जयपुर। लोगों तक सरकारी पानी पहुंचाने की कोशिश नियमों की व्याख्या में अटक गई। जगतपुरा इलाके में घरों तक पेयजल लाइन बिछाने के 34 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट में यही हालात रोड़ा बने हुए हैं। यहां करीब 175 किलोमीटर लम्बाई में पाइप लाइन डाली जानी है। अनुबंधित कंपनी ने निविदा प्रक्रिया के तहत बैंक गारंटी देने से मना कर दिया। तर्क गया कि, इस प्रोजेक्ट में नियम के तहत बैंक गारंटी की जरूरत नहीं है। जबकि, जलदाय विभाग भी नियमों का हवाला दे जमा कराने के निर्देश देता रहा। दोनों अपनी-अपने व्याख्या में जुटे रहे। इस बीच कंपनी ने विभाग के प्रमुख शासन सचिव के यहां अपील कर दी। इसके बाद से मामला अटक गया। हालांकि बताया जा रहा है कि कंपनी की अपील खारिज हो गई है, लेकिन काम शुरू नहीं किया जा सका है। इसमें कंपनी दूसरे रास्ता निकालने की जुगत में है।
बैंक गारंटी से बचने की जुगत
प्रोजेक्ट के तहत 1.90 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी दी जानी है, जिससे कार्य के दौरान अनुबंध शर्त की पालना नहीं होने पर इसमें से राशि ली जा सके। कंपनी देवेन्द्रा कंस्ट्रक्शन ने अफसरों को तर्क दिया कि अनुबंध शर्त की पालना में किसी तरह की दिक्कत हो तो कार्य भुगतान राशि में से कटौती कर ली जाए, लेकिन विभाग ने इसे नकार दिया।
इस तरह से होना है काम
लाखों लोगों तक बीसलपुर पेयजल पहुंचाना है। इसके लिए 6 पम्प हाउस व 10 जगह पानी की टंकी बनाई गई हैं। इन तक बीसलपुर पेयजल की मुख्य लाइन बिछाई जा रही है। यहां से घरों तक अलग पेयजल लाइन डाली जाएगी।
इधर, परेशानी बढ़ रही
पेयजल सप्लाइ में 30 फीसदी कटौती के बाद परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही। शहर का 35 फीसदी इलाका ऐसा है, जहां पेयजल की समस्या बनी हुई है। यहां पानी के निजी टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। विभाग अभी 42 करोड़ लीटर पेयजल सप्लाइ कर रहा है।
अनुबंधित फर्म ने बैंक गारंटी की जरूरत नहीं होने के लिए अपील की थी, इसलिए काम शुरू नहीं हो पाया। सक्षम स्तर पर अपील खारिज कर दी गई है। जल्द पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू करा देंगे।
सतीश जैन, अधिशासी अभियंता, जलदाय विभाग
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