए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से सभी जीते हुए पार्षदों को होटल में पहुंचने को कहा है। दो-तीन दिन ठहरने के हिसाब से कपड़े व जरूरी सामान लेकर आने को कहा है। देर रात पार्षद होटल में पहुंचना शुरू हो गए हैं। वहीं डिनर की व्यवस्था की गई।

दक्षिण निगम में भाजपा का बोर्ड बनेगा : राठौड़
भाजपा के चुनाव समन्वयक राजेन्द्र राठौड़ ने कहा है कि कांग्रेस ने दोनों निगमों के वार्डों का अपने पक्ष में परिणाम लाने के लिए गलत तरीके से परिसीमन किया था। पिछले नगर निगम में जितना वोट प्रतिशत भाजपा को मिला था, लगभग उतना ही वोट प्रतिशत इस चुनाव में मिला है। कोटा दक्षिण निगम में भाजपा का बोर्ड और महापौर बनाएंगे। दोनों ही निगम में सर्वसम्मति से एकराय कर प्रत्याशियों को टिकट दिए गए थे।

जनता ने कांग्रेस पर जताया विश्वास
शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष रविन्द्र त्यागी ने कहा, कोटा के मतदाताओं ने कांग्रेस में विश्वास जताया है। दोनों ही निगम में कांग्रेस के बोर्ड और महापौर बनेंगे। जनता ने करोड़ों के चल रहे विकास कार्यों को वोट दिया है। दक्षिण निगम में कमल को पंजे ने मुठ्ठी में बंद कर दिया है। यूडीएच मंत्री के निर्देशन में लड़े चुनाव में शानदार प्रदर्शन रहा है।

भाजपा में अब हार की बौखलाहट
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से कोटा दक्षिण की प्रत्याशी रही राखी गौतम ने कहा, दक्षिण निगम में कांग्रेस का प्रदर्शन शानदार रहा है। जनता ने चुनाव में दिखा दिया है कि जो अच्छा काम करेंगे, उन्हें मौका दिया जाएगा। कोटा में करोड़ों के चल रहे विकास कार्यों को देखकर जनता ने निगम चुनाव में कांग्रेस को वोट दिए हैं। भाजपा अब हार की बौखलाहट से परिसीमन को जिम्मेदार ठहरा रही है।

महापौर एवं उप महापौर निर्वाचन की तैयारियां पूरी
नगर निगम आम चुनाव 2020 के अंतर्गत महापौर और उप महापौर के निर्वाचन के लिए नगर निगम के भवनों को 3 नवम्बर 2020 से 15 नवम्बर 2020 तक लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 160 के तहत तत्काल प्रभाव से अधिग्रहण किया गया है।
जिला निर्वाचन अधिकारी उज्जवल राठौड़ ने एक आदेश जारी कर नगर निगम कोटा दक्षिण के महापौर और उप महापौर के निर्वाचन के लिए राजीव गांधी भवन नगर निगम कोटा के बी ब्लॉक में स्थित मुख्य मीटिंग हॉल, भूतल पर स्थित केन्टीन हॉल के पास और मीटिंग के हॉल के पास का महापौर कक्ष संख्या 102 को अधिग्रहित किया है। इसी प्रकार, नगर निगम कोटा उत्तर के महापौर एवं उप महापौर के निर्वाचन के लिए राजीव गांधी भवन नगर निगम कोटा के सी ब्लॉक में स्थित प्रथम तल व द्वितीय तल पर स्थित मीटिंग हॉल और स्मार्ट सिटी कार्यालय कक्ष को अधिग्रहित किया गया है।



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नगर निगम चुनाव: कोटा दक्षिण निगम में कांग्रेस ने रणनीति से चौंका दिया

