Saturday, 20 October 2018

शराब के ठेकों पर निर्वाचन विभाग रखेगा नजर

 

टोंक. विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के साथ ही निर्वाचन विभाग ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है। इसके तहत जिला प्रशासन भी तैयारी में जुट गया है। निर्वाचन विभाग ने ये भी आदेश जारी किए हैं कि जिला निर्वाचन अधिकारी जिले के शराब के ठेकों पर भी नजर रखें।

 

इसमें किसी दुकान की बिक्री अचानक 30 प्रतिशत से अधिक हो गई हो तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाए। जिला निर्वाचन अधिकारी जिले के सभी रिटर्निंंग अधिकारियों की बैठक लेकर निर्देश दे रहे हैं। साथ ही मतदान का प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

 

इसके तहत बीएलओ स्वीप कार्यक्रम के तहत गांव-गांव जाकर मतदान के लिए लोगों को जागरूक करेंगे। वहीं निर्वाचन विभाग बैठकें तथा शिविर आयोजित कर मतदान बढ़ाने के लिए लोगों को जागरुक कर रहे हैं।

 

निर्वाचन विभाग ने फर्जी मतदान पर रोक लगाने के लिए वीडियोग्राफी की व्यवस्था भी कर रहा है। इसमें शुरू से लेकर अंत तक आने वाले सभी लोगों की वीडियोग्राफी की जाएगी। इसके अलावा पार्टी प्रत्याशियों के जुलूस व रैली की भी वीडियोग्राफी होगी। इसके साथ ही प्रत्याशियों को बताना होगा कि उन्होंने चुनाव में कितना खर्च किस प्रकार से किया है।


टोंक. आगामी विधानसभा चुनाव के तहत आदर्श आचार संहिता की पालन को लेकर बुधवार को देवली उप जिला निर्वाचन रवि कुमार वर्मा ने शहर के प्रिंटिंग प्रेस संचालकों की बैठक ली। इस दौरान उन्हें चुनाव से सम्बधित प्रकाशन की जाने वाली सामग्री को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए।

 


बैठक में उपखण्ड अधिकारी ने कहा कि चुनाव के दौरान विभिन्न राजनीतिक पार्टिया चुनाव प्रचार सामग्री प्रकाशित कराएगी। ऐसे में प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को प्रचार सामग्री प्रकाशन के साथ मुद्रक, प्रकाशक की जानकारी के साथ मुद्रण की गई सामग्री की संख्या एवं मोबाइल नम्बर प्रकाशित करने होंगे।

 

ताकि आचार संहिता की पालना हो सके। वहीं इसका उल्लंघन करने वाले प्रेस संचालकों के खिलाफ निर्वाचन आयोग की ओर से दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा प्रकाशक की ओर से नाम, पता आदि जानकारी युक्त घोषणा पत्र प्रस्तुत करना होगा। ऐसा नहीं करने पर संचालक पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127(27) के तहत 6 माह का कारावास, 2 हजार रुपए का जुर्माना अथवा दोनों से दण्डित किए जाने का प्रावधान है।

 


उपखण्ड अधिकारी रवि कुमार वर्मा ने कहा कि राजनीतिक दल के चुनाव चिह्न लगी मुद्रित सामग्री का खर्चा सम्बधित पार्टी के चुनाव खर्च में जुड़ेगा। उन्होंने थाना प्रभारी राजकुमार नायक को जाति, धर्म, भाषा व सम्प्रदाय को भडक़ाने वाली प्रचार सामग्री पर नियंत्रण रखने की बात कही।बैठक में तहसीलदार मानसिंह आमेरा, विकास अधिकारी, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी समेत शहर के दर्जनभर प्रिंटिंग प्रेस संचालक मौजूद थे।




from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2yrN3qF
via IFTTT

No comments: