भीलवाड़ा. जब मन में कुछ करने का हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं होता है। एेसा ही कर दिखाया है कि जिले के कासोरिया की बेटी भाग्यलक्ष्मी व्यास ने। वे रहने वाली भले छोटे से गांव की है लेकिन अभी देश के ५४ शहरों में यात्रियों को हवाई जहाज की यात्रा करा रही है। वे इंडियो एयरलाइंस में पायलट है। भाग्यलक्ष्मी के पापा रामेश्वरलाल व्यास आगूंचा स्थित हिंदुस्तान जिंक की माइंस में कार्यरत है। भाग्यलक्ष्मी ने बताया कि वे जब छोटी थी तब आसमान से हवाई जहाज निकलते थे तो बार-बार मन में यही आता था एक दिन पायलट बनना है। बस यही जिद उनके जज्बे में बदल गई और इसे पूठान लिया। प्रारंभिक शिक्षा गांव कासोरिया में ही हुई। इसके बाद ११वीं व १२वीं कक्षा की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय हुरड़ा की। इसके बाद कानपुर में प्रशिक्षण के लिए चली गई। वहां प्रशिक्षण के बाद इंडियो में नौकरी लग गई। भाग्यलक्ष्मी ने बताया कि यह दुनिया का तीसरा सबसे चैलेजिंग जॉब है। इसके बावजूद भी कभी मन में यह नहीं आया कि महिलाएं यह काम नहीं कर सकती है। शुरूआत में कुछ लोगों ने यह जरूर कहा था कि यह बहुत मुश्किल काम है। इससे और चुनौती मिली और उसे स्वीकार किया। अब मन में बहुत खुशी है कि जो बचपन में सोचा था वह कर दिखाया। महिला दिवस पर मैं एक ही संदेश देना चाहती हूं कि महिलाएं पहले अपने लिए कुछ करें। जब खुद सक्षम हो जाएगी तो जीवन में आगे भी सब जगह सफलता मिलेगी। महिलाओं को अपने मन में कभी यह नहीं सोचना चाहिए कि वे महिला है तो यह काम नहीं कर सकती है। अब तो महिलाएं हर क्षेत्र में आगे जा रही है।
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