Saturday, 20 October 2018

ऐसा क्या किया जो हनुमान के हाथो मराना पड़ा

भीलवाड़ा।


अहिरावण ने राम-लक्ष्मण का हरण कर लिया। दोनों को पाताल लोक ले गया। हनुमान को जब इसका पता लगा तो वह पाताल लोक पहुंचा। पाताल लोक में अहिरावण और हनुमान के बीच जमकर युद्ध हुआ। हनुमान ने अहिरावण का वध कर दिया। अहिरावण के वध के बाद हनुमान ने राम-लक्ष्मण को पाताल लोक से मुक्त कराया। यह दृश्य शुक्रवार को रामलीला कमेटी की ओर से आजाद चौक में आयोजित रामलीला मंचन के दसवें दिन रात को देखने को मिले। इन सब दृश्यों को देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।

 

इन दृश्यों के साथ ही रावण का युद्ध के लिए राम दल में प्रस्थान करना, रावण-मंदोदरी वार्ता सहित अन्य कई दृश्यों का कलाकारों ने सफल मंचन किया। मंचन में रावण का किरदार किशन लाल टेलर, राम का दीपक सोनी, विभीषण का मोहन चौधरी, लक्ष्मण का सुमित पाराशर व हनुमान का घनश्याम छिपा ने किरदार निभाया। कमेटी अध्यक्ष गोविंद व्यास ने बताया कि रामलीला का शुभारंभ राम-दरबार की आरती के साथ हुआ। आरती में आए अतिथियों का स्वागत कमेटी अध्यक्ष गोविंद व्यास, दिलीप सोनी, शिव नुवाल ने किया। रामलीला के अंतिम दिन शनिवार को राम-रावण युद्ध व रावण वध के साथ ही कई प्रसंगों का मंचन होगा।

 

निकली शोभायात्रा
रामलीला कमेटी की ओर से शुक्रवार दोपहर बाद आजाद चौक से राम-रावण की शोभायात्रा निकाली गयी। शोभा यात्रा प्रमुख मार्गो से होते हुए तेजाजी चौक स्थित दशहरा मैदान पहुंची। जहां राम लीला के कलाकारों ने राम-रावण के युद्ध का मंचन किया। बाद में राम ने रावण का वध किया। दशहरा मैदान में रावण दहन हुआ। तालाब की पाल पर राम दरबार की पूजा करके विजयादशमी पर्व मनाया।



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