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Friday, 13 November 2020

धनतेरस पर देशभर में लोगों ने खरीदा 20 हजार करोड़ रुपये का सोना, पिछले साल के मुकाबले 33 फीसदी का इजाफा

नई दिल्ली। कोरोना संकट ( Corona Crisis ) के कारण देश की गिरती अर्थव्यवस्था के बीच धनतेरस ( Dhanteras 2020 ) में सोना-चांदी की खरीददारी में भारी इजाफा देखने को मिला। इस विशेष मौके पर ज्वेलर्स को काभी मुनाफा हुआ है। देशभर में धनतेरस के शुभ मुहूर्त पर इस साल सोने की बिक्री पिछले साल के मुकाबले 33 फीसदी से अधिक हुई है।

यदि आंकड़ों की बात करें तो पूरे देश में करीब 20 हजार करोड़ रुपये के सोने की खरीददारी लोगों ने की है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन ( IBJA ) के आंकड़ों के अनुसार, कोरोना संकट के बीच लोगों ने करीब 40 टन यानी कि 20 हजार करोड़ रुपये का सोने की खरीददारी की है।

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सबसे बड़ी बात ये कि पिछले साल सोने की कीमत कम होने के बावजूद इतनी भारी खरीददारी नहीं हो सकी थी, लेकिन इस बार कोरोना संकट और कीमतों में इजाफा होने के बावजूद लोगों ने जमकर खरीददारी की है।

IBJA के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने एक बयान में कहा कि पिछले साल की तुलना में इस साल 33 फीसदी अधिक खरीददारी की गई है। पिछले साल जहां करीब 12,000 करोड़ रुपये का सोना बिका था, वहीं इस साल धनतेरस के इस मौके पर 20,000 करोड़ रुपये का बिका है। पिछले साल 30 टन सोना बिका था, जबकि इस साल 40 टन सोना बिका है।

सोने-चांदी के भाव में बढ़ोतरी

धनतेरस के मौके पर सोने-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद पिछले साल के मुकाबले अधिक खरीददारी देखने को मिली है। आईबीजेए के मुताबिक, शुक्रवार को देशभर में हाजिर बाजार में 24 कैरट शुद्धता के सोने का औसत भाव 50,849 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। जबकि एक दिन पहले इसका भाव 50,702 रुपये प्रति 10 ग्राम था। यह कीमत बिना जीएसटी का है।

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वहीं, 22 कैरट शुद्धता के सोने का औसत भाव देशभर में 50,645 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जबकि एक दिन पहले 50,499 रुपये प्रति 10 ग्राम था।

बता दें कि कोरोना संकट के कारण पिछले सात-आठ महीने से कारोबार बंद था। लोगों में खरीददारी करने की एक इच्छा थी। साथ ही साथ विवाद का सीजन होने के कारण भी धनतेरस पर सोना-चांदी की खरीददारी में इस साल पिछले साल के मुकाबले अधिक उछाल देखी गई।



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Wednesday, 11 November 2020

धनतेरस से एक दिन पहले सोना और चांदी हुआ महंगा, जानिए कितने हुए दाम

नई दिल्ली। धनतेरस से एक दिन पहले सोना और चांदी की कीमत में बढ़त देखने को मिल रही है। वायदा बाजार में सोना मांग बढऩे के कारण महंगा हो रहा है। विदेशी बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमत में तेजी देखने को मिली है। आंकड़ों की मानें तो आज वायदा बाजार में सोना सुबह 9 बजकर 11 मिनट पर 133 रुपए की तेजी के साथ 50,302 रुपए प्रति दस ग्राम पर कारोबार कर रहा है। जबकि चांदी के दाम 84 रुपए प्रति किलोग्राम की तेजी के साथ 62,625 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा है। जबकि आज सोना 50,315 रुपए प्रति दस ग्राम पर खुला था। जबकि चांदी 62,767 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुला था।

अमरीकी बाजारों की बात करें तो सोना 7 डॉलर प्रति ओंस की तेजी के साथ 1868 डॉलर प्रति ओंस पर कारोबार कर रहा है। जबकि चांदी की कीमत 24.36 डॉलर प्रति ओंस पर कारोबार करती हुई दिखाई दे रही है। आपको बता दें कि दुनिया भर में कोरोना वायरस का कहर देखने को मिल रहा है। यूरोप के कुछ देशों में लॉकडाउन भी लगा दिया है। वैसे वैक्सीन की खबरें आने के बाद सोने और चांदी के दाम में कटौती देखने को मिली है।



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Saturday, 7 November 2020

जो बाइडेन के मिडिल क्लास से मिलेनियर बनने की कहानी, जानिए कितनी है दैालत

नई दिल्ली। जो बाइडेन अमरीका के 46वें राष्ट्रपति बनने जा रहे हें। जो बाइडेन को मिडिल क्लास मैन कहा जाए तो कम नहीं होगा, लेकिन देश के नए राष्ट्रपति बनने जा रहे जो मौजूदा समय में करोड़पति है। अपने 2020 के राष्ट्रपति अभियान की शुरुआत में बाइडन ने 2016, 2017 और 2018 के लिए अपनी वित्तीय जानकारी के साथ-साथ राज्य और संघीय कर रिटर्न का खुलासा किया। जिसके आधार पर फोर्ब्स का अनुमान है कि उनकी कुल संपत्ति 9 मिलियन डॉलर है।

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सीनेट से उपराष्ट्रपति बनने इस तरह से बढ़ी सैलरी
सीनेट के रिकॉर्ड के अनुसार जो बाइडेन की सीनेट के तौर पर उनका वेतन 42,500 डॉलर प्रति वर्ष से बढ़कर 1,74,000 डॉलर प्रति वर्ष हुआ। जब उन्हें उपराष्ट्रपति चुना गया, तो उनकी सैलरी में बढ़ोतरी हुई और उनकी सालाना सैलरी लगभग 2,30,000 डॉलर प्रति वर्ष हो गई। हाल ही में आई सीबीएस की रिपोर्ट के अनुसार नवंबर 2009 में जो बाइडन की कुल संपत्ति 30,000 डॉलर से कम थी, लेकिन राष्ट्रपति ओबामा के बाद नंबर दो पर यानी उप राष्ट्रपति पद का कार्यकाल काफी आकर्षक रहा।

जब बाइडेन ने 2019 के जुलाई में अपने वित्तीय खुलासे जारी किए, तो उन्होंने दिखाया कि उन्होंने और उनकी पत्नी जिल ने 2017 और 2018 में 15 मिलियन डॉलर से अधिक की कमाई की थी। विशेष रूप से, बाइडेंस ने 2017 में लगभग 11 मिलियन डॉलर और 2018 में 4.6 मिलियन डॉलर की समायोजित सकल आय की सूचना दी। उसमें से सबसे ज्यादा कमाई फ्लैटरोन बुक्स के साथ बहु-पुस्तक सौदे से आता है, जिसकी कीमत प्रति सप्ताह 8 मिलियन डॉलर प्रति प्रकाशक थी। वहीं एक बड़ी आय अपनी स्पीकिंग स्किल्स से भी अर्जित की।

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बोलने से करते हैं इतनी कमाई
एपी की रिपोर्ट के अनुसार बाइडेन बोलने का शुल्क 100,000 डॉलर है, लेकिन यह 40,000 डॉलर से 1,90,000 डॉलर तक चला जाता था। इसके अतिरिक्त, बाइडेन ने यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिलवेनिया के पेन बिडेन सेंटर फॉर डिप्लोमेसी एंड ग्लोबल एंगेजमेंट में प्रोफेसर के रूप में 5,40,000 डॉलर भी कमाए। फोर्ब्स के अनुसार, डेलावेयर में बाइडेंस के दो घरों की संयुक्त कीमत 4 मिलियन डॉलर है। जानकारी के अनुसार उनके पास नकद और निवेश 4 मिलियन डॉलर या उससे अधिक है। साथ ही 1 मिलियन डॉलर संघीय पेंशन भी है।



