टोंक. विभिन्न मांगों को लेकर दुग्ध उत्पादक संघ, संचालक मण्डल व जिला सचिव यूनियन ने शुक्रवार को जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने कार्यालय के गेट के ताला लगा दिया और प्रबंध निदेशक को ज्ञापन सौंप मांगों का निस्तारण करने की मांग की।
संघ के शंकरलाल जाट, दूलाराम, सीता, जमना, सुशीला, देवकिशन, प्रहलाद आदि ने बताया कि जिला दुग्ध उत्पादक संघ से जिले के करीब दो लाख पशु पालक परिवार जुड़े हुए हैं। संघ की ओर से उन्हें दुग्ध उत्पादन की उचित दर नहीं दी जा रही है। ऐसे में मजबूर होकर निजी दुग्ध डेयरी को दूध बेचना पड़ रहा है।
उन्होंने जयपुर संघ के समानांतर दर निर्धारित करने को कहा है। साथ ही भुगतान महीने की 5, 15 , 25 तारीख को करने को कहा। इसके अलावा दुग्ध खरीद दर प्रदेश की निजी व सहकारी संघों में एक समान करने, अन्य संघों की तरह पशु आहार पर उत्पादों की सब्सिडी समान दर पर देने, अन्य संघों की तरह टोक में भी पशु आहार, घी व अन्य उत्पाद सहकारी समिति में भेजने, बोनस बढ़ाने समेत अन्य मांगों का निस्तारण करने की मांग की।
पशु पालकों को भी मांगें हैं उन्हें उच्चाधिकारियों को भेजा है। उनका जो भी निर्णय होगा उसकी पालना की जाएगी।
कैलाश दान, प्रबंध निदेशक, दुग्ध डेयरी संघ, टोंक
धरना देकर प्रदर्शन
लाइफ इंश्योरेंस एजेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया टोंक के अध्यक्ष रामलाल संडीला के नेतृत्व में एजेंटों ने शुक्रवार को भारतीय जीवन बीमा निगम शाखा परिसर में धरना दिया। उन्होंने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
अभिकर्ताओं के लिए कल्याण निधि बढ़ाने, अभिकर्ता एवं उनके परिवार के लिए मेडिक्लेम सुविधा लागू करने, ग्रेच्युटी की राशि 20 लाख करने, सुविधा लागू करने, 2 साल से बंद पड़ी पॉलिसियों को पुन: चालू करने आदि की मांग की गई। इस दौरान भागचंद चौपड़ा, प्रहलाद कुम्हार, अचलेश सैनी, पंकज सैनी, सत्यनारायण सैनी, कैलाश चंद शर्मा, अनुज गुर्जर, राजेंद्र आदि मौजूद थे।
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