प्रमोद सोनी/ उदयपुर. असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक विजया दशमी पर्व शुक्रवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। गांधी ग्राउंड में शाम 7.20 बजे आतिशबाजी के साथ रावण, मेघनाद, कुम्भकरण पुतलों का दहन होगा। इससे पहले आतििशबाजी की जाएगी। इस बार रावण पुतले की आंखों में खास आकर्षण होगा।
बिलोचिस्तान पंचायत के तत्वावधान में सनातन धर्म सेवा समीति की ओर से विजय दशमी मनाया जाएगा। सेवा समीति संयोजक गुरमुख कस्तुरी ने बताया कि दोपहर 2.30 बजे सनातन मन्दिर शक्तिनगर में राम-लक्ष्मण भगवान शिव का पूजन करेंगे। इसके बाद दोपहर 3 बजे सनातन मन्दिर से शोभायात्रा निकलेगी। आकर्षक झांकिया शामिल होगी। शोभायात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए 5.30 बजे स्टेडियम पहुंचेगी। शाम 6 बजे आतिशबाजी की जाएगी। इसके बाद 7 बजे भवगान राम का विजय तिलक व आरती की जाएगी। शाम 7.20 बजे लंका दहन के बाद रावण, कुम्भकरण व मेघनाद पुतलों का दहन होगा।
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नेता नहीं कर पाएंगे विजय तिलक
गांधी ग्राउण्ड में होने वाले आयोजनों में जनप्रतिनिधियों की विशेष भागीदारी रहती है। बतौर अतिथि मौजूद रहने वाले जनप्रतिनिधि ही भगवान राम-लक्ष्मण की आरती कर विजय तिलक लगाते है। इस बार आचार संहिता के चलते जनप्रतिनिधियों की भागीदारी नहीं के बराबर रहेगी। समिति के सचिव हेमंन्त गखरेजा ने बताया कि रावण दहन से पहले भगवान राम का विजय तिलक संत कुमार महाराज करेंगे।
70 और 55-55 फीट ऊंचाई
महासचिव विजय आहुजा ने बताया कि रावण 70 फीट, कुम्भकर्ण व मेघनाद की पुतले 55-55 फीट के होंगे। जब क्रोधित लक्ष्मण कुम्भकरण का वध करेंगे तो मेघनाथ तिलमिला उठेगा। मेघनाथ का भी वध लक्ष्मण के हाथों होगा। भाई व पुत्र की मौत पर रावण आंसू बहाता नजर आएगा। क्रोधित होता नजर आएगा। तभी राम रावण पर तीर चलाकर वध करेंगे।
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