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Tuesday, 10 November 2020

उदयपुर में 55 नए संक्रमित

भुवनेश पंड्या
उदयपुर. उदयपुर में मंगलवार को 55 नए संक्रमित सामने आने के साथ ही 7293 कोरोना रोगी हो गए हैं। कोविड जांच हेतु 621 सैंपल की जांच होने पर 566 नेगेटिव मिले हैं। सी एम एच ओ डॉ दिनेश खराड़ी ने बताया कि 55 पॉजिटिव मरीजों में से 39 मरीज शहरी क्षेत्र से जिसमें 02 कोरोना वाररिर्स, 08 क्लोज कांटेक्ट, 29 नए संक्रमित मिले हैं। ग्रामीण क्षेत्र से 16 पॉजिटिव मरीजों में से 01 कोरोना वाररिर्स, 2 क्लोज कांटेक्ट और 13 नए संक्रमित मिले हैं।

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कोविड.19 प्रभारी डॉ शंकर एच बामनिया ने बताया कि संक्रमितों में से 3 कोरोना वॉरियर्स में हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड हॉस्पिटल में कार्यरत जिंक कॉलोनी देबारी निवासी 55 वर्षीय महिला नर्सिंग स्टाफ , सेटेलाइट हॉस्पिटल हिरण मगरी में कार्यरत 34 वर्षीय मेल नर्स एवं पुलिस लाइन टेकरी में कार्यरत 38 वर्षीय पुलिस कांस्टेबल संक्रमित मिले हैं।

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अन्य संक्रमित...झाडोल फ लासिया, जिंक स्मेल्टर देबारी, ऋ षभदेव,अमृत नगर बेदला, वलियों का चौराहा गोगुंदा, सलूंबर प्रॉपर, मदार बडग़ांव, धर्मेंद्र अपार्टमेंट न्यू नवरतन काम्पलेक्स, भुवाणा बेदला रोड पंचरत्न काम्प्लेक्स का गुड़ा कुराबड, द्वारिका अपार्टमेंट मनवाखेड़ा, एसबीआई बैंक जावर माइंस, ज्योति नगर सेंट टेरेसा स्कूल के पास, रोड नंबर 10 अशोक नगर, हाथी पोल उदयपुर, गोविंद नगर हिरण मगरी, रानी रोड सेंट मैथ्यू स्कूल के पास, सीपीएफ ऑफि स चित्रकूट नगर के पीछे से, हिरण मगरी सेक्टर 14, हिरण मगरी सेक्टर 11, शास्त्री सर्कल एन रोड, हमीर भवन फ तेहपुरा, महादेव कॉलोनी अशोक नगर, सज्जन नगर काम्पलेक्स रामपुरा, बैठेड़ा कॉलोनी फ तेहपुरा, सेंट्रल एरिया गरियावास, जे वन रोड न्यू भूपालपुरा, ई ब्लॉक सेक्टर 14, श्रीनाथ कॉन्प्लेक्स इनसाइड ब्रह्मपाल, जगत नाथ जी की बाड़ी, आदर्श नगर मनवा खेड़ा, प्रभात नगर सेक्टर 5, बेडवाल हाउस सेक्टर 3, कुम्हारों का भट्टा, आदर्श नगर सेक्टर 4, रेलवे कॉलोनी प्रताप नगर, राजस्थान हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सेक्टर 14, लेक गार्डन सेक्टर 14, वृंदावन विहार सेक्टर 14, सेजल वाटिका सीए सर्कल के पास सेक्टर 14, सिख कॉलोनी आलोक स्कूल के पीछे सेक्टर 11, आनंद विहार आयड़, न्यू विद्या नगर सेक्टर 4 से संक्रमित पाए गए।



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ठान लिया था कि प्लाज्मा दान करूंगी....

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. उदयपुर के पानेरियों की मादड़ी निवासी उर्मिला मेनारिया जिले की एक मात्र महिला है, जिन्होंने प्लाज्मा डोनेट किया है। पत्रिका से बातचीत में उन्होंने बताया कि उन्होंने कोरोना संक्रमित होने के साथ ही ये ठान लिया था कि जैसे ही वह ठीक होती हैं, वह तत्काल प्लाज्मा डोनेट करेंगी। अब तक उदयपुर में 151 लोगों ने प्लाज्मा दान किया है, इसमें शामिल ये इकलौती महिला है।

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सभी को आगे आना चाहिए...

