जयपुर। उत्तर भारत कड़ाके की सर्दी की चपेट में है और राजस्थान भी इसे अछूता नहीं है। प्रदेश में नए साल का आगमन भी हल्की बारिश के साथ हो सकता है। उत्तरी भारत में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल क्षेत्र में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका प्रभाव हरियाणा, पंजाब के साथ उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों पर भी पड़ सकता है। इसके चलते यहां एक या दो जनवरी को बादल छाने के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
जयपुर में सर्दी ने शनिवार रात 12 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। यहां न्यूनतम पारा 1.4 डिग्री दर्ज हुआ। शहर के बाहरी इलाकोें में रविवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। प्रदेश में कोहरे के चलते रेल और हवाई यातायात प्रभावित हुआ। जयपुर से अहमदाबाद, बैंकॉक, मुंबई समेत कई शहरों की आधा दर्जन उड़ानों में देरी हुई। करीब एक दर्जन ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ा। ट्रेनें 7 घंटे तक विलंब से चलीं।
सीकर में भी सर्दी ने कहर बरपा रखा है, लेकिन राहत की बात है कि पारा माइनस से प्लस में आ गया है। राजधानी जयपुर, अलवर सहित शेखावाटी क्षेत्र और उत्तरी राजस्थान के क्षेत्रों में तो खेत-खलियान अलसुबह बर्फ की पतली चादर से ढके दिखाई दिए। कई जगह तो पाला पड़ने से फसलें बरबाद हो गई। सीकर के ही फतेहपुर शेखावाटी क्षेत्र में शनिवार को रिकार्ड तोड़ सर्दी पड़ी और पारा माइनस चार तक पहुंच गया।
यही हालात माउंट आबू और जयपुर के जोबनेर क्षेत्र में रहे, जहां रात में पारा माइनस में रहा। जैसलमेर में वर्ष 2013 के बाद अब सबसे तेज सर्दी का रिकॉर्ड टूटा है। वर्ष 2013 में यहां न्यूनतम तापमान 1.7 पर पहुंचा था, जबकि शुक्रवार को 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जैसलमेर जिले के चांधन क्षेत्र में न्यूनतम तापमान -1 डिग्री दर्ज किया गया। उत्तरी राजस्थान में कड़ाके की सर्दी के साथ ही घना कोहरा भी जनजीवन को प्रभावित कर रहा है।
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