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Tuesday, 3 November 2020

मुकेश अंबानी दुनिया के टॉप 10 अमीरों से लिस्ट से बाहर, जानिए क्या रही वजह

नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयरों में लगतार गिरावट आने के कारण मुकेश अंबानी दुनिया के टॉप 10 अमीरों की फोब्र्स लिस्ट से बाहर हो गए हैं। सर्जी ब्रिन और स्टीव बॉल्मर ने उन्हें पछाड़ते हुए 11 वें स्थान पर धकेल दिया है। वास्तव में 2 नवंबर और तीन नवंबर को मिलकार मुकेश अंबानी की संपत्ति में करीब 7 बिलियन से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है। यह गिरावट आरआईएल के शेयरों के लुढ़कने से देखने को मिली है। दूसरी तिमाही नतीजे आने के बाद मुकेश अंबानी की स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 2 नवंबर को 9 फीसदी और 3 नवंबर को 1.40 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी।

मुकेश अंबानी 11 स्थान पर लुढ़के
मुकेश अंबानी जो भारत ही नहीं बल्कि एशिया के सबसे अमीर इंसान अब वो दुनिया की टॉप 10 की सूची से बाहर हो गए हैं। अब वो 11 वें स्थान पर हैं और उनकी संपत्ति 70.1 बिलियन डॉलर हो गई है। जबकि गूगल के को-फाउंडर सर्जी ब्रिन 71 बिलियन डॉलर के साथ 9 वें पायदान हैं। जबकि माइक्रोसॉफ्ट के स्टीव बॉल्मर 10वें पायदान पर आ गए हैं। उनकी संपत्ति 70.7 बिलियन डॉलर हो गई हैं। इससे पहले मुकेश अंबानी 2 नवंबर को चार पायदान खिसकर 9 वें पायदान पर आ गए थे।

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कोई खास अंतर नहीं
सर्जी ब्रिन, स्टीव बॉल्मर और मुकेश अंबानी की संपत्ति में खास अंतर नहीं है। अगर आज यानी बुधवार को आरआईएल के शेयरों में लिवाली देखने को मिलती है और शेयर 2 फीसदी की तेजी के साथ बंद होते हैं तो अंबानी दोनों पीछे भी धकेल सकते हैं। वहीं दूसरी ओर अमरीकी यूएस इलेक्शन रिजल्ट भी जारी है। ऐसे में अमरीकी बाजारों में भी हलचल देखने को मिल सकती है। अगर ट्रंप ने बाजी मारी तो बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है। वर्ना बाइडन के जीतने पर बाजार गिर सकता है। ऐसे में विदेशी उद्योगपतियों की संपत्ति आज के विदेशी बाजारों के रुख पर ही तय करेगी।

अच्छे नहीं रहे मुकेश अंबानी के कुछ दिन
कंपनी के शेयरों में गिरावट का सिलसिला 12 अक्टूबर से शुरू हुआ उससे पहले 9 अक्टबर को कंपनी का शेयर 2,236.60 रुपए पर बंद हुआ था। जबकि मंगलवार को कंपनी का शेयर 1849.45 रुपए पर बंद हुआ। ऐसे में 17 कारोबारी दिन में कंपनी के शेयर में 387.15 रुपए की गिरावट देखने को मिली है। जबकि मंगलवार और बुधवार को मिलाकर कंपनी के शेयर में 204.90 रुपए की गिरावट देखने को मिल चुकी है।

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सप्ताह दर सप्ताह कंपनी के मार्केट कैप में गिरावट
- 26 से 30 अक्टूबर के बीच कंपनी के मार्केट कैप में 39,355.06 करोड़ रुपए की गिरावट।
- 19 से 23 अक्टूबर के बीच कंपनी के मार्केट कैप में 23 42,567.02 करोड़ रुपए की गिरावट।
- 12 से 16 अक्टूबर के बीच कंपनी के मार्केट कैप में 39,355.06 करोड़ रुपए की गिरावट।
- अक्टूबर के आखिरी 15 कारोबारी दिनों में कंपनी के मार्केट कैप में 1,21,277.14 करोड़ रुपए का नुकसान।
- जबकि नवंबर के पहले कारोबारी दिन कंपनी के मार्केट में 1,19,721.88 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है।
- अक्टूबर से अब तक कंपनी के मार्केट में 2.50 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है।



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फटाफट जानिए कितने हो गए हैं आपके शहर में पेट्रोल और डीजल के दाम

नई दिल्ली। 4 नवंबर को एक बार फिर से पेट्रोल और डीजल की कीमत में कोई फेरबदल देखने को नहीं मिला है। देश के चारों महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमत में स्थिरता देखने को मिल रही है। पहले बात पेट्रोल की कीमत की करें तो 43 दिन से कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। जबकि डीजल की कीमत में 2 अक्टबर से दाम स्थिर हैं। जानकारों की मानें तो इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमत में अस्थिरता देखने को मिल रही है। जिसकी वजह से ऑयल कंपनियां पेट्रोल और डीजल की कीमत में किसी तरह के बदलाव के मूड में नहीं है।

डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं
आईओसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के चारों महानगरों में डीजल कीमत 33 दिन से कोई बदलाव नहीं हुआ है। आखिरी बार 2 अक्टूबर को डीजल की कीमत में 6 से 7 पैसे प्रति लीटर की कटौती देखने को मिली थी। जिसके बाद देश की राजधानी दिल्ली और मुंबई में डीजल के दाम में 7 पैसे प्रति कम हुए थे। जिसके बाद दोनों महानगरों में डीजल के दाम क्रमश: 70.46 रुपए और 76.86 रुपए प्रति लीटर हो गए थे। जबकि कोलकाता और चेन्नई में डीजल के दाम में 6 पैसे प्रति लीटर की गिरावट देखने को मिली थी। जिसके बाद दोनों महानगरों में दाम क्रमश: 73.99 रुपए और 75.95 रुपए प्रति लीटर हो गए थे।

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पेट्रोल की कीमत में स्थिरता जारी
आईओसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के चारों महानगरों में बुधवार को पेट्रोल की कीमत में लगातार 41 वें दिन भी स्थिरता देखने को मिली है। आखिरी बार पेट्रोल की कीमत में गिरावट 22 सितंबर को देखने को मिली थी। उस दिन देश की राजधानी दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में पेट्रोल 8 पैसे प्रति लीटर सस्ता हुआ था। जिसके बाद तीनों महानगरों में पेट्रोल 81.06, 82.59 और 87.74 रुपए प्रति लीटर हो गए थे। वहीं चेन्नई में पेट्रोल की कीमत में 7 पैसे प्रति लीटर की गिरावट देखने को मिली थी। जहां दाम 84.14 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं। आज भी आपको वहीं दाम चुकाने होंगे।

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Sunday, 1 November 2020

रेलवे ने तोड़े कमाई के सारे रिकॉर्ड, पिछले साल से अक्टूबर में 10 फीसदी बढ़ी कमाई

नई दिल्ली। कोरोना काल में भारतीय रेलवे ने सराहनीय काम किया है। जिसका फल भी उसे मिल रहा है। कोरोना काल के बावजूद रेलवे की कमाई सभी रिकॉर्ड तोड़ रही है। खासकर माल ढुलाई से होने वाली कमाई में। पैसेंजर टिकट में अभी कोई खास फर्क देखने को नहीं मिला है। ऐसे में कंपनी को कमाई का सहारा माल ढुलाई ही है। अगर तुलना पिछले साल से करें तो इस साल अक्टूबर में माल ढुलाई में 15 फीसदी की तेजी और उससे होने वाली कमाई में 10 फीसदी तक का इजाफा देखने को मिला है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर रेलवे की ओर से किस तरह के आंकड़े देखने को मिले हैं।