कोटा. कोटा दक्षिण नगर निगम में ज्यादातर क्षेत्र कोटा दक्षिण विधानसभा का आता है। इस क्षेत्र में भाजपा के बूथ प्रबंध का उदाहरण हमेशा दिया जाता रहा है। इस बार कांग्रेस ने भी बूथ प्रबंधन बेहतर करने में जोर लगाया। कांग्रेस ने मतदान के दिन मतदाताओं को घरों से बूथ तक लाने में पूरी ताकत लगाई। वहीं प्रत्याशी तय करने से पहले कोटा दक्षिण विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रही राखी गौतम, रामगंजमंडी विधानसभा के प्रत्याशी रामगोपाल बैरवा, लाडपुरा से प्रत्याशी रही गुलनाज और शहर जिलाध्यक्ष रविन्द्र त्यागी के साथ कांग्रेस चुनाव पर्यवेक्षक और जिले के प्रभारी मंत्री लालचंद कटारिया ने चर्चा की। इसके साथ ही युवा, महिला और पूर्व पार्षदों से दावेदारी करने वालों में जीतने की संभावना वालों की सूची तैयार की गई। इसके बाद प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं करके सीधे सिंबल निर्वाचन अधिकारियों के यहां पहुंचाने की रणनीति बनाई। प्रत्याशियों को फोन पर सूचना दी गई कि वे नामांकन दाखिल करें। जबकि भाजपा ने पहले ही सूची घोषित कर दी तो इसके साथ ही बागी मैदान में आ गए। भाजपा के एक प्रत्याशी का नामांकन भी खारिज हो गया और एक दो टिकट एनवक्त पर बदले गए। भाजपा में चुनाव प्रक्रिया संचालन का हाथ कोटा से बाहर के नेताओं के हाथ में रहा। पूर्व मंत्री और विधानसभा नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ को कोटा का समन्वयक बनाया गया। चित्तौड़ के सांसद सीपी जोशी भी यहां आए। मतदान होने से पहले सभी नेताओं की तबीयत खराब होने के कारण वे क्वारेंटाइन हो गए। शहर भाजपा जिलाध्यक्ष सहित दो जिला महामंत्री भी मतदान से पहले बीमार हो गए। इस तरह एनवक्त पर कांग्रेस ने प्रत्याशियों को जिताने के लिए आक्रमक रणनीति बनाई। इस तरह की रणनीति से कांग्रेस ने भाजपा को टाई पर लाकर छोड़ दिया। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल, कांग्रेस से विधानसभा में प्रत्याशी रही राखी गौतम ने इसे विकास की जीत बताया है। वार्ड 65 से विजेता रही शालिनी गौतम, वार्ड 27 से विजेता रहे अनुराग गौतम और वार्ड 58 से विजेता रही शिवांगिनी ने बताया कि जनता से सीधा संपर्क होने के कारण उन्हें जीत मिली है। वे जनता की तकलीफ दूर करने में मददगार बनने का हर संभव प्रयास करेंगे।



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Friday, 23 October 2020

कोटा में भाजपा ने 22 बागियों को पार्टी से निकाला

कोटा. नगर निगम चुनाव में नामांकन वापसी के बाद दोनों निगमों में चुनावी तस्वीर साफ हो गई। दोनों ही निगम में भाजपा के अब भी कई बागियों ने चुनावी दंगल में ताल ठोक रखी है। कोटा उत्तर के पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल के भतीजे ओम गुंजल भी अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ बगावत कर मैदान में डटे हैं। अन्य बागियों ने भी पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। लिहाजा भाजपा ने पूर्व पार्षद ओम गुंजल सहित 22 कार्यकर्ताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया।
निगम चुनाव के समन्वयक राजेन्द्र राठौड़, कोटा दक्षिण के प्रभारी अर्जुन मीणा, उत्तर निगम प्रभारी किरण माहेश्वरी तथा कोटा के प्रभारी सांसद सीपी जोशी पिछले चार दिन से बागियों को समझाने में जुटे हुए थे। ओम गुंजल कोटा दक्षिण निगम के वार्ड 31 से बागी होकर चुनाव लड़ रहे हैं। यह वार्ड रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र में आता है, वहीं कोटा उत्तर के वार्ड 50 से पूर्व पार्षद राकेश सुमन पुटरा भी बागी होकर चुनावी दंगल में ताल ठोक रखी है। पुटरा पूर्व विधायक गुंजल के बेहद करीबी माने जाते हैं।

