Sunday, 7 April 2019

तपते तन, सूखे कंठ: ढो रहे मजबूरी की तगारियां

भीलवाड़ा।
बढ़ती गर्मी के साथ ही मनरेगा श्रमिकों की परेशानी बढ़ गई है। कार्यस्थल पर न पानी है, न छाया की व्यवस्था। दवा का किट तक नहीं है। भीषण गर्मी में श्रमिकों को दो मिनट का शुकून तक नहीं मिल पा रहा है। जिले में श्रमिकों की संख्या १.७ लाख से घटकर ६७ हजार तक रह गई है। इसी प्रकार एक सप्ताह पहले तक प्रदेश में २० लाख ८२ हजार से अधिक श्रमिक काम कर रहे थे, यह संख्या भी घटकर १७ लाख ३२ हजार रह गई है। अभी प्रदेश की ९८९४ ग्राम पंचायतों में से ८८५३ ग्राम पंचायतों में ही काम चल रहा है।

यह है समस्या
ज्यादातर मनरेगा कार्यस्थलों पर मजदूरों के लिए छाया-पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। किसी मजदूर के घायल या बीमार होने पर प्राथमिक उपचार के संसाधान तक नहीं हैं। अधिकांश काम गांवों से काफी दूर चल रहे हैं। तापमान भी ४० डिग्री सेल्सियस से अधिक हो गया है। छाया-पानी के अभाव महिलाओं के साथ आने वाले बच्चों को परेशानी उठानी पड़ती है। इसके चलते कई महिला श्रमिकों ने काम छोड़ दिया है। भीलवाड़ा जिले के सभी उपखंडों की ३८४ पंचायतों में से ३४४ में तलाई व तालाब गहरे करने, ग्रेवल सड़क निर्माण जैसे काम चल रहे हैं। जिले में ६७ हजार ३६२ मजदूर काम कर रहे हैं।

भीलवाड़ा नौवें स्थान पर पहुंचा
प्रदेश में भीलवाड़ा एक सप्ताह पहले छठे स्थान पर था, जो घटते श्रमिकों के कारण नौवें स्थान पर चला गया है।

....................
समय बदला लेकिन आदेश नहीं मिला
मनरेगा का समय सुबह ६ से दोपहर २ बजे तक हो गया। आदेश नहीं मिलने से अभी समय नहीं बदला है। आज भी श्रमिक सुबह ९ बजे ही काम पर आए। छाया-पानी की पुख्ता है। जहां नहीं है, वहीं कर दी जाएगी।
सुमन अजमेरा, विकास अधिकारी, सहाड़ा

अब बढ़ेंगे श्रमिक
तापमान में अचानक बढ़ोतरी हुई है। अभी सुबह ९ से शाम ५ बजे तक काम चल रहा है। समय बदलेगा। छाया-पानी की व्यवस्था करते हंै। कुछ महिलाएं व मेट तिरपाल लेकर आते हैं।
पूषालाल खटीक, सरपंच, दरीबा

समय बदला, छाया पानी के दिए निर्देश
मनरेगा का समय सुबह ६ से दोपहर २ बजे का कर दिया गया है। गर्मी को देखते हुए सभी विकास अधिकारियों को छाया, पानी व दवा की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
महेशच्ान्द्र ओझा, एक्सईएन मनरेगा



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2I7nnpU

No comments: