Thursday, 14 March 2019

नगर निगम में अब महापौर व भाजपा पार्षदों के बीच रार

जयपुर. नगर निगम में अब महापौर विष्णु लाटा और भाजपा पार्षदों के बीच रार गहरा रही है। भाजपा के 5 पार्षदों ने बुधवार को एडीएम प्रथम इकबाल खान को मुख्य चुनाव अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें आरोप लगाया कि 8 मार्च को बैक डेट में एकसाथ करोड़ों के कार्यादेश जारी किए गए। इसके लिए 9 व 10 मार्च को अवकाश के दिन कार्यालय खोला गया। महापौर ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि भाजपा पार्षदों को जांच करानी है तो करा लें।

ज्ञापन में मुकेश लख्यानी, सुरेन्द्र सिंह रोबिन, नवरत्न नराणियां, बाबूलाल दातोनिया और निर्मला शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को फायदा पहुंचाने के लिए महापौर आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं। आचार संहिता में अधिकार नहीं होने के बावजूद महापौर ने 2 सफाईकर्मियों को निलम्बित कर दिया। भाजपा पार्षदों ने मांग की कि 8 मार्च को दिए गए सभी कार्यायदेश रोके जाएं और एसीबी से इसकी जांच कराई जाए। निगम के सभी जोन कार्यालयों, सहित लाइट, निर्माण, विकास व लेखा शाखा, आयुक्त-महापौर कार्यालय के डिस्पेच रजिस्टर की जांच कराई जाए।

 

भाजपा पार्षदों के आरोप और महापौर के जवाब
आरोप : कांग्रेस कार्यकर्ताओं के इशारे पर स्ट्रीट लाइटें लगवाकर चुनावी फायदा पहुंचाने की कोशिश।
जवाब : कोई नया टेंडर नहीं किया। शिकायतों पर बदल रहे हैं।
आरोप : 2 माह तक दौरा नहीं किया, अब आचार संहिता में कर रहे हैं।
जवाब : स्वास्थ्य ठीक नहीं था।
आरोप : आचार संहिता में 2 कर्मचारियों को निलम्बित कर दिया।
जवाब : जो लोग काम नहीं करेंगे, उन पर कार्रवाई तो होगी।
आरोप : अधिकारियों की लगातार मीटिंग ले रहे हैं, कांग्रेस के पक्ष में कार्य करने के निर्देश दे रहे हैं।
जवाब : बैठक में शहर के विकास पर चर्चा करते हैं। महापौर की सीट गंवाने से भाजपा सदमे में है।



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