Sunday, 20 September 2020

तीन माह में झुंझुनूं में सिर्फ 3 तो सिरोही 46 ही आवास हुए मंजूर

जयपुर. कोरोना काल में मजदूरों को रोजगार देने के लिए केन्द्र का गरीब कल्याण रोजगार अभियान प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आवास मंजूरी के अपने लक्ष्य से पिछड़ गया है। करीब चार माह की तय अवधि वाले इस अभियान के तीन माह गुजरने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना—ग्रामीण के तहत महज 29 प्रतिशत ही लक्ष्य पूरे हो पाए हैं।
पिछडेपन की बानगी ऐसी है कि झुंझुनूं जैसे जिले में 297 आवासों की स्वीकृति जारी होनी थी, लेकिन अब तक तीन ही मंजूरियां जारी हुई हैं। जबकि सीकर में भी सिर्फ 46 आवास ही स्वीकृत हुए हैं।
तीन माह गुजरने के बाद भी आवास स्वीकृति में इतनी लेटलतीफी को लेकर अब सरकार ने अभियान के तहत आने वाले 22 जिलों के कलक्टरों के समक्ष नाराजगी जताई है। ग्रामीण विकास के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी कलक्टरों को अविलम्ब स्वीकृति जारी करने के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 20 जून को 125 दिन के इस अभियान की शुरुआत की थी, जिसमें 11 विभिन्न विभागों की योजनाओं के तहत मजदूरों को रोजगार देने का प्रावधान है।

सर्वाधिक आवास मंजूर

जिला— लक्ष्य— स्वीकृति
बांसवाड़ा— 50680—21048
जोधपुर— 27755—13138
डूंगरपुर— 34510—10260

सबसे कम प्रगति

जिला— लक्ष्य— स्वीकृति
झुंझुनूं— 297—3
सीकर — 1113— 46
अलवर— 2971— 135



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