Sunday, 25 October 2020

DUSSEHRA 2020 आज मना रहे दशहरा तो इन मुहूर्तों में करें शमी, शस्त्र और देवी अपराजिता की पूजा

जयपुर. तिथि भेद के कारण इस बार दशहरा दो दिन है। जहां 25 अक्टूबर को देश के ज्यादातर भागों में विजयदशमी मनाई जा चुकी है वहीं उदया तिथि के कारण कई जगहों पर दशहरा आज मनाया जाएगा।

ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि दशमी तिथि 25 अक्टूबर 2020 यानि रविवार को सुबह 7 बजकर 42 मिनट को प्रारंभ हुई। दशमी तिथि 26 अक्टूबर सोमवार सुबह 9 बजकर 1 मिनट तक रहेगी। शास्त्रानुसार विजयादशमी पूजन विजयकाल में होती है।

विजयकाल दशमी तिथि में तारा उदय होने के पश्चात होता है। 25 अक्टूबर को ही सायंकाल में दशमी तिथि थी, 26 अक्टूबर 2020 को सायंकाल में एकादशी तिथि है। इस तरह विजयादशमी का विजय काल तो निकल चुका है पर उदया तिथि होने से पर्व की पूजा—पाठ और परंपराएं निभाई जा सकती हैं।

ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार दशहरा पर शस्त्र, शमी और देवी अपराजिता की पूजा करते हैं। दोपहर बाद ईशान दिशा में अपराजिता का पौधा रखकर अपराजिता देवी का आह्वाहन करें.'अपराजितायै नमः'का जाप करते हुए पंचोपचार पूजा करें। आज शमी के पौधे की पूजा भी करनी चाहिए। शमी पर जल चढ़ाना चाहिए और दीपक जलाना चाहिए।

विजयादशमी पर्व 26 अक्टूबर 2020 पूजा के लिए शुभ मुहूर्त
सुबह 6:00 से 7:30 तक
सुबह 9:00 से 10:30 तक
दोपहर 3:31 से 6:41 तक



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