माल ढुलाई 15 फीसदी ज्यादा
कोरोना महामारी के बावजूद अक्टूबर 2020 में भारतीय रेल ने माल ढुलाई और कमाई की रफ्तार बनाए रखते हुए, पिछले साल की इसी अवधि की ढुलाई और कमाई के आंकड़े को पार कर लिया। रेलवे मंत्रालय ने रविवार को एक बयान में कहा कि अक्टूबर में रेलवे ने कुल 10.816 करोड़ टन लोड दर्ज किया, जो पिछले साल के 9.375 करोड़ टन के मुकाबले 15 फीसदी अधिक है।

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इतनी हुई कमाई
बयान में कहा गया कि इस अवधि के दौरान रेलवे ने माल ढुलाई से 10,405.12 करोड़ रुपये कमाए, जो पिछले साल की 9,536.22 करोड़ रुपये की आय की तुलना में 868.90 करोड़ रुपए करीब 10 फीसदी अधिक है। 10.816 करोड़ टन लोड में 4.697 करोड़ टन कोयला, 1.468 करोड़ टन लौह अयस्क, 50.3 लाख टन खाद्यान्न, 59.3 लाख टन उर्वरक और 66.2 लाख टन सीमेंट क्लिंकर को छोड़कर शामिल है।

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रेलवे दे रहा है छूट
रेल द्वारा माल ढुलाई को बहुत ही आकर्षक बनाने के लिए कई रियायतें और छूट प्रदान की जाती हैं। मंत्रालय ने कहा कि माल ढुलाई में सुधार को संस्थागत रूप दिया जाएगा। नए व्यवसाय को आकर्षित करने और मौजूदा ग्राहकों को प्रोत्साहित करने के लिए, रेल मंत्रालय ने लोहा और इस्पात, सीमेंट, बिजली, कोयला, ऑटोमोबाइल क्षेत्रों और रसद सेवा प्रदाताओं के शीर्ष नेताओं के साथ बैठकें की हैं।



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बंदरगाह से आपके हाथों तक पहुंचते-पहुंचते 20 से 25 रुपए महंगा हो जाता है विदेशी प्याज, जानिए क्या है गणित

नई दिल्ली। जब घरेलू स्तर पर प्याज की कमी पड़ जाए जो विदेशी प्याज ही एक सहारा बचता है। बीते दो सालों से भारत में कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। पिछली सर्दियों में भी घरेलू प्याज की आवक कम होने से कीमत 100 रुपए से 150 रुपए और ज्यादा हो गई थी। जिसके बाद विदेशी प्याज की वजह से कीमत में थोड़ी राहत मिली थी। इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है, लेकिन फिर भी प्याज की कीमत आम लोगों की पहुंच से थोड़ा दूर ही है। अब भी बाजारों में विदेशी प्याज 60 से 70 रुपए प्रति किलोग्राम पर है। वास्तव में विदेशी प्याज बंदरगाह पर उतरने और आम लोगों के घर तक पहुंचने में 20 रुपए से 25 रुपए तक महंगा हो जाता है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर इस पूरा गणित क्या है?

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बंदरगाह पर पहुंचते ही कितने होते हैं प्याज के दाम
हॉर्टिकल्चर प्रोड्यूस एक्सपोट्र्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजित शाह के आंकलन के अनुसार आयातित प्याज का लागत मूल्य मुंबई पोर्ट पर करीब 40 से 45 रुपए प्रति किलो पड़ता है। इसमें जिस देश से प्याज मंगाई गई है उसका मूल्य तो ही है, साथ ही इसमें पानी के जहाज वो किराया भी शामिल होता है, जिसमें प्याज का एक देश से दूसरे देश का ट्रांसपोर्टेशन किया गया है। विदेशी प्याज बल्क में आती है, ऐसे में पूरे कैल्कुनेशन को प्याज की कीमत में जोड़ दिया जाता है, जिसके बाद पोर्ट पर उतरने के बाद प्याज की कीमत डिसाइड होती है।

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पोर्ट से मंडियों तक पहुंचते ही बदलती है कीमत
उसके बाद दूसरा चरण शुरू होता है पोर्ट से मंडियों तक का। मुंबई पोर्ट से देश के दूसरे राज्यों में प्याज की भेजी जाती है। जिसका ट्रांसपोर्टेशन लागत भी काफी मायने रखता है। कौन का स्टेट मुंबई पोर्ट से नजदीक है। वो भी काफी अहम है। आजादपुर मंडियों के प्याज के आढ़तियों की मानें तो विदेशी प्याज ट्रकों के माध्यम से आती हैं। अगर मुंबई से दिल्ली के तक सफर की बात करें तो डीजल की मौजूदा कीमत के हिसाब से प्रति किलो प्याज पर ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा 10 से 15 रुपए प्रति किलो कम से कम पड़ता है। यानी मंडी में पहुंचते ही प्याज की कीमत 50 से 60 रुपए प्रति किलो तक हो जाती है।

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मंडी से खुदरा कारोबारी तक
उसके बाद विदेशी प्याज का सफर मंडी से खुदरा कारोबारी की दुकान और ठेले तक शुरू होता है। खुदरा कारोबारियों की मानें तो पहले ही प्याज काफी महंगा मिल रहा है। उसके बाद उसका ट्रांसपोर्टेशन अपने इलाके तक लेकर आने में खर्चा लगता ही है। अगर आजादपुर मंडी से मॉडल टाउन या फिर अशोक विहार तक की करें तो खुदरा कारोबार उसमें 5 रुपए प्रति किलोग्राम तक ट्रांसपोर्टेशन चार्ज वसूलते हैं। जिसके बाद खुदरा की दुकानों तक पहुंचने के बाद प्याज की कीमत 55 रुपए से 65 रुपए तक पहुंच जाती है।

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उपभोक्ताओं को पड़ रहा 70 रुपए विदेशी प्याज
उपभोक्ताओं के हाथों में प्याज आते-आते 70 रुपए के आसपास हो जाता है। इसकी एक वजह यह भी है कि खुदरा कारोबारी इसमें मौजूदा समय में खूब मुनाफावसूली कर रहे हैं। मुनाफावसूली का मतलब मुनाफा कमा रहे हैं। जानकारों की मानें तो यह इलाके पर भी डिपेंड करता है। अगर दुकान वीवीआईपी इलाके में हैं तो प्याज की कीमत 75 रुपए प्रति किलो के आसपास भी मुमकिन है। वहीं साधारण इलाकों में प्याज की कीमत 65 रुपए से 70 रुपए प्रति किलोग्राम के आसपास भी है।

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स्थानीय आवक से कम होंगे प्याज के दाम
अजित शाह के अनुसार विदेशी प्याज आने से कीमतों में वृद्धि पर फिलहाल लगाम लग गया है, लेकिन प्याज के दाम में गिरावट तभी आएगी, जब नई फसल की आवक बढ़ेगी। अगर प्याज का आयात नहीं होता तो दाम आसमान चढ़ जाता। आजादपुर मंडी पोटैटो ऑनियन मर्चेट एसोसिएशन यानी पोमा के जनरल सेक्रेटरी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि राजस्थान से प्याज की नई फसल की आवक होने लगी है। हालांकि, नई फसल की आवक अभी कम हो रही है।



