Wednesday, 13 March 2019

चिकित्सक पुत्र ने निभाई समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी.. मां का मरणोपरांत कराया नेत्रदान

कोटा. एक होम्योपैथिक चिकित्सक पुत्र ने अपनी मां का मृत्युपरांत नेत्रदान करवाया गया। बसंत विहार तीन बत्ती चौराहे निवासी होम्योपैथिक चिकित्सक अमित जैन की मां शिमला जैन (45) का मंगलवार को हृदयगति रुक जाने से निधन हो गया। अमित ने मां के नेत्रदान की पिता सुरेंद्र कुमार जैन से सहमति लेकर शाइन इंडिया फ ाउंडेशन से संपर्क साधा। उसके बाद आई बैंक के तकनीशियन ने घर पर रिश्तेदारों के बीच नेत्रदान की प्रक्रिया को पूरा किया।

 

पति सुरेंद्र कुमार जैन जो कि हेवी वॉटर प्लांट रावतभाटा से इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त होने के नाद से अपने पुत्र की तरह समाज व शहर के लोगों के लिये सेवा कार्यों में लग गये । विगत 15 वर्षों से वह भी निःशुल्क एक्यूप्रेशर चिकित्सा पद्धति से काफ़ी समय से,कई सारे लोगों की बीमारियों को दूर कर चुके है । इसके अलावा भी जैन दंपत्ति समाज व शहर के सामाजिक कार्यों में हमेशा अग्रणी रहते थे ।

 

डॉ अमित होम्योपैथिक चिकित्सक होने के साथ-साथ समाज सेवा के क्षेत्र में अपनी सेवायें समय समय पर देते रहते है । वह मदद नि:शुल्क चिकित्सा उपकरण सेवा ग्रुप के सक्रिय सदस्य है। जिसके द्वारा ऐसे गरीब व निर्धन मरीज़ जो चिकित्सकीय उपकरणों का खर्च नहीं वहन कर सकते,उनको संस्था के पास उपकरण की उपलब्धता होने पर,मरीज को उसकी ज़रूरत के अनुसार निःशुल्क उपलब्ध कराये जाते है ।

अमित का पूरा परिवार शहर में चल रहे नैत्रदान के कार्यों से प्रेरित थे, समय समय पर घर में भी जब जब नैत्रदान को लेकर चर्चा चलती थी,तो सभी की सहमति इस बात में रहती थी कि,जब भी ऊपर वाले का बुलावा आएगा,तो परिवार के अन्य सदस्य ,शोक के समय में ध्यान रखकर नेत्रदान का कार्य सम्पन्न करवाने काजरूर ध्यान रखेंगे ।

 

माँ की मृत्यु के आधे घण्टे के बाद ही डॉ अमित ने तुरंत शाइन इंडिया फाउंडेशन को संपर्क किया । उसके बाद आँखों को पूरी तरह बंद कर,गीली पट्टी रखने का जरूरी निर्देश देकर तुंरत वहाँ पहुँचने को कहा । थोड़ी देर बाद शाइन इंडिया की ज्योति मित्र खुशबू खान और आई बैंक के तकनीशियन ने,घर पर ही सभी रिश्तेदारों के बीच नैत्रदान की प्रक्रिया को पूरा किया ।



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