22 बागियों को किया छह साल के लिए निष्कासित

भाजपा ने अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ बगावत कर चुनाव लडऩे वाले पदाधिकारियों को शुक्रवार को पार्टी से निष्कासित कर दिया, जबकि कुछ कार्यकर्ताओं को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। यदि इस अवधि में भी अधिकृत प्रत्याशी को समर्थन नहीं देंगे तो उन्हें भी पार्टी से बाहर का रास्ता जाएगा। कोटा उत्तर की प्रभारी व विधायक किरण माहेश्वरी ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि कोटा दक्षिण में 13 तथा कोटा उत्तर निगम में 9 बागियों को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है।

कोटा: 41 वार्डों में भाजपा-कांग्रेस का सीधा मुकाबला
कोटा दक्षिण निगम से यह हुए पार्टी से बाहर

वार्ड 2 से कमलसिंह यदुवंशी, वार्ड 6 से नरेश कुमार प्रजापति, 6 से बुद्धिप्रकाश जांगिड़, 17 से जयराजसिंह, 31 से पूर्व पार्षद ओम गुंजल, 36 से सुरेश धाकड़, 38 से महावीर नागर, 42 से खेमचंद शाक्यवाल, 56 से मनोजकुमार वर्मा, 67 से भानुप्रताप, 68 सुनील गौतम, 53 से बलराम, 65 से निर्मला सिंघल को निष्कासित किया है।

कोटा उत्तर निगम से इनक निकाला
वार्ड 15 इरशाद अली, वार्ड 16 पूर्व पार्षद शकुंतला बैरवा, वार्ड 19 से विशाल सुमन, वार्ड 26 से सुनील शर्मा, वार्ड 43 तेजपाल वर्मा, 43 से राजेन्द्र मेहरा, 47 से जितेन्द्रकुमार लोधा, 50 से पूर्व पार्षद राकेश पुटरा, 66 से नरेश मोहन को छह साल के निष्कासित किया गया है।



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Friday, 16 October 2020

कोटा में कांग्रेसी कोरोना भूले, टिकट के लिए उमड़े

कोटा. कोरोना संक्रमण ने भले की शासन-प्रशासन की नींद उड़ा रखी हो, लेकिन राजनीतिक दल भीड़ एकत्र करने से बाज नहीं आ रहे। पहले भाजपा ने कार्यकर्ताओं का एकत्र किया अब शुक्रवार को कांग्रेस ने टिकट के दावेदारों को एक होटल में बुलाया लिया। नगर निगम चुनाव के लिए कांग्रेस की ओर से नियुक्त पर्यवेक्षक सोनल पटेल और जिले के प्रभारी मंत्री लालचंद कटारिया ने बंूदी रोड स्थित निजी होटल में टिकट के दावेदारों से मुलाकात की। उन्होंने बायोडाटा लिए। दोनों के पहुंचने से पहले ही कार्यकर्ता यहां एकत्र हो गए और जब वे आए तो अंदर प्रवेश के समय सोशल डिस्टेंस की पालना नहीं की गई। व्यवस्था में लगे पार्टी पदाधिकारी चिल्लाते रहे कि सोशल डिस्टेंस की पालना करें, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। दावेदारी जताने के समय ज्यादा भीड़ होने पर कुन्हाड़ी पुलिस ने जाकर व्यवस्था संभाली और लोगों को कोरोना गाइड लाइन की पालना की हिदायत दी। इस दौरान कोटा दक्षिण से प्रत्याशी रही राखी गौतम, रामगंजमंडी के विधानसभा प्रत्याशी रहे रामगोपाल बैरवा और लाडपुरा से प्रत्याशी रही गुलनाज से भी पर्यवेक्षक पटेल और प्रभारी मंत्री ने चर्चा की।

कांग्रेस विकास के मुद्दे पर मांगेगी वोट

इस दौरान शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रविन्द्र त्यागी और देहात कांग्रेस की अध्यक्ष सरोज मीणा भी मौजूद रही।