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आ गए Petrol और Diesel के फ्रेश Price, जानिए आपके शहर में कितने हो गए हैं दाम

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की कीमत में आज फिर कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। देश के चारों महानगरों के लोगों को डीजल के 31 दिन पुराने और पेट्रोल के 41 दिन पुराने दाम चुकाने होंगे। डीजल की कीमत में 2 अक्टूबर से कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। वहीं दूसरी ओर पेट्रोल की कीमत भी 22 सितंबर के बाद से लगातार स्थिर है। जानकारों की मानें तो इंटानेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमत में अस्थिरता के कारण घरेलू ऑयल कंपनियों की ओर से पेट्रोल और डीजल की कीमत में स्थिरता का रुख अपनाया हुआ है। ऐसा तब भी देखने को मिला था जब मार्च के महीने में भारत में लॉकडाउन लगाया गया था। आइए आपको भी बताते हैं आज देश के चारों महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमत कितनी चुकानी होगी।

डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं
आईओसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के चारों महानगरों में डीजल कीमत 31 दिन से कोई बदलाव नहीं हुआ है। आखिरी बार 2 अक्टूबर को डीजल की कीमत में 6 से 7 पैसे प्रति लीटर की कटौती देखने को मिली थी। जिसके बाद देश की राजधानी दिल्ली और मुंबई में डीजल के दाम में 7 पैसे प्रति कम हुए थे। जिसके बाद दोनों महानगरों में डीजल के दाम क्रमश: 70.46 रुपए और 76.86 रुपए प्रति लीटर हो गए थे। जबकि कोलकाता और चेन्नई में डीजल के दाम में 6 पैसे प्रति लीटर की गिरावट देखने को मिली थी। जिसके बाद दोनों महानगरों में दाम क्रमश: 73.99 रुपए और 75.95 रुपए प्रति लीटर हो गए थे।

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पेट्रोल की कीमत में स्थिरता जारी
आईओसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के चारों महानगरों में बुधवार को पेट्रोल की कीमत में लगातार 41 वें दिन भी स्थिरता देखने को मिली है। आखिरी बार पेट्रोल की कीमत में गिरावट 22 सितंबर को देखने को मिली थी। उस दिन देश की राजधानी दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में पेट्रोल 8 पैसे प्रति लीटर सस्ता हुआ था। जिसके बाद तीनों महानगरों में पेट्रोल 81.06, 82.59 और 87.74 रुपए प्रति लीटर हो गए थे। वहीं चेन्नई में पेट्रोल की कीमत में 7 पैसे प्रति लीटर की गिरावट देखने को मिली थी। जहां दाम 84.14 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं। आज भी आपको वहीं दाम चुकाने होंगे।

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Saturday, 31 October 2020

इन सात कारणों से आलू हुआ महंगा, जल्द गिर सकते हैं दाम

नई दिल्ली। चीन के बाद भारत दुनिया का सबसे बड़ा आलू उत्पादक है, लेकिन विगत कुछ महीने से देश में इसकी कीमतों में बेतहाशा वृद्धि होने के कारण अब आयात करना पड़ रहा है। आलू की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए भूटान से आलू मंगाया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने भूटान से 31 जनवरी 2021 तक बगैर लाइसेंस के 10 लाख टन आलू टेरिफ रेट कोटे के तहत 10 फीसदी आयात शुल्क पर आयात करने की अनुमति दी है।मगर, बड़े उत्पादकों में शुमार होने के बावजूद आलू की आपूर्ति का टोटा पड़ जाने से इस समय देश में आलू के दाम आसमान पर चढ़ गए हैं। देश के कई शहरों में आलू का खुदरा भाव 50 रुपए प्रति किलो के उपर चला गया है।

आलू की कीमत बढ़ने के सात कारण
1. देश में आलू के सबसे बड़े उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में बीते फसल वर्ष 2019-20 की रबी सीजन में आलू उत्पादन उम्मीद से कम रहा।

2. पिछले साल सितंबर और अक्टूबर में बारिश होने से बुवाई देर से हुई और फसल का रकबा भी उम्मीद से कम रहा।

3. फरवरी में बारिश होने से प्रति हेक्टेयर पैदावार पर असर पड़ा जिसके चलते यूपी में उत्पादन 160 लाख टन के मुकाबले 140 लाख टन से भी कम रहा।

4. इस साल रबी सीजन के आलू की हार्वेस्टिंग के दौरान बाजार में आलू का भाव अपेक्षाकृत तेज होने और दक्षिण भारत में आलू की मांग रहने के कारण उत्तर प्रदेश के कोल्ड स्टोरेज में आलू का भंडारण ज्यादा नहीं हो पाया जिसके चलते इस समय आलू की आपूर्ति की कमी बनी हुई है।

5. उत्तर प्रदेश के कोल्ड स्टोरेज में आलू का भंडारण इस साल 98.2 लाख टन हुआ।

6. करीब 15 लाख टन अभी बचा हुआ है, इसलिए नवंबर तक आलू की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आएगी जबकि नवंबर के आखिर में नई फसल भी उतर जाएगी।

7. देश में सबसे ज्यादा आलू उत्पादक राज्यों में उत्तर प्रदेश के बाद पश्चिम बंगाल और बिहार क्रमश: दूसरे और तीसरे नंबर पर आता हैं, जहां रबी सीजन में ही आलू का उत्पादन होता है, मगर इन दोनों राज्यों में भी आलू के दाम में काफी वृद्धि हुई, जिसकी वहज आपूर्ति में कमी है।

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क्या कहते हैं जानकार

'उत्तर भारत में इस साल मानसून के आखिरी दौर में ज्यादा बारिश नहीं होने से आलू की फसल जल्दी लगी है और आवक भी नवंबर में शुरू हो जाएगी, जिसके बाद कीमतें नीचे आ सकती है। उन्होंने कहा कि घरेलू फसल की आवक बढऩे पर ज्यादा आयात करने की जरूरत नहीं होगी।'
- डॉ. मनोज कुमार, कार्यकारी निदेशक, केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान


'आलू का आयात होने की संभावना कम है। विदेशों से आलू का आयात करीब 350 डॉलर प्रति टन के भाव पड़ेगा, जिस पर 10 फीसदी आयात शुल्क जोडऩे के बाद करीब 28 रुपये प्रति किलो तक पड़ेगा, जबकि देश में इस समय आलू का थोक भाव 28 से 30 रुपये किलो है। ऐसे में आयात की संभावना कम है।'

- अजित शाह, अध्यक्ष, हॉर्टिकल्चर प्रोड्यूस एक्सपोटर्स एसोसिएशन

 

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Gold Rate : अमरीकी चुनाव के नतीजों से पहले अक्टूबर में कितने हुए सोने और चांदी के दाम

नई दिल्ली। नवंबर का महीना शुरू हो चुका है, जोकि भारत और अमरीका के लिहाज के काफी अहम है। अमरीका में नवंबर का पहला सप्ताह यह तय कर देगा कि अमरीका में अगला प्रेसीडेंट कौन होगा? वहीं दूसरी ओर भारत में करवाचौथ से लेकर छठी मैया की पूजा तक त्योहारों का मौसम रहेगा। खास बात तो ये है कि सोना और चांदी की कीमत किस ओर जाएंगी। यह देखना दिलचस्प रहेगा। अगर अक्टूबर की बात तो पूरे महीने में सोने की कीमत में 365 रुपए की तेजी देखने को मिली है। जबकि चांदी के दाम 900 रुपए से ज्यादा बढ़े हैं। जबकि बीते एक सप्ताह में सोना और चांदी दोनो के दाम में गिरावट देखने को मिली है।

