जयपुर/नई दिल्ली। एससी-एसटी एक्ट संशोधन बिल के विरोध में कल गुरूवार को हुए भारत बंद के बाद एक बार फिर से भारत बंद का आह्वान किया गया है। आसमान छूती महंगाई और लगातार बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस के नेतृत्व में मोदी सरकार को विरोध करने के लिए सडक़ पर उतरेंगे। 10 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया गया है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत ने यह जानकारी दी।
गहलोत ने यूपीए सरकार के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि जब पेट्रोल डीजल के दाम बढ़े तो मनमोहन सिंह सरकार ने राज्य सरकारों से टैक्स कम करने को कहा था और कांग्रेस की सरकारों ने अपने टैक्स कमकर आम आदमी को राहत दी थी।
आज देश के अनेक राज्यों में भाजपा की सरकार है, लेकिन उसने अभी तक आम आदमी को राहत देने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है, उसने पेट्रोल पर 28 रुपए और डीजल पर 27 रुपए की बढ़ोतरी की है। इसके अलावा उसने पेट्रोल पर 9 रुपए से अधिक तथा डीजल पर 19 रुपए से अधिक की एक्साइज ड्यूटी अलग से बढ़ा दी। सुरजेवाला ने तंज किया कि एक तरफ देश में पेट्रोल 80 रुपए लीटर बेचा जा रहा है और दुनिया के 15 से अधिक देशों को यही पेट्रोल 37 रुपए तथा डीजल 34 रुपए प्रति लीटर बेचा जा रहा है। उन्होंने पेट्रोलए डीजल के दामों में बढ़ोतरी से खजाने में आए 11 लाख करोड़ रुपए को 'ईंधन लूट’ करार दिया और देश के तमाम सामाजिक संगठनों से भी मोदी सरकार के खिलाफ आहूत बंद को सफल बनाने की अपील भी की।
एक सवाल के जवाब में पार्टी कोषाध्यक्ष अहमद पटेल ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस ने बंद का समर्थन किया है। वह प्रदर्शन में भी हिस्सा लेगी लेकिन बंद में शामिल नहीं होगी। बहुजन समाज पार्टी से अभी बंद को समर्थन देने की बात की जा रही है। अन्य सभी पार्टियों ने बंद को समर्थन देने का ऐलान किया है। बंद को लेकर सुप्रीम कोर्ट की रुलिंग से जुड़े सवाल के जवाब में पटेल ने बताया कि इसी वजह से बंद की अवधि सुबह 9 से 3 बजे तक रखी गई है ताकि आम आदमी को कष्ट नहीं हो।
राजस्थान में बंद शांतिपूर्ण रहा
राजस्थान में कुछ घटनाओं को छोड़ गुरुवार को बंद शांतिपूर्ण रहा। स्वत: स्फूर्त बंद में लोगों का समर्थन देखा गया। शाम करीब 4 बजे बाद बाजार खुल गए। जयपुर में कुल 44 लोगों को शांतिभंग में गिरफ्तार किया गया। जबकि 30-35 लोगों को हिरासत में लेकर बाद में छोड़ दिया गया। खो नागौरियान थाना क्षेत्र में बंद समर्थकों से हाथापाई में कानोता एसएचओ गौरी शंकर के हाथ में फ्रैक्चर हो गया। यहां पर पुलिस ने 18 बंद समर्थकों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया। जोधपुर में 19 लोगों को गिरफ्तार किया। बूंदी के नमाना में बंद का विरोध कर रहे एक युवक से मारपीट हुई। बांसवाड़ा के गनोड़ा में बिल के विरोध में मुंडन कराया। सवाईमाधोपुर जंक्शन पर बंद समर्थकों ने जयपुर-पुणे एक्सप्रेस को लगभग 10 मिनट तक रोका। प्रदेशभर में ही अधिकांश स्थानों पर निजी स्कूल स्वत: अवकाश घोषित कर दिए जाने से बंद रहे।
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