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रेलवे शेड्स का विकास भी निजी निवेश से होगा

कोटा. रेल मंत्रालय ने बड़ी संख्या में रेलवे स्टेशनों पर नए गुड्स शेड की सुविधाओं की स्थापना और मौजूदा गुड्स शेड्स पर सुविधाएं विकसित करने की योजना पर कार्य शुरू किया है। रेलवे ने निजी भागीदारी के माध्यम से टर्मिनल क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखते हुए छोटे और सड़क के किनारे स्थित स्टेशनों पर गुड्स शेड्स के विकास की नीति जारी की है।
इसके तहत निजी फर्म की ओर से सामान लदान के स्थान, सामान चढ़ाने, उतारने की सुविधाओं, मजदूरों के लिए छाया के साथ आराम की जगह, पीने का पानी, स्नान की सुविधा दी जाएगी। सम्पर्क सड़क, ढकी हुई शेड और अन्य संबंधित बुनियादी ढांचे को विकसित करने की अनुमति दी है। निजी व्यवसायी अपने स्वयं के निवेश के माध्यम से सुविधाओं का विकास करेंगे। प्रस्तावित सुविधा के लिए सभी विकास कार्य रेलवे के स्वीकृत डिजाइनों के अनुसार होंगे और स्वीकृत रेलवे मानकों और विशिष्टताओं के अनुसार इनका निर्माण किया जाएगा। रेलवे निर्माण के लिए कोई विभागीय या कोई अन्य शुल्क नहीं लेगा। निजी व्यवसायी द्वारा बनाई गई सुविधाओं का उपयोग आम उपयोगकर्ता की सुविधा के रूप में किया जाएगा। अन्य ग्राहकों के आवागमन पर व्यवसायी के यातायात को अन्य ग्राहकों पर कोई वरीयता या प्राथमिकता नहीं दी जाएगी।

समझौते के दौरान बनाई गई संपत्ति और सुविधाओं के रखरखाव की जिम्मेदारी निजी व्यवसायी की होगी।
इस योजना के तहत प्रोत्साहान टर्मिनल प्रभार और टर्मिनल एक्सेस चार्ज में हिस्सेदारी के लिए कम से कम शेयर की मांग करने वाले व्यवसायी को प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से चुना जाएगा।



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Tuesday, 22 September 2020

कोटा में 180 डॉक्टर सहित 300 चिकित्साकर्मी आ चुके कोरोना पॉजिटिव

कोटा. मरीजों के लिए भगवान के रूप कहे जाने वाले डॉक्टर भी कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, नवीन चिकित्सालय के अधीक्षक समेत अन्य विभागों के सीनियर डॉक्टर चपेट में आ चुके हैं। कोटा में अब तक कोरोना वॉरियर्स के रूप में काम करने वाले 180 डॉक्टर व 100 से ज्यादा मेडिकल स्टाफ संक्रमित हो चुका है। आईएमए के सचिव डॉ. केके डंग के अनुसार डॉक्टरों व अन्य मेडिकल स्टाफ ने समय रहते अपना इलाज करवा लिया। डंग ने दावा किया कि राज्य में सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव कोटा में आए हैं। इससे 90 प्रतिशत तक डॉक्टर व अन्य मेडिकल स्टाफ स्वस्थ हो चुका है। रेजीडेंट डॉक्टर भी 50 प्रतिशत, नर्सिंग स्टाफ 70 प्रतिशत तक स्वस्थ हो चुका है।


यह पड़ा असर
-डॉक्टरों के लगातार पॉजिटिव आने से मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में रूटीन ऑपरेशन बंद कर दिए हैं।
-अस्पताल मरीजों से भरे हुए हैं। ऑक्सीजन वाले बेड कम पड़ रहे हैं। मरीजों को होम आइसोलेट कर रखा है, लेकिन दवाइयां तक नहीं मिल पा रही हैं।
-कोरोना योद्धाओं के संक्रमित होने से सेम्पलिंग के काम पर असर पड़ा। आरआरटी व एसआरटी टीमों के स्टाफ को सेम्पलिंग कार्य से हटाकर वापस अस्पतालों में लगाया।
ये हुए संक्रमित
-प्राइवेट डॉक्टर: 40
- सरकारी डॉक्टर: 35
- सेवारत चिकित्सक: 35
- रेजीडेंट डॉक्टर: 70
- नर्सिंस्टाफ :102
- लैब टेक्निशियन:20