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पहले बात सोने की
- 23 अक्टूबर को सोने की कीमत थी 50,839 रुपए प्रति 10 ग्राम।
- 30 अक्टूबर को सोने की कीमत थी 50,699 रुपए प्रति 10 ग्राम।
- एक हफ्ते में सोना 140 रुपए प्रति दस ग्राम हुआ सस्ता।
- 30 सितंबर को सोने की कीमत थी 50,334 रुपए प्रति 10 ग्राम।
- एक महीने में सोना 365 रुपए प्रति दस ग्राम हुआ महंगा।

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चांदी की कीमत
- 23 अक्टूबर को चांदी की कीमत थी 62,449 रुपए प्रति किलोग्राम।
30 अक्टूबर को चांदी की कीमत थी 60,865 रुपए प्रति किलोग्राम।
- एक हफ्ते में चांदी की कीमत में आई 1584 रुपए प्रति किलोग्राम की गिरावट।
- 30 सितंबर को को चांदी की कीमत थी 59,919 रुपए प्रति किलोग्राम।
- एक महीने में चांदी की कीमत में आई 946 रुपए प्रति किलोग्राम की तेजी।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

नवंबर का पहला हफ्ता सोने और चांदी की कीमत के लिए काफी अहम हैं। अमरीकी प्रेसीडेंशियल इलेक्शन का रिजल्ट सोना और चांदी दोनों ही की कीमत में इजाफा कर सकते हैं। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर बात करें तो मौजूदा समय में भारत में सोना और चांदी टूटा हुआ है। ऐसे में यह सही समय हैं गोल्ड और सिल्वर में इंवेस्ट करने का। आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमत में 5 फीसदी की तेजी देखने को मिल सकती है।
- अजय केडिया, डायरेक्टर, केडिया एडवाइजरी


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Petrol Diesel Price Today : फटाफट जानिए कितने हो गए हैं आपके शहर में दाम

नई दिल्ली। Petrol Diesel Price Today : पेट्रोल और डीजल की कीमत में आज फिर से शांति देखने को मिली है। इस मतलब ये है कि पेट्रोल और डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। पहले बात डीजल की कीमत करें तो लगातार 30 दिन से दाम स्थिर हैं। जबकि पेट्रोल की कीमत कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। देश के चारों महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमत में स्थिरता देखने को मिली हैै। डीजल के दाम 2 अक्टूबर से स्थिर है। जबकि पेट्रोल की कीमत में बीते 40 दिन से कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। आइए आपको भी बताते हैं आज देश के चारों महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमत कितनी चुकानी होगी।

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डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं
आईओसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के चारों महानगरों में डीजल कीमत 30 दिन से कोई बदलाव नहीं हुआ है। आखिरी बार 2 अक्टूबर को डीजल की कीमत में 6 से 7 पैसे प्रति लीटर की कटौती देखने को मिली थी। जिसके बाद देश की राजधानी दिल्ली और मुंबई में डीजल के दाम में 7 पैसे प्रति कम हुए थे। जिसके बाद दोनों महानगरों में डीजल के दाम क्रमश: 70.46 रुपए और 76.86 रुपए प्रति लीटर हो गए थे। जबकि कोलकाता और चेन्नई में डीजल के दाम में 6 पैसे प्रति लीटर की गिरावट देखने को मिली थी। जिसके बाद दोनों महानगरों में दाम क्रमश: 73.99 रुपए और 75.95 रुपए प्रति लीटर हो गए थे।

पेट्रोल की कीमत में स्थिरता जारी
आईओसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के चारों महानगरों में बुधवार को पेट्रोल की कीमत में लगातार 40 वें दिन भी स्थिरता देखने को मिली है। आखिरी बार पेट्रोल की कीमत में गिरावट 22 सितंबर को देखने को मिली थी। उस दिन देश की राजधानी दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में पेट्रोल 8 पैसे प्रति लीटर सस्ता हुआ था। जिसके बाद तीनों महानगरों में पेट्रोल 81.06, 82.59 और 87.74 रुपए प्रति लीटर हो गए थे। वहीं चेन्नई में पेट्रोल की कीमत में 7 पैसे प्रति लीटर की गिरावट देखने को मिली थी। जहां दाम 84.14 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं। आज भी आपको वहीं दाम चुकाने होंगे।

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Wednesday, 28 October 2020

Petrol Diesel Price Today : फटाफट देखिण् कितने हो गए हैं आपके शहर में दाम

नई दिल्ली। Petrol Diesel Price Today : पेट्रोल और डीजल की कीमत में आज फिर से शांति देखने को मिली है। देश के चारों महानगरों में लगातार 27 बाद भी कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। जबकि पेट्रोल की कीमत में भी 37 दिन के बाद भी स्थिरता के दौर में है। पेट्रोल की कीमत में आखिरी बार बदलाव 22 सितंबर को देखने को मिला था। आज भी देश के चारों महानगरों के लोगों को वहीं दाम चुकाने पड़ेंगे जो वो इन तारीखों से चुकाते हुए आ रहे हैं। आइए आपको भी बताते हैं कि आपको आज पेट्रोल और डीजल के कितने दाम चुकानें होंगे।

डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं
आईओसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के चारों महानगरों में डीजल कीमत 27 दिन से कोई बदलाव नहीं हुआ है। आखिरी बार 2 अक्टूबर को डीजल की कीमत में 6 से 7 पैसे प्रति लीटर की कटौती देखने को मिली थी। जिसके बाद देश की राजधानी दिल्ली और मुंबई में डीजल के दाम में 7 पैसे प्रति कम हुए थे। जिसके बाद दोनों महानगरों में डीजल के दाम क्रमश: 70.46 रुपए और 76.86 रुपए प्रति लीटर हो गए थे। जबकि कोलकाता और चेन्नई में डीजल के दाम में 6 पैसे प्रति लीटर की गिरावट देखने को मिली थी। जिसके बाद दोनों महानगरों में दाम क्रमश: 73.99 रुपए और 75.95 रुपए प्रति लीटर हो गए थे।

पेट्रोल की कीमत में स्थिरता जारी
आईओसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के चारों महानगरों में बुधवार को पेट्रोल की कीमत में लगातार 37 वें दिन भी स्थिरता देखने को मिली है। आखिरी बार पेट्रोल की कीमत में गिरावट 22 सितंबर को देखने को मिली थी। उस दिन देश की राजधानी दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में पेट्रोल 8 पैसे प्रति लीटर सस्ता हुआ था। जिसके बाद तीनों महानगरों में पेट्रोल 81.06, 82.59 और 87.74 रुपए प्रति लीटर हो गए थे। वहीं चेन्नई में पेट्रोल की कीमत में 7 पैसे प्रति लीटर की गिरावट देखने को मिली थी। जहां दाम 84.14 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं। आज भी आपको वहीं दाम चुकाने होंगे।



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Tuesday, 27 October 2020

Gold Rate Today : करवाचौथ से पहले खरीदें सोना और चांदी के गहने, जानिए कितना हो गया है सस्ता

नई दिल्ली। आज बुधवार को वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। खास बात तो ये है कि कुछ ही दिनों में करवाचौथ आने वाला है। ऐसे में अपने पार्टनर के लिए सोना और चांदी का गहना खरीदने का यह अच्छा मौका दिखाई दे रहा है। जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमत में और कटौती देखने को मिल सकती है।

पहले बात सोने की करें तो मौजूदा समय में सोने की कीमत में 101 रुपए प्रति दस ग्राम की गिरावट देखने को मिल रही है। जिसकी वजह से सोना 50,860 रुपए की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। जबकि आज सोना हल्की बढ़त के साथ 51065 रुपए प्रति दस ग्राम पर खुला था। जबकि मंगलवार रात को सोना 50,961 रुपए प्रति दस ग्राम पर बंद हुआ था।

