जयपुर। Rajasthan chief secretary: राज्य में नौकरशाही के बेड़े के नए मुखिया निरंजन कुमार आर्य होंगे। राज्य सरकार ने शनिवार आधी रात बाद करीब ढ़ाई बजे 21 आईएएस की तबादला सूची ( Rajasthan Ias Transfer List ) जारी कर दी। 10 आईएएस की वरिष्ठता को लांघकर 1989 बैच के आर्य को मुख्य सचिव बनाया है।
केन्द्र की हरी झंडी नहीं मिलने पर निवर्तमान मुख्य सचिव राजीव स्वरूप को रवाना होना पड़ा। आर्य को मुख्य सचिव बनाने के साथ ही उनसे वरिष्ठता में आगे और सचिवालय में सेवा दे रहे तीन IAS अधिकारियों को सचिवालय से बाहर भेज दिया गया है। आर्य को यदि बीच में पद से नहीं हटाया जाता हो तो वे जनवरी 2022 तक सीएस बने रहेंगे।
स्वरूप के सेवा विस्तार को लेकर केन्द्र सरकार की अनुमति का शाम छह बजे तक राज्य सरकार ने इंतजार किया। अंतिम समय तक भी केन्द्र से जवाब नहीं मिलने के बाद सरकार ने तबादलों को लेकर मशक्कत की और बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए रात 2 बजे तबादला सूची जारी की गई। आर्य में वरिष्ठता में जो आईएएस अधिकारी आगे थे, उनमें से अधिकांश सचिवालय से बाहर तैनात थे। वीनू गुप्ता और सुबोध अग्रवाल सचिवालय में तैनात थे, जिन्हें बाहर भेज दिया गया है।
खान का प्रभार भी आर्य को
आर्य सीएस के पद के साथ खान व खनिज निगम के अध्यक्ष पद का भार भी संभालेंगे। कुंजी लाल मीणा को भी पशुपालन के प्रमुख सचिव का अतिरिक्त कार्य सौंपा गया है। वित्त में बड़े बदलाव के तहत दिसंबर 2018 से वित्त राजस्व सचिव की महती जिम्मेदारी निभा रहे पृथ्वीराज के स्थान पर टी रविकांत को लाया गया है।
पत्रिका ने 17 अक्टूबर को ही बता दिया था
सीएस के सेवा विस्तार को लेकर राजस्थान पत्रिका ने 17 और 19 अक्टूबर को ही खबरें प्रकाशित कर बता दिया था कि मुख्य सचिव को केन्द्र सरकार से सेवा विस्तार मिलने की उम्मीद खत्म हो चुकी है। हालांकि इसके बाद भी कुछ मीडिया समूह में इसे लेकर अटकलबाजी खत्म नहीं हुई। इसकी वजह से कुछ मीडिया समूह में अफवाहों पर आधारित खबरें चलती रहीं।
केन्द्रीय मंत्री की सेवा विस्तार नहीं मिलने में रही बड़ी भूमिका
सूत्रों के मुताबिक एक केन्द्रीय मंत्री इस सेवा विस्तार के खिलाफ थे। दरअसल राज्य में सियासी घमासान के दौरान एक केन्द्रीय मंत्री की कथित कॉल रिकॉर्डिंग वायरल हुई। इसके बाद हल्ला मच गया कि केन्द्रीय मंत्री और विधायकों के फोन टैप किए जा रहे हैं। उस वक्त गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर राजीव स्वरूप ही थे।
इस मामले में केन्द्र सरकार ने भी गृह विभाग से जवाब तलब किया। केंद्र सरकार को राज्य के सीएस का सेवाकाल बढ़ाने का सिफारिशी पत्र मिला तो इस पर संबंधित केंद्रीय मंत्री ने भी अपना फीडबैक दिया। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद ही सेवा विस्तार का नामंजूर कर दिया गया।
थोड़ी देर बैठे अपने दफ्तर
राजीव स्वरूप सुबह बतौर मुख्य सचिव एकता दिवस के कार्यक्रम में शामिल हुए। उसके बाद कुछ समय अपने कार्यालय में बैठे और कामकाज निपटाया। इसके बाद वह चले गए। दफ्तर भी छह बजे बंद हो गया। फिर शाम साढ़े छह बजे कार्यालय फिर से खोला गया। लेकिन सीएस के सीएमआर में मौजूद रहने के चलते स्टाफ व अधिकारियों से विदाई लेने के लिए कार्यालय नहीं पहुंचे।
निरंजन कुमार आर्य - मुख्य सचिव
वीनू गुप्ता - अध्यक्ष, राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल
डॉ. सुबोध अग्रवाल - अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक अक्षय उर्जा निगम
राजेश्वर सिंह - अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, राज्य पथ परिवहन निगम
अखिल अरोड़ा - प्रमुख सचिव, वित्त
शिखर अग्रवाल - प्रमुख सचिव जनजाति क्षेत्र विकास
आनंद कुमार- प्रमुख सचिव राजस्व
अजिताभ शर्मा- प्रमुख सचिव खान व पेट्रोलियम
दिनेश कुमार- प्रमुख सचिव उर्जा
राजेश कुमार यादव- प्रमुख सचिव सार्वजनिक निर्माण विभाग
नवीन महाजन- सचिव जल संसाधन जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी
टी रविकांत- सचिव वित्त राजस्व
मंजू राजपाल- सचिव ग्रामीण विकास पंचायती राज
नवीन जैन- सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति
पृथ्वी राज- सचिव वित्त बजट
सिद्धार्थ महाजन- सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य
डॉ. वीना प्रधान- संभागीय आयुक्त अजमेर
डॉ. राजेश शर्मा- सचिव आयुर्वेद
डॉ. आरुषि अजेय मलिक- विशिष्ट सचिव पशुपालन
डॉ. ओमप्रकाश,- आयुक्त कृषि
यज्ञमित्र सिंह देव- प्रबंध निदेशक जेसीटीएसएल
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