Sunday, 7 April 2019

राजस्थान में यहां भगवान को लगाते हैं अफीम का भोग और श्रद्धालुओं में बंटता है प्रसाद

बरूंदनी।
अच्छी फसल की कामना को लेकर किसान नई फसल का कुछ हिस्सा निकालकर भगवान के लिए रखते हैं। क्षेत्र के अफीम काश्तकार भी अपनी अफीम की फसल नई फसल में से कुछ हिस्सा भगवान सिंगोली चारभुजा के चढ़ाते हैं। फिर इस अफीम में पानी मिलाकर श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया जाता है।

 

सिंगोली चारभुजा में तीन दिवसीय फूलडोल महोत्सव में निकलने वाली शोभायात्रा के दौरान लोढ़ों का चौक में यह आयोजन होता है जिसे भाग लेने के लिए राजस्थान व मध्यप्रदेश के श्रद्धालु उमड़ते हैं। इस बाद भी शुक्रवार शाम फूलडोल महोत्सव के दूसरे दिन लोढों का चौक में यह आयोजन किया गया और पंरपरानुसार भगवान को अमल का भोग लगाकर प्रसाद वितरित किया गया।


हर फसल का कुछ हिस्सा चढ़ाते हैं भगवान को

काश्तकार अच्छी पैदावार के लिए भगवान सिंगोली चारभुजा से कामना करते हैं कि भगवान अच्छी फसल करना। हर नई फसल में से कुछ हिस्सा सबसे पहले भगवान को चढ़ाते हैं।

गूंजे छोगाला छैल के जयकारे

सिंगोली चारभुजा में तीन दिवसीय वार्षिक फूलडोल महोत्सव में शुक्रवार दोपहर भगवान के बेवाण में श्रद्धालुओं का जन समूह उमड़ पड़ा। रजत बेवाण में विराजित अद्भुत श्रृंगार से श्रृंगारित भगवान के विग्रह की छवि के दर्शन करते ही छोगाला छैल की जय , चारभुजा नाथ की जय के जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो गया । निज मन्दिर से भगवान का रजत बेवाण श्रद्धालु कन्धों पर उठा कर ज्यों ही मुख्य द्वार पर नीचे ले कर आए अभिभूत श्रद्धालुओं ने भगवान पर अबीर गुलाल की वर्षा कर दी।

परंपरानुसार लोढों का चौक में भगवान को नई अमल का भोग लगाया गया। भजन कीर्तन हुए । शोभायात्रा वहां से वापस मेला प्रांगण के मंच पर पहुंची जहां पूजा अर्चना के पश्चात बेवाण को मंच पर विराजित किया गया। बाद में भजन संध्या में लोक भजन गायकों ने अपनी प्रस्तुतियां दी।
21 घंटे बाद निजधाम पहुंचे भगवान

नववर्ष के आगमन से पूर्व मध्य रात्री एक बजे नीम की नवांकुर कोंपलों, काली मिर्च, मिश्री का भोग भगवान को लगा कर उनका प्रसाद हजारों श्रद्धालुओं को वितरित किया गया। भगवान के बेवाण 21 घण्टों के बाद नव वर्ष की प्रभात वेला में शनिवार सुबह 11 बजे निज धाम पहुंचे।

 

 



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