वहीं बात चांदी की करें तो उसमें बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। वायदा बाजार के आंकड़ों के अनुसार चांदी 314 रुपए की गिरावट के साथ 61967 रुपए प्रति किलोग्राम पर करोबार कर रही है। जबकि आज चांदी गिरावट के साथ 62060 रुपए प्रति किलोग्राम के साथ खुली थी। जबकि मंगलवार रात को चांदी के दाम 62281 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुए थे।



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Petrol Diesel Price Today: जानिए आज आपके शहर में कितनी हो गई है कीमत

नई दिल्ली। Petrol Diesel Price Today : पेट्रोल और डीजल की कीमत में आज फिर से कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। देश के चारों महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमत में स्थिरता देखने को मिली हैै। डीजल के दाम 2 अक्टूबर से स्थिर है। जबकि पेट्रोल की कीमत में 22 सितंबर से कोई बदलाव नहीं हुआ है। आज भी देश के चारों महानगरों के लोगों को वहीं दाम चुकाने पड़ेंगे जो वो इन तारीखों से चुकाते हुए आ रहे हैं। आइए आपको भी बताते हैं कि आपको आज पेट्रोल और डीजल के कितने दाम चुकानें होंगे।

डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं
आईओसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के चारों महानगरों में डीजल कीमत 26 दिन से कोई बदलाव नहीं हुआ है। आखिरी बार 2 अक्टूबर को डीजल की कीमत में 6 से 7 पैसे प्रति लीटर की कटौती देखने को मिली थी। जिसके बाद देश की राजधानी दिल्ली और मुंबई में डीजल के दाम में 7 पैसे प्रति कम हुए थे। जिसके बाद दोनों महानगरों में डीजल के दाम क्रमश: 70.46 रुपए और 76.86 रुपए प्रति लीटर हो गए थे। जबकि कोलकाता और चेन्नई में डीजल के दाम में 6 पैसे प्रति लीटर की गिरावट देखने को मिली थी। जिसके बाद दोनों महानगरों में दाम क्रमश: 73.99 रुपए और 75.95 रुपए प्रति लीटर हो गए थे।

पेट्रोल की कीमत में स्थिरता जारी
आईओसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के चारों महानगरों में बुधवार को पेट्रोल की कीमत में लगातार 36 वें दिन भी स्थिरता देखने को मिली है। आखिरी बार पेट्रोल की कीमत में गिरावट 22 सितंबर को देखने को मिली थी। उस दिन देश की राजधानी दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में पेट्रोल 8 पैसे प्रति लीटर सस्ता हुआ था। जिसके बाद तीनों महानगरों में पेट्रोल 81.06, 82.59 और 87.74 रुपए प्रति लीटर हो गए थे। वहीं चेन्नई में पेट्रोल की कीमत में 7 पैसे प्रति लीटर की गिरावट देखने को मिली थी। जहां दाम 84.14 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं। आज भी आपको वहीं दाम चुकाने होंगे।



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Monday, 26 October 2020

Gold Rate Today: दहशरे के बाद सोना और चांदी हुआ महंगा, जानिए कितने हो गए हैं दाम

नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमत में उतार चढ़ाव का दौर देखने को मिल रहा है। मंगलवार को सोने और चांदी की कीमत में तेजी देखने को मिल रही है। जहां सोना बाजार खुलते ही 51 हजार को क्रॉस कर रहा ह। वहीं दूसरी ओर चांदी की कीमत 62 हजार रुपए प्रति किलोग्राम से ज्यादा हो गए हैं। जानकारों की मानें तो वैश्विक रूप से कोरोना वायरस का असर दिखने के अलावा अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव के कारण सोने और चांदी के दाम में असर जारी रह सकता है। आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमत में और तेजी देखने को मिल सकती है।

पहले बात सोने की करें तो मौजूदा समय में सोने की कीमत 155 रुपए प्रति दस ग्राम की तेजी के साथ 51085 रुपए प्रति दस ग्राम पर कारोबार कर रहा है। जबकि आज सोना 51065 रुपए प्रति दस ग्राम पर खुला। वहीं सोमवार को भी सोना 80 रुपए की तेजी के साथ 50930 रुपए प्रति दस ग्राम पर बंद हुआ था।

दूसरी ओर चांदी के दाम में तेजी देखने को मिल रही है। मौजूदा समय में 550 रुपए की तेजी के साथ चांदी 62456 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है। जबकि आज चांदी 62341 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुली थी। जबकि सोमवार को चांदी 61906 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।



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Petrol Diesel Price Today : फटाफट जानिए आपके शहर में कितने हो गए हैं दाम

नई दिल्ली। Petrol Diesel Price Today : डीजल की कीमत में 25 दिन से शांति देखने को मिल रही है। वहीं पेट्रोल की कीमत में यह आंकड़ा 35 दिन का पहुंच गया है। जहां डीजल के दाम में आखिरी बार 2 अक्टूबर को बदलाव देखने को मिला था, वहीं पेट्रोल के दाम में 22 सितंबर को आखिरी बाद हुआ था। वैसे आज भी देश के चारों महानगरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में इसी तरह का सिलसिला जारी रह सकता है। आइए आपको भी बताते हैं कि आज आपको पेट्रोल और डीजल की कीमत कितनी चुकानी होगी।

डीजल की कीमत में स्थिरता जारी
आईओसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के चारों महानगरों में डीजल कीमत 25 दिन से कोई बदलाव नहीं हुआ है त्र। आखिरी बार 2 अक्टूबर को डीजल की कीमत में 6 से 7 पैसे प्रति लीटर की कटौती देखने को मिली थी। जिसके बाद देश की राजधानी दिल्ली और मुंबई में डीजल के दाम में 7 पैसे प्रति कम हुए थे। जिसके बाद दोनों महानगरों में डीजल के दाम क्रमश: 70.46 रुपए और 76.86 रुपए प्रति लीटर हो गए थे। जबकि कोलकाता और चेन्नई में डीजल के दाम में 6 पैसे प्रति लीटर की गिरावट देखने को मिली थी। जिसके बाद दोनों महानगरों में दाम क्रमश: 73.99 रुपए और 75.95 रुपए प्रति लीटर हो गए थे।

पेट्रोल की कीमत में नहीं हुआ कोई बदलाव
आईओसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के चारों महानगरों में शुक्रवार को पेट्रोल की कीमत में लगातार 35 वें दिन भी स्थिरता देखने को मिली है। आखिरी बार पेट्रोल की कीमत में गिरावट 22 सितंबर को देखने को मिली थी। उस दिन देश की राजधानी दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में पेट्रोल 8 पैसे प्रति लीटर सस्ता हुआ था। जिसके बाद तीनों महानगरों में पेट्रोल 81.06, 82.59 और 87.74 रुपए प्रति लीटर हो गए थे। वहीं चेन्नई में पेट्रोल की कीमत में 7 पैसे प्रति लीटर की गिरावट देखने को मिली थी। जहां दाम 84.14 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं। आज भी आपको वहीं दाम चुकाने होंगे।



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Sunday, 25 October 2020

Gold Rate Today : सोना और चांदी के दाम में भारी गिरावट, जानिए कितना हुआ सस्ता

नई दिल्ली। जैसे-जैसे दीपावली नजदीक आती जा रही है, वैसे वैसे सोने और चांदी की कीमत में गिरावट देखने को मिल रही है। सोमवार को सुबह 9 बजे वायदा बाजार में सोना और चांदी गिरावट के साथ ओपन हुए। जहां सोने की कीमत में 170 रुपए की गिरावट देखने को मिल रही है वहीं दूसरी और चांदी की कीमत में 700 रुपए तक की गिरावट देखने को मिल रही है। जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमत में और गिरावट देखने को मिल सकती है।