संक्रमण होने के बाद कुछ परेशानी थी, लेकिन में मन में लोगों की मदद की इच्छा थी। उर्मिला ने बताया कि और उनके पति युगल किशोर पानेरी संक्रमित हुए तो वह ठीक होने की राह देख रहे थो। उर्मिला विद्या भवन पब्लिक स्कूल में ड्राइंग टीचर हैं। उन्होंने बताया कि 11 सितम्बर को उन्हें बुखार आया था, 12 को टेस्ट करवाए थे। इसके सात दिन बाद नोर्मल हो गए थे। घर में होम क्वारंटीन थे, 28 सितम्बर को 14 दिन पूरे हो चुके थे। घर में पति पानेरी सहित उनके बड़े भाई ख्यातिप्रसाद पानेरी व उनकी सास हेमलता पानेरी भी संक्रमित हो गए थे।

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मां ने कहा कि मैं भी प्लाज्मा दूंगी...

उर्मिला ने बताया कि उनकी मं प्रेमलता मेनारिया उनके संपर्क में आकर संक्रमित हो गई थी।

सभी को प्लाज्मा डोनेट करना चाहिए, महिलाओं को आगे आना चाहिए। 28 वर्ष में जो काम किया है इससे बहुत सुकून मिला है। पति पानेरी रक्तदाता युवा वाहिनी से जुड़े हुए है। शहर में खून की कमी होने पर लक्ष्मीलाल लढ़ा को जरूरत थी। उन्होंने संपर्क किया और फिर मदद का। मां प्रेमलता मेनारिया भी संपर्क में आने से संक्रमित हो गए थे। पिता यशवन्त मेनारिया व मां ने खूब सपोर्ट किया। जिसे प्लाज्मा लेने वालों ने पैसा देने का प्रयास किया था लेकिन नहीं लिए। मां ने कहा था कि वह भी देने के लिए राजी है, लेकिन अधिक उम्र के कारण ये नहीं पाया।



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केवल 151 प्लाज्मा पुंज

भुवनेश पंड्या
उदयपुर. उदयपुर में प्लाज्मा लैब खुले कई माह हो गए, लेकिन अभी तक कोरोना संक्रमितों के जीवन में उजियारा करने वाले प्लाज्मा पुंज गिने चुने ही हैं। आरएनटी की लैब में 27 अगस्त को पहला प्लाज्मा दान किया गया था। इसे करने वाले रोनक सुहालका थे। इसके बाद अब तक यानी ढाई माह में केवल 151 लोग ही प्लाज्मा देने के लिए आगे आए हैं। हालांकि कुछ लोग जो प्लाज्मा देने पहुंचे थे, वे इन मापदंडों पर खरे नहीं उतर सके। हाल में आईसीएमआर ने प्लाज्मा के परिणाम संतोषजनक नहीं बताए हैं, लेकिन इस डोनेशन पर रोक नहीं है, अभी भी कोई भी प्लाज्मा दान कर सकता है, इसके लिए बस मन से आगे आना होगा।

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किसी भी ऐसे कोरोना संक्रमण से ठीक हुए व्यक्ति से प्लाज्मा लिया जाता है, जिसे ठीक हुए 28 दिन पूरे हो चुके हों। इस मरीज से एक यूनिट यानी 400 एमएल प्लाज्मा लिया जाता है, इसे 200-200 एमएल के दो पार्ट बनते हैं। एक बार में 200 एम एल प्लाज्मा चढ़ाया जाता है। दूसरी यूनिट 24 घंटे बाद चढाई जा सकती है।

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ये होते हैं टेस्ट

इसमें सबसे पहले मरीज की एंटीबॉडी देखी जाती है। साथ ही कोरोना से ठीक हुए मरीज में सीबीसी, टोटल सिरम प्रोटीन, एचआईवी, हेपेटाइटिस बी व सी, मलेरिया, साइफिलिस का टेस्ट किया जाता है। प्लाज्मा हल्का पीले रंग का होता है। इसे - 30 डिग्री सेल्सियस के नीचे तापमान पर एक वर्ष के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है।

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अब तक प्लाज्मा की उदयपुर में स्थिति

- कुल प्लाज्मा दान- 151

- प्लाज्मा संग्रहण- 300

- कुल मरीज लाभान्वित- 270

- कुल यूनिट जारी किए- 286

- कितने मरीजों को दो यूनिट चढ़े- 14

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प्लाज्मा दान करने वाले अब तक काफी कम आए हैं। प्रयास कर रहे हैं, अपील अभी भी जारी है, लेकिन हाल में आईसीएमआर की ओर से प्लाज्मा का माकूल प्रभाव कोरोना में नहीं होने की बात का भी असर जरूर हुआ है।
डॉ भागचंद रेगर, नोडल ऑफिसर प्लाज्मा बैंक आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर



