Saturday, 6 April 2019

सूर्य किरण चिकित्सा में तीन रंग होते हैं उपयोगी

रक्त संचार तेज होता है
सूर्य किरण चिकित्सा स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। इस चिकित्सा में 45 से 60 दिन तक सूर्य के प्रकाश से गर्म हुए तेल, पानी, ग्लिसरीन, मिश्री से विभिन्न रोगों का उपचार किया जाता है। पानी में नारंगी, हरा व आसमानी रंग डाला जाता है। इस पानी को धूप में गर्म कर रोगों का उपचार होता है। इससे रक्त संचार तेज होता है। धूप से शरीर में विटामिन डी बनता है जो लकवा, गठिया, टीबी, दमा, चर्म रोग आदि में उपयोगी है।
नारंगी: जोड़ों का दर्द, कफ, अस्थमा में फायदेमंद।
हरा: चेचक, कब्ज व त्वचा रोग में लाभदायक।
आसमानी: अनिद्रा, मानसिक रोग, मस्तिष्क विकार में उपयोगी।
सूर्य स्नान विधि: सिर पर गीला तौलिया लपेटे व तेल मालिश कर धूप लें। इसके बाद धूप में बैठ जाएं। 20-25 मिनट तक पसीना आने दें। सूर्य स्नान लेते समय शरीर को सूखे तौलिये से रगड़ते रहेें। इसके बाद गीले तौलिये से शरीर पोछ लें। धूप लेते समय गीली चादर भी शरीर पर लपेटी जा सकती है। स्किन रोगी केले के पत्तों की चादर लपेटे। एग्जिमा और फोड़े-फु सी की समस्या में आराम मिलता है।

डॉ. किरण गुप्ता, नेचुरोपैथी एक्सपर्ट



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