भीलवाड़ा ।
वाणिज्यिक कर विभाग की ओर से २४ जनवरी को शहर में हीरा पन्ना मार्केट स्थित सीए के यहां सर्वे के बाद की जांच पर रोक लगाने के लिए जोधपुर उच्च न्यायालय में वाद दायर किया गया है। न्यायालय ने राज्य सरकार व विभाग को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा गया है। इधर, विभाग ने न्यायालय में केविएट लगाने की तैयारी कर ली है।
विभाग की टीम ने नैनावटी जैन एंड एसोसिएट्स के यहां सर्वे किया था। अधिकारियों ने यहां से जब्त दो कम्प्यूटर, तीन लेपटॉप की जांच के बाद करीब एक दर्जन बोगस कम्पनियों के माध्यम से करीब ३९ करोड़ रुपए का टर्नओवर करने व ५.५० करोड़ रुपए की इनपुट टैक्स क्रेडिट उठाकर अन्य व्यापारियों को देने का मामला बनाया था। सूत्रों के अनुसार मामले में गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही थी। इस बीच फर्म के प्रबंधकों की ओर से १९ फरवरी को जोधपुर उच्च न्यायालय में वाद दायर किया। इस पर न्यायालय ने २२ फरवरी को सरकार व विभाग को नोटिस जारी करने के आदेश दिए। न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता ने कार्रवाई पर स्टे के लिए नोटिस जारी करने तथा नोटिस स्वयं के माध्यम से पहुंचाने के लिए आग्रह किया। इस पर नोटिस की प्रति याचिकाकर्ता को दी जाए, ताकि समय पर नोटिस तामिल हो सके। नोटिस जारी होने के बाद एक मार्च को पुन: सुनवाई हुई। इसमें दो सप्ताह का समय दिया गया।
बोगस कम्पनियों को जारी किए समन
सीए फर्म ने दावा किया है कि सभी बोगस कम्पनिया उसकी नहीं है। विभाग की ओर से सभी बोगस कम्पनी के मालिकों को समन जारी कर बयान के लिए बुलाया जा रहा है। इन कम्पनियों में ऑयल, सोयाबीन, तम्बाकू, सिगरेट, किराणा सामान, घी, तेल, पान मसाला, बीड़ी की खरीद करना बताया गया है। इसी प्रकार फेब्रिक, कपड़ा, स्क्रेप, टायर सहित अन्य सामान बेचना बताया है, जिनका बिल के आधार पर मिलान नहीं हो रहा है।
नहीं मिला नोटिस
सीए की ओर से न्यायालय में जाने की किसी ने सूचना दी थी। न्यायालय की ओर से किसी तरह का नोटिस नहीं मिला है। विभाग ने केविएट लगाने की तैयारी कर ली है, ताकि न्यायालय में निर्णय से पहले विभाग का पक्ष रखा जा सके।
रामलाल चौधरी, उपायुक्त (प्रशासन) वाणिज्यिक कर
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