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कोरोना के खतरे पर सरकार ने ये किया

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. कोरोना से लड़ रहे चिकित्सकों व नर्सेज के लिए कोरोना बीमा की शुरुआत की गई है। इसमें प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत चिकित्सा क्षेत्र यानी चिकित्सकों, आयुर्वेद व भारतीय चिकित्सा पद्धति में कार्यरत चिकित्साकर्मियों, जिसमें चिकित्सक, नर्सेज, आशा वर्कर्स व अन्य मेडिकल स्टाफ के लिए 50 लाख का इंश्योंरेंस स्कीम फॉर हैल्थ वर्कर्स फाइटिंग कोविड-19 में दिया जा रहा है। ये बीमा कवर कोरोना में बढ़ती रिस्क को देखते हुए दिया गया है।
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राज्य में चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी, जिनकी मौत कोविड 19 के संक्रमण के कारण हुई है, उनके आश्रितों को बीमा राशि व यथा समय भुगतान तय किए जाने के लिए ये नियम बनाए गए हैं।
- सभी चिकित्सा व स्वास्थ्यकर्मी कोविड-19 से संबंधित विभिन्न गतिविधियों जैसे सर्वे, कार्य, पॉजिटिव केस कांटेक्ट ट्रेसिंग, आईपीडी, ओपीडी सेवाएं, जांच, प्रचार-प्रसार, रेपिड रेंस्पोंस टीम, जन जागरूकता, सेंपल, रोगी परिवहन, उपचार आदि में शुरू से ही सेवाएं दे रहे हैं, इसे देखते हुए उनके संक्रमित होने की संभावना रहती है। किसी भी कार्मिक को अपने कार्य के दौरान यदि असामयिक निधन होता है तो ये बीमा उसका कवर करेगा।

- समय पर भुगतान के लिए डा.प्रवीण असवाल को नोडल अधिकारी बनाया गया है।



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सरकारी डॉक्टरों ने प्राइवेट ड्यूटी बजाई तो खैर नहीं

भुवनेश पंड्या
उदयपुर. यदि कोई भी सरकारी चिकित्सक प्राइवेट नर्सिंग होम, निजी क्लीनिक में जाकर मरीजों को देखेगा, उपचार करेगा या ऑपरेशन करेगा तो ऐसे चिकित्सकों पर सरकार की गाज गिरेगी। चिकित्सकों की इस प्रवृत्ति को सरकार ने गंभीरता से लिया है। इसे लेकर सरकार ने पहले भी आदेश जारी किए थे, लेकिन कई चिकित्सक इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। ऐसे में सरकार अब एक्शन मोड में आ चुकी है।

यह भी निर्देश
- सरकारी डॉक्टर अब किसी भी प्रावइेट क्लीनिक या नर्सिंग होम, अस्पताल, पैथोलॉजिकल लेबोरेट्री, डायग्नोस्टिक सेंटर पर जाकर नहीं देख सकेंगे। ना ही कोई टेस्ट करेंगे और ना ही किसी प्रकार का कोई ऑपरेशन करेंगे। यदि इस प्रकार की कोई भी सूचना किसी चिकित्सक के संबंध में सरकार या निदेशालय को प्राप्त होती है, तो उस चिकित्सक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

- जो चिकित्सक नॉन प्रेक्टसिंग अलाउंस नहीं ले रहे हैं, वे अपने आवास पर यदि मरीजों को देखते हैं तो अपना निर्धारित परामर्श शुल्क ही लेंगे। साथ ही शुल्क की सूचना व दर का प्रदर्शन परामर्श कक्ष में करना होगा।
- सभी सीएमएचओ, पीएमओ को अपने अधीन कार्यरत सभी चिकित्सकों से इस परिपत्र को नोट करवाकर इसकी सूचना निदेशालय को देनी होगी। यदि उनके पास कोई शिकायत है तो उस पर की गई कार्रवाई से भी अवगत करवाना होगा।

- यदि किसी प्रभारी, पीएमओ, सीएमएचओ को यदि किसी चिकित्सक के इस तरह के कार्य की जानकारी मिलती है तो तत्काल इसकी जानकारी उन्हें निदेशालय को देनी होगी। इसे लेकर जन स्वास्थ्य निदेशक ने आदेश जारी किए है।
आदेश हुए है जारी

