जयपुर।
जयपुर शहर के अलग अलग इलाकों में जलदाय विभाग की कमाल की इंजिनियरिंग देखने को मिल रही है। स्थिति ऐसी है कि कई पेयजल उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने अपने घरों में जलदाय विभाग से कनेक्शन ले रखा है। लेकिन जब इस पेयजल कनेक्शन से पानी की जगह सिर्फ बिल ही आता है। इन उपभोक्ताओं की व्यथा है कि विभाग समस्या का समाधान करने के बजाय औसत बिल भेज देता है जिसे वे भर रहे हैं। क्योंकि एक बार कनेक्शन कटा तो फिर नया कनेक्शन लेने के लिए एडी चोटी का जोर लगाना होगा।
केस—1
प्रताप नगर गोकुल विहार स्थित सी—27ए निवासी रामनारायण शर्मा ने पांच साल पहले पेयजल कनेक्शन लिया था। पानी के इस कनेक्शन से कभी पेयजल आपूर्ति नहीं हुई। लेकिन बिना पानी आए भी ऐसा कभी नहीं हुआ कि जलदाय विभाग ने बिल नहीं भेजा हो। हर महीने 300 रुपए या इससे ज्यादा का बिल भेजा जा रहा है। लेकिन पानी की जरूरत टैंकर से ही पूरी हो रही है। समस्या को लेकर जलदाय विभाग के अफसरों को बताया लेकिन अफसरों ने कोई ठोस कार्रवाही नहीं की। रामनारायण शर्मा का कहना है कनेक्शन इसलिए नहीं कटा रहे क्योंकि एक बार कनेक्शन कट गया तो फिर इसे जुड़वाने के लिए एडी चोटी का जोर लगाना पड़ेगा।
केस—2
इमली फाटक स्थित बी—19 अर्जुनपुरी निवासी प्रवीण सिंह की व्यथा भी कुछ ऐसी है। जलदाय विभाग से इन्होंने पेयजल कनेक्शन ले रखा है। बीते छह महीने से सरकारी नल से न के बराबर पानी आता है। लेकिन विभाग हर महीने 400 रुपए से ज्यादा का बिल भेज रहा है। प्रवीण सिंह भी पानी का टैंकर मंगा कर अपनी पेयजल की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। छह महीने पहले उन्होंने समस्या के समाधान के लिए मानसरोवर स्थित जलदाय विभाग के अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया लेकिन समाधान आज तक नहीं हुआ।
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