पहले बात सोने की करें तो मौजूदा समय यानी 9 बजकर 15 मिनट में सोने की कीमत 147 रुपए पन्रति दस ग्राम की गिरावट के साथ 50,692 रुपए प्रति दस ग्राम पर कारोबार कर रहा है। जबकि आज सोना 50,690 रुपए पर खुला था। जबकि शुक्रवार को सोने की कीमत 50,839 रुपए रुपए पर बंद हुआ था। जबकि चांदी की कीमत की बात करें तो 656 रुपए प्रति किलोग्राम की गिरावट के साथ 61,793 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है। जबकि आज चांदी 61,720 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुली थी। जबकि शुक्रवार को चांदी 62,449 पर बंद हुई थी।



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Saturday, 17 October 2020

आपकी पसंदीदा कारों पर मिल रही है 8.5 लाख रुपए तक की छूट, जानिए नवरात्र में किस तरह के मिल रहे हैं ऑफर

नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी से उत्पन्न बिक्री में गिरावट को रोकने के लिए लग्जरी ऑटोमोबाइल दिग्गजों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कुछ शानदार ऑफर पेश किए हैं। बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियां वाहनों की बिक्री बढ़ाने के लिए 'मुफ्त बीमा' और 'सर्विस पैक' जैसे विभिन्न ऑफर देकर ग्राहकों को लुभा रही हैं।इसके साथ ही अल्ट्रा-लग्जरी कारों और एसयूवी पर 5 से लेकर 8.5 फीसदी तक की छूट दी जा रही है। वाहनों की वास्तविक कीमत पर 2.5 लाख से लेकर 8.5 लाख रुपए तक की छूट दी जा रही है। छूट के अलावा कुछ अप्रत्यक्ष ऑफर भी पेश किए गए हैं, जिनमें आकर्षक फाइनेंसिंग सॉल्यूशन आदि शामिल हैं।

पांच फीसदी से कम ब्याज दर पर ऑटो लोन
ऑडी इंडिया के प्रमुख बलबीर सिंह ढिल्लन ने मीडिया रिपोर्ट में कहा कि हमने इस त्यौहारी सीजन के लिए कुछ उत्पादों पर अपने 'उत्सव समारोह कार्यक्रम' शुरू किए हैं। उन्होंने कहा कि इसमें पांच साल तक की कम ब्याज दर शामिल है। इसके अलावा हम मौजूदा ग्राहकों के लिए विशेष 'लॉयल्टी एंड एक्सचेंज प्रोग्राम्स' के माध्यम से फिर से खरीद और उनकी अपग्रेड की योजना को आसान बना रहे हैं। हमने ग्राहकों के लिए, जो हमारे 'ऑडी एप्रूव्ड प्लस' डीलरशिप के माध्यम से पहले से स्वामित्व वाली (पुरानी) कार खरीदने की इच्छा रखते हैं, उनके लिए कम ईएमआई प्रदान करने के लिए बैंकों के साथ करार भी किया है। उन्होंने कहा कि हम लग्जरी कार बाजार में ग्राहकों के सकारात्मक रुख को देख रहे हैं और आगामी त्यौहारी सीजन के साथ इसे और भी मजबूत बनने की उम्मीद करते हैं।

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दो प्लस तीन साल की एक्सटेंडेड वारंटी भी शामिल
फेस्टिव सीजन से ठीक पहले कंपनी ने ऑडी क्यू-2 पेश की है। इसे पांच साल के सर्विस पैकेज के साथ दो प्लस तीन साल की एक्सटेंडेड वारंटी और दो प्लस तीन साल की रोड साइड असिस्टेंस के साथ पेश किया गया है। इस कार को 'कॉम्प्लिमेंट्री पीस ऑफ माइंड' लाभ के साथ लॉन्च किया गया है। इसके साथ ही मर्सिडीज-बेंज इंडिया भी त्यौहारी सीजन के लिए 'अनलॉक समारोह' अभियान के साथ आकर्षक वित्तीय पैकेज दे रही है।

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यह भी है आकर्षक ऑफर
लग्जरी ऑटो निर्माता ग्राहकों को कई लाभ प्रदान करते हुए लुभा रही है, जिसमें सी-क्लास के लिए 39,999 रुपए से कम ईएमआई शामिल है। इसके अलावा सी-क्लास कार के लिए आरओआई की 7.99 फीसदी की पेशकश के साथ ही पहले साल के लिए बीमा करने का आकर्षक ऑफर भी दिया जा रहा है। हाल ही में कंपनी ने इसकी जनवरी से सितंबर 2020 की अवधि में 5,007 यूनिट्स की बिक्री बताई है, जो कि कोरोना महामारी के बीच उल्लेखनीय सुधार के तौर पर देखा जा रहा है।

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रिसेल सॉल्यूशन का मिल रहा है फायदा
एक अन्य लग्जरी ऑटो निमार्ता, बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया 'ईजी स्टार्ट' और 'बीएमडब्लू 360' की पेशकश कर रहा है, जो कई वित्तीय पैकेज प्रदान कर रही है। 'ईजी स्टार्ट' कार्यक्रम के तहत कंपनी पहले 2.5 वर्षों के लिए 40 फीसदी कम मासिक किस्तों की पेशकश कर रही है। इसके अलावा यह विभिन्न मॉडल के आधार पर अलग-अलग कम ब्याज दर भी प्रदान कर रही है। 'बीएमडब्लू 360' योजना कम मासिक भुगतान, सुनिश्चित खरीद-वापस मूल्य और टर्म विकल्पों के लचीले ऑफर पेश कर रही है।

कई तरह की छूट भी शामिल
इसके अलावा ऑटोमोबाइल दिग्गज जेएलआर ने लैंड रोवर डिस्कवरी स्पोर्ट के लिए आकर्षक 'फाइनेंस ऑफर्स ईएमआई' की सुविधा पेश की है। आईसीआरए के उपाध्यक्ष आशीष मोदानी ने कहा कि सभी प्रमुख लग्जरी कार ओईएम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आकर्षक फाइनेंसिंग सॉल्यूशंस जैसे प्रत्यक्ष रूप से कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस, लॉयल्टी बोनस की छूट दे रहे हैं। उन्होंने कोरोनावायरस के कारण मांग में आई कमी के कारण कैलेंडर वर्ष 2020 के दौरान लग्जरी कार वोल्यूम में 40 फीसदी की गिरावट की उम्मीद जताई।



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फेस्टिव सीजन से पहले Diesel Demand में इजाफा, जानिए कितने हो गए Petrol के दाम

नई दिल्ली। भले ही डीजल की कीमत में बीते दो हफ्तों से ज्यादा समय से कोई बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है, लेकिन डिमांड में बड़ा जबरदस्त बदलाव देखने को मिला है। फेस्टिव सीजन से पहले अक्टूबर के पहले पखवाड़े में डीजल की डिमांड ( Diesel Demand ) में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। इस दौरान डीजल की बिक्री ( Diesel Sales ) में कोई खास इजाफा देखने को नहीं मिला है। आपको बता दें कि जैसे देश में अनलॉक की प्रक्रिया को शुरू किया गया है, वैसे-वैसे देश में डीजल की खपत में इजाफा देखने को मिला है। वहीं फेस्टिव सीजन से पहले आम लोगों की सड़कों पर चहल-पहल देखने को ज्यादा मिल रही है।

