Wednesday, 25 December 2019

जयपुर में पचास प्रतिशत से ज्यादा ढक जाएगा सूर्य, खंडग्रास सूर्यग्रहण के रूप में होगा साल का पहला ग्रहण

जयपुर। वर्ष 2019 का तीसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण ( Surya grahan 2019 ) आज दिखाई देगा। यह सूर्य ग्रहण खास होगा, क्योंकि देश के कई हिस्सों में सूर्य रिंग ऑफ फायर की तरह दिखेगा। यह वलयाकार सूर्य ग्रहण ( solar eclipse 2019 ) होगा। यह ग्रहण एक खास खगोलीय घटना होगी। जयपुर में सूर्य चंद्रमा की परछाई से पचास प्रतिशत तक ढक जाएगा। यह साल का तीसरा सूर्यग्रहण है, लेकिन खंडग्रास सूर्यग्रहण के रूप में यह साल का पहला ग्रहण होगा। इससे पहले इस साल 6 जनवरी और 2 जुलाई को आंशिक सूर्यग्रहण लगा था। इस सूर्यग्रहण का असर भारत के दक्षिणी भागों में ज्यादा रहेगा। देश मेंं अलग-अलग समयानुसार (सुबह 8 से दोपहर 12 बजे के मध्य) दिखाई देगा।

यह सूर्य ग्रहण वलयाकार सूर्यग्रहण होगा। सूरज अंगूठी की तरह नजर जाएगा। सूर्य ग्रहण के दौरान सूरज कंकणाकृति बनाएगा। जयपुर में सूर्य ग्रहण सुबह 8 बजकर 13 मिनट मिनट पर शुरू होगा, जो सुबह 10 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। सूर्य ग्रहण करीब 2 घंटा 42 मिनट तक होगा। ग्रहण का सूतक बुधवार रात 8 बजकर 13 मिनट पर लगा। सूर्य ग्रहण के दौरान मंदिरों में सेवा-पूजा नहीं होगी। कई मंदिरों में ठाकुरजी के पट खुले रहेंगे। गोविंददेवजी मंदिर में 26 दिसम्बर को ग्रहणकाल के दौरान सुबह 8 बजे से 11 बजे तक विशेष झांकी के दर्शन हेांगे।

बिरला तारा मंडल के सहायक निदेशक संदीप भट्टाचार्य के अनुसार यह पूर्ण ग्रास सूर्य ग्रहण का ही एक प्रकार है। चंद्रमा और पृथ्वी के बीच की औसत दूरी तीन लाख 84 हजार किलोमीटर है। जब चंद्रमा और पृथ्वी के बीच की दूरी औसत और ज्यादा हो जाती है, तो जब चंद्रमा सूरज को पूरा नहीं ढक पाता है। ऐसी स्थिति में बीच का भाग काला नजर आता है। शहर में केवल 50 फीसदी ग्रहण रहेगा।

सूर्यग्रहण  की विशेष जानकारी देंगे
सूर्य ग्रहण की विस्तृत जानकारी के लिए बीएम बिरला साइंस सेन्टर, स्टेच्यू सर्किल पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की शासन सचिव मुग्धा सिन्हा ने बताया कि वैज्ञानिक व्याख्या से महाविद्यालय एवं विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को इसकी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में वर्ष 2020 में होने वाले सूर्यग्रहण के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।

अन्य देशों में भी दिखाई देगा
26 दिसंबर का यह ग्रहण भारत के साथ पूर्वी यूरोप, एशिया, उत्तरी/पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया और पूर्वी अफ्रीका में दिखाई देगा। हालांकि भारत के महाराष्ट्र सहित अन्य दक्षिणी राज्यों में खंडग्रास सूर्यग्रहण दिखाई देगा। यह सूर्यग्रहण धनु राशि और मूल नक्षत्र में होगा।



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