भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में किसानों की जौ, गेहूं, चना और सरसों की खरीद समर्थन मूल्य पर नहीं हो रही है। सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए अधिकारियों से झूठे आंकड़े जारी करवा रही है।
भारद्वाज ने कहा कि सरकार ने एक अप्रेल से गेहूं तथा सरसों की खरीद का दावा किया था पर इतने दिन बीत जाने के बाद भी सरकार पांच प्रतिशत किसानों की उपज को भी समर्थन मूल्य पर नहीं खरीद पाई है। प्रदेश की लगभग हर मंडी में किसान का हाल बेहाल है। कहीं कांटों की संख्या कम है, कहीं लेबर के टेंडर नहीं हुए है तो कहीं जान-बूझकर किसान की उपज को गुणवत्ता के आधार पर रिजेक्ट किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कहीं बारदाना की समस्या है। किसान के स्थान पर मंडी के अधिकारी-कर्मचारी प्राइवेट फर्मों से अनाज की खरीद करवा रहे है। भारद्वाज ने कहा कि ज्यादातर जगह हालात यह है कि किसान के मोबाइल पर खरीद का मैसेज ज्यादा का आ रहा है और जब वो अपनी जींस को लेकर मेडी में जा रहा है तो खरीद कम की हो रही है, जिससे मजबूर किसान अपनी फसल को ओने-पौने दाम पर बिचौलियों को बेचने को मजबूर हो रहा है। जिन थोड़े से किसानों की जींस की खरीद सरकार ने कर भी ली है। हालात ये है कि इतने दिन के बाद भी राजफैड ने उनका भुगतान ही नहीं किया है। वहीं सारी जींसों की खरीद भी एक ही मण्डी में नहीं हो रही है, जिससे किसान को अपनी फसल को बेचने के लिए अलग-अलग शहर में जाना पड़ रहा है।
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