डीजल की खपत में 9 फीसदी का इजाफा
त्योहारों के मौसम ने अपनी दस्तक दे दी है, ऐसे में लोगों की तैयारियां भी जोर-शोर पर हैं और इसका सीधा प्रभाव डीजल की खपत पर देखने को मिल रहा है। अक्टूबर के पहले 15 दिनों में डीजल की खपत में व्यापक रूप से नौ प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है और ऐसा लॉकडाउन के बाद पहली बार होता दिख रहा है। लॉकडाउन के बाद देश में अनलॉक की प्रक्रिया क्रमबद्ध तरीके से शुरू हो रही है। ऐसे में खरीदारी करने के लिए लोग परिवहन के साधनों का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे डीजल की खपत बढ़ रही है और प्रभाव कीमत पर पड़ रहा है।

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कुछ इस तरह के आंकड़े आए सामने
अक्टूबर के पहले ही पखवाड़े में 26.5 मिलियन टन के स्तर तक पहुंचने के साथ ही डीजल की बिक्री में नौ फीसदी तक का इजाफा हुआ है। सितंबर के महीने से इसमें करीब-करीब 25 फीसदी तक का इजाफा है और यह वृद्धि अपने आप में ही महत्वपूर्ण है। अप्रैल के महीने में जब देशभर में कोरोनावायरस महामारी के प्रकोप के चलते लॉकडाउन का ऐलान किया गया।

उस दौरान तेल बेचने वाली कंपनियों द्वारा ईंधन की ब्रिकी में करीब-करीब 60 फीसदी तक की गिरावट देखी गई। जून में अनलॉक की प्रक्रिया जैसे-जैसे शुरू हुई, वैसे-वैसे इनमें भी वृद्धि देखी गई। अक्टूबर के महीने में पहले के 15 दिनों के दौरान पेट्रोल की ब्रिकी में भी बढ़ोतरी देखी गई, लेकिन दस लाख टन की खपत से इसमें करीब 1.5 फीसदी तक की कमी देखी गई।

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2 अक्टूबर के बाद से डीजल की कीमत में बदलाव नहीं
आईओसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के चारों महानगरों में डीजल कीमत में 2 अक्टूबर के बाद से कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। 2 अक्टूबर को 6 से 7 पैसे प्रति लीटर की कटौती देखने को मिली थी। जिसके बाद देश की राजधानी दिल्ली और मुंबई में डीजल के दाम क्रमश: 70.46 रुपए और 76.86 रुपए प्रति लीटर हो गए थे। वहीं कोलकाता में डीजल के दाम 73.99 रुपए और चेन्नई में 75.95 रुपए प्रति लीटर हो गए थे।

पेट्रोल की कीमत में 26 दिन से कोई बदलाव नहीं
आईओसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के चारों महानगरों में पेट्रोल की कीमत में 26 दिन से कोई बदलाव नहीं हुआ है। आखिरी बार पेट्रोल की कीमत में 22 सितंबर को गिरावट देखने को मिली थी। उस दिन देश की राजधानी दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में पेट्रोल 8 पैसे प्रति लीटर सस्ता हुआ था। जिसके बाद तीनों महानगरों में पेट्रोल 81.06, 82.59 और 87.74 रुपए प्रति लीटर हो गए थे। वहीं चेन्नई में पेट्रोल की कीमत में 7 पैसे प्रति लीटर की गिरावट देखने को मिली थी। जहां दाम 84.14 रुपए प्रति लीटर हो गए थेे। आज भी आपको यही दाम चुकाने होंगे।



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Saturday, 10 October 2020

चीन के खिलाफ अमरीका समेत इन 7 देशों ने की नई जंग की शुरूआत!

नई दिल्ली। चीन द्वारा डिलिटल करेंसी पर तेजी के साथ काम करने बाद अब अमरीका भी इस मामले में तेजी का रुख अपना रहा है। इसलिए उसने अपने सेंट्रल बैंक के साथ दुनिया के 6 देशों के सेंट्रल बैंकों का एक ग्रुप बना लिया है। जो बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स की मदद से डिजिटल करेंसी का फ्रेमवर्क बनाने में जुट गए हैं। मतलब साफ है कि अब अब अमरीका ने अपने मित्र देशों के साथ मिलकर चीन के खिलाफ एक नई जंग की शुरूआत कर दी है। खास बात तो ये है कि अभी सेंट्रल बैंकों के प्रमुखों ने इसे जंग के रूप में संकेतिक नहीं किया है, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया है कि इससे पहले कोई और इस खाली क्षेत्र को फिल करने का प्रयास करें उस पर पहले ही अपना काम शुरू कर देना चाहिए।

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डिजिटल बैंकों को रहना होगा सबसे आगे
विदेशी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बैंक ऑफ इंग्लैंड के डिप्टी गवर्नर और बीआईएस समिति के अध्यक्ष जॉन कनलाइफ ने कहा कि दुनिया भर में कोविड-19 महामारी की वजह से कैशलेस भुगतान में तेजी आई है। पैसे के आदान-प्रदान के तरीके पर प्रौद्योगिकी के प्रभाव को उजागर किया हैै। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता है कि दुनिया के केंद्रीय बैंकों के बीच डिजिटल करेंसी को लाने के लिए नई दौड़ शुरू हो गई है। उन्होंने इस बात को भी जोर देकर कहा है कि इससे पहले प्राइवेट सेक्टर इस शून्यता को भर लें, केंद्रीय बैंकों को डिजिटल धन के मामले में सबसे आगे रहना होगा। इस योजना में बीआईएस के साथ काम करने वाले केंद्रीय बैंकों में यूरोपीय सेंट्रल बैंक, स्विस नेशनल बैंक और बैंक ऑफ जापान भी शामिल हैं।

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सर्वे में हुआ है बड़ा खुलासा
दुनिया भर के 66 केंद्रीय बैंकों में किए गए बीआईएस सर्वेक्षण ने संकेत दिया है कि 80 फीसदी सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी पर काम कर रहे हैं। फेड गवर्नर लेल ब्रेनार्ड ने अगस्त में कहा था कि बोस्टन का फेडरल रिजर्व बैंक एमआईटी में शोधकर्ताओं के साथ केंद्रीय बैंक के उपयोगों के लिए एक डिजिटल करेंसी का निर्माण और टेस्टिंग कर रहा है। फेड ने अगस्त में इंस्टैंट पेमेंट इनिशिएटिव भी शुरू कर दिया था। पिछले महीने, क्लीवलैंड फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष लोरेटा मेस्टर ने अपने भाषण "भुगतान और महामारी" में कहा था कि डिजिटल मुद्रा के लिए जमीनी कार्य करना कोविड-19 से पहले प्राथमिकता है।उन्होंने कहा था कि उपभोक्ताओं ने फेड सर्वेक्षण में संकेत दिया गया था कि अमरिकियों ने महामारी के दौरान ज्यादा से ज्यादा कैश अपने हाथों में रखने का प्रयास किया है।

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चीन से है सीधा मुकाबला
वास्तव में अमरीका और दूसरे यूरोपीय एवं अमरीकी मित्र देशों को सबसे ज्यादा चीन की डिजिटल करेंसी से घबराहट है। जानकारों की मानें तो चीन ने दुनिया के बाकी देशों के मुकाबले पहले इस योजना पर काम शुरू कर दिया था। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना तो पहले से ही रॅन्मिन्बी नाम की डिजिटल करेंसी की टेस्टिंग पर तेजी के साथ काम कर रहा है। बैंक के अनुसार यह डिजिटल करेंसी युआन की दुनिया भर में पहुंच का विस्तार करने में सक्षम होगी। ऐसे में अमरीका और मित्र देशों की ओर से भी डिजिटल करेंसी पर काम करना शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में डिजिटल करेंसी वॉर देखने को मिल सकता है।



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