कोटा में कोरोना वायरस से हालात खराब हो चुके हैं। अस्पताल के आउटडोर मरीजों से फु ल चल रहे हैं। डॉक्टर व अन्य स्टाफ भी संक्रमित हो रहे हैं। कोरोना के प्रति आमजन को जागरूक होना होगा। वैक्सीन नहीं आए, तब तक मास्क हो ही वैक्सीन बनाना पड़ेगा।

-डॉ. केके पारीक, राष्ट्रीय अध्यक्ष, एपीआई

रोटेशन से नहीं हो रहा काम
मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में रोटेशन से काम नहीं हो रहा है। कोविड अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग लगातार छह माह से काम कर रहे हैं। एक नर्सिंग महिला स्टाफ दोबारा पॉजिटिव आ चुकी है। उच्चाधिकारियों को स्टाफ बदलने के लिए लिखा हुआ है, लेकिन नहीं बदला जा रहा है। रोटेशन से ही स्टाफ संक्रमित होने से बचेगा।
-अजय मेहरा, कोटा जिलाध्यक्ष, राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन



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Sunday, 20 September 2020

अब परिवारों की सेम्पलिंग नहीं करेगी आरआरटी टीमें

कोटा. कोटा मेडिकल कॉलेज की आरआरटी व एससीटी टीमें अब कोरोना पॉजिटिव मरीजों के सम्पर्क में आने वाले परिवारों की सेम्पलिंग नहीं करेगी। उसमें लगे डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ व लैब टेक्निशियन की कोविड अस्पताल में सेवाएं ली जाएंगी। यह निर्णय जयपुर से आए अतिरिक्त निदेशक के बैठक के बाद लिया गया।

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विजय सरदाना ने बताया कि बैठक में अतिरिक्त निदेशक ने कहा था कि कोरोना के बढ़ते प्रसार व प्रभाव को देखते हुए कॉलेज प्रशासन पर मरीजों के परिजनों के सेम्पल व कॉन्टेंट टे्रसिंग का भार बहुत अधिक है। वर्तमान में सामुदायिक फैलाव की स्थिति को देखते हुए इन कार्यों का औचित्य नगण्य सा हो गया है। ऐसे में इन सेम्पलिंग को बंद कर दी जाए। सीएमएचओ पॉजिटिव मरीजों के परिजनों को प्रोटोकॉल के अनुसार दवाइयां उपलब्ध करवाने की व्यवस्था करें। यदि कोई कोविड मरीज भर्ती लायक है तो उसे भर्ती कराया जाए। यदि किसी को अपना सेम्पल करवाना है तो वह नए अस्पताल, एमबीएस अस्पताल व सीएचसी पर बनाए गए केन्द्रों पर सेम्पल दे सकता है।

सुधा अस्पताल की सेम्पलिंग पर भी लगाई रोक
चिकित्सा विभाग ने कोविड के लिए अधिकृत रानपुर व तलवंडी स्थित सुधा अस्पताल की सेम्पलिंग पर भी रोक लगा दी है। सीएमएचओ की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि चिकित्सा संस्थान कोविड-19 की गाइड लाइन व प्रोटोकॉल के तहत सेम्पलिंग नहीं की जा रही है। इसके अलावा चिकित्सालय से कोविड से संबंधित रिकॉर्ड संधारण व रिपोर्टिंग भी निर्धारित प्रपत्र में प्राप्त नहीं हो रही है। इस कारण ओपीडी में आने वाले रोगियों की कोविड-19 से संबंधित सेम्पलिंग अग्रिम आदेश तक बंद की जाती है।



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