सरकार ने यह आदेश जारी किए है, सभी चिकित्सकों को इसकी सूचना दी जा रही है। यदि कोई इस तरह का कार्य कर रहा है तो उस पर कड़ी से कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. दिनेश खराड़ी, सीएमएचओ, उदयपुर



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Monday, 9 November 2020

भाजपा शहर जिलाध्यक्ष श्रीमाली कोरोना पॉजिटिव

भुवनेश पंड्या
उदयपुर. उदयपुर में सोमवार को भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रवीन्द्र श्रीमाली कोरोना पॉजिटिव आए हैं। शहर प्रभारी डॉ शंकर बामनिया ने बताया कि फिलहाल उनमें कोई लक्षण नहीं होने के कारण उन्हें होम आइसोलेशन में रखा गया है। उदयपुर में एक बुजुर्ग की कोरोना से मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार सेक्टर 11 निवासी 62 वर्षीय बुजुर्ग का अशोक नगर में दाह संस्कार किया गया।

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उदयपुर. उदयपुर में सोमवार को चार कोरोना वॉरियर्स सहित कुल 38 नए रोगी सामने आए। कोविड जांच के लिए 432 सैंपल की जांच होने पर 394 नेगेटिव तथा 38 पॉजिटिव पाये गए। अब तक कुल पॉजिटिव की संख्या 7238 हो गई है। सीएमएचओ डॉ दिनेश खराड़ी ने बताया कि अब तक 6912 मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज किये जा चुके है। कुल 251 एक्टिव केस हैं। 166 केस होम आइसोलेशन किये हुए हैं। जबकि 75 लोगों की कोरोना से मृत्यु हो चुकी हैं। कोविड.19 प्रभारी डॉ शंकर एच बामनिया ने बताया कि 38 पॉजिटिव मरीजों में से 30 मरीज शहरी क्षेत्र से है, जिसमें 03 कोरोना वॉरियर्स, 11 क्लोज कांटेक्ट,16 नए संक्रमित मिले हैं। ग्रामीण क्षेत्र से 8 पॉजिटिव मरीजों में से 01 कोरोना वॉरियर व 4 क्लोज कांटेक्ट और 4 नए संक्रमित मिले हैं। कुल संक्रमित में से 4 कोरोना वॉरियर्स पाए गए। जिसमें से 2 चिकित्सक प्रभात नगर सेक्टर 5 निवासी 45 वर्षीय पुरुष चिकित्सक, 29 वर्षीय पुरुष रेजिडेंट डॉक्टर आरएनटी मेडिकल कॉलेज, 24 वर्षीय महिला नर्सिंग स्टाफ सेटेलाइट हॉस्पिटल में कार्यरत निवासी प्रभात नगर सेक्टर 5 और श्रीनाथ कॉलोनी पुला से 48 वर्षीय शिक्षक संक्रमित मिले हैं।
अन्य क्षेत्र जनकपुरी ट्रांसपोर्ट नगर महावीर कॉलोनी बडग़ांव, सेलिब्रेशन मॉल के पीछे भुवाणा, डालियों की मगरी भुवाणा, अग्रवाल नमकीन के पास, चिकलवास, गोकुल विलेज तीतरडी, गडकरी शोभागपुरा, नवदीप स्कूल आदर्श नगर मैन रोड भुपालपुरा, तेरेविला अपार्टमेंट फ तेहपुरा, आदर्श नगर कालका माता रोड पहाड़ा, विवेक आनंद विहार शोभागपुरा के पास, ज्ञान मंदिर स्कूल के पास ज्ञान नगर सेक्टर 4, गुप्तेश्वर महादेव गलीए नाइयो की तलाई एलक्ष्मी नगर पुलाए शांति नगर रूप सागर रोड यूनिवर्सिटी रोडए क्यू रोड केशव नगर यूनिवर्सिटी रोड एमहावीर कॉलोनी बी रोड केशव नगर एमंगलम मॉल दुर्गा नर्सरी रोडए भूतला गांव एकेसरिया जी सृजन अपार्टमेंट शोभागपुरा एरिशप नगर सेक्टर 3 हिरण मगरी एनिर्मल धाम हॉस्पिटल के पास अशोक नगर एमहावीर कॉलोनी पद्मावती अपार्टमेंट के पास एबसंत विहार आदर्श नगर यूनिवर्सिटी रोड एसेक्टर 11 से संक्रमित पाए गए।सभी संक्रमित मरीजों की क्लोज कॉन्ट्रैक्ट हिस्ट्री डॉ मनु मोदी द्वारा ली गई। सिंप्टोमेटिक मरीजों को मेडिकल टीम द्वारा ईएसआई हॉस्पिटल के लिए रेफर किया गया तथा एसिंप्टोमेटिक मरीजों को मेडिकल टीम द्वारा होम आइसोलेशन किया गया.



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ये है नया एमएसडब्ल्यू

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. प्र्रदेश में पहली बार उदयपुर के मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय में सरकारी स्तर एमएसडब्ल्यू की शुरुआत की गई है। यह कोर्स जल्द ही शुरू होगा। नई शिक्षा नीति के तहत इसे तैयार किया गया है, ऐेसे में विद्यार्थी का समय खराब नहीं होगा। छह माह तक अध्ययन कर पढ़ाई छोडऩे के बाद भी इसमें सर्टिफिकेट दिया जाएगा। गौरतलब है कि मास्टर ऑफ सोशियल वर्क (एमएसडब्ल्यू) पुराना कोर्स है, जो निजी कॉलेजों में संचालित हो रहा है, लेकिन यहां इसे पहली बार शुरू किया गया है। यह कोर्स करने के बाद युवा सीएसआर सेक्शन, मेडिकल विभाग में डीपीएम और बीपीएम के पद यानी जिला कार्यक्रम प्रबन्धक व खंड कार्यक्रम प्रबन्धक, समाज कल्याण व सहकारिता विभाग व अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं और सर्वेयर के तौर पर कार्य कर सकते हंै। इसे फिलहाल सेल्फ फाइसेंस स्कीम में शुरू किया है, इसमें 60 सीट रखी गई है।

समाज शास्त्र विभाग की कोर्स कॉर्डिनेटर डॉ. राजकुमारी अहीर ने बताया कि विद्यार्थी के एक सेमेस्टर उत्तीर्ण करने के बाद भी छह माह का उसे कोर्स सर्टिफिकेट मिलेगा, यदि वह दो सेमेस्टर पूर्ण कर लेता है, तो उसे पीजी डिप्लोमा एक वर्ष का सॢटफिकेट मिलेगा। दो वर्ष पूर्ण होने पर उसे पीजी डिग्री दी जाएगी। प्रवेश शुरू कर दिए गए हैं। एमएलएसयू में आवेदन की अंतिम तिथि 25 नवम्बर है। एमएसडब्ल्यू किए गए शिक्षकों को संविदा व गेस्ट फैकल्टी के रूप मेंं रखा गया है और सरकार से शिक्षकों की मांग की गई है।
इनका कहना है

सरकारी स्तर पर एमएसडब्ल्यू शुरू करने वाले हम प्रदेश में पहले विवि हैं। यह इंडस्ट्री ओरिएंटेड कार्यक्रम हैं। ये कोर्स करने वालों को काफी फायदा मिल सकता है। इसका शुल्क कम है।
अमेरिका सिंह, कुलपति, मोहनलाल सुखाडिय़ा विवि उदयपुर



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दीपावली: शहर में विशेष सफाई अभियान शुरू

भुवनेश पंड्या
उदयपुर. दीपावली पर शहर विशेष रूप से साफ और सुंदर नजर आए इसे लेकर सोमवार से नगर निगम ने अभियान शुरू कर दिया है। नगर निगम उप महापौर और स्वास्थ समिति अध्यक्ष पारस सिंघवी ने बताया कि प्रतिवर्ष विशेष सफ ाई अभियान चलाया जाता है। इसी क्रम में प्रथम चरण में जगदीश चौक से सफ ाई अभियान की शुरुआत निगम के महापौर गोविंद सिंह टांक ने की। इस दौरान निगम के कई पार्षद एवं विभिन्न समितियों के अध्यक्ष भी मौजूद थे। सिंघवी ने बताया कि दीपावली पर शहरवासी भट्टियानी चौहट्टा स्थित महालक्ष्मी मंदिर दर्शन के लिए आते हैं, इसी कारण जगदीश चौक से रंगनिवास तक सबसे पहले सफ ाई करवाई जा रही है। निगम के सफ ाई कर्मियों ने जगदीश चौक, भट्टियानी चौहट्टा सहित अन्य आस पास के इलाकों में पानी का छिड़काव कर नालियों की सफाई की। विशेष सफाई अभियान में निगम के अतिरिक्त सफाईकर्मी