भीलवाड़ा।
वन्देमातरम, जय श्रीराम व भारत माता की जय के जयकारों व सड़कों पर बिछे पुष्पों के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पथ संचलन निकला। इस नजारे को देखने व उनके स्वागत के लिए जैसे पूरा शहर उमड़ पड़ा था। सड़क के दोनो किनारों पर खड़े महिला, पुरूष. बच्चे, बुजुर्गो ने स्वयंसेवकों का पुष्प वर्षाकर स्वागत किया। इससे शहर के प्रमुख सड़कों पर फूलों की चादर तक बिछ गई।
विजयीदशमीं पर निकाला संचलन राजेन्द्र मार्ग विद्यालय प्रांगण से सुबह १०.१५ बजे शुरू हुआ। संचलन में सौ शाखाओं को चार हजार से अधिक स्वयं सेवक शामिल थे। संचलन के बिच कोई न आए इसकी व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वंयसेवक कार्यकर्ता के रूप में साथ चल रहे थे। इनके साथ सादी वर्दी में पुलिसकर्मी भी चल रहे हैं। संचलन में २३ वाहिनियां, १० घोष, १ ध्वज वाहिनी, ७ नगर की १०० शाखाएं व ५० बस्ती के स्वयंसेवक शामिल थे। घोष में आणक, प्रणव, शंख, बांसुरी, ताल, त्रिभुज, नागांग, तुर्य, स्वरद, झलरी आदि वाघ यंत्र शामिल थे।
सात नगर, सौ शाखाएं संचलन में
भीलवाड़ा शहर की सात नगर की सौ शाखाओं के करीब ४ हजार स्वयं संवकों ने हिस्सा लिया। सात नगरों का नाम स्वत्रंता आन्दोलन व स्वत्रंता सैनानियों के आधार पर रखा गया है। इनमें स्वामी रामचरण नगर, महाराणा प्रताप नगर, विजयसिंह पथिक नगर, केसरीसिंह बारहठ नगर, जयमल राठौड़ नगर, स्वाईभोज नगर तथा देवनारायण नगर शामिल है। इन नगरों की ५० बस्तियों के स्वयंसेवक थे। इसमें १४ साल के विद्यार्थी, प्रभात व प्रोढ़ स्वयंसेवक, तरूण व्यवसायी, कर्मचारी सहित अन्य सेवक शामिल थे। सभी स्वयंसेवक चार की कतार में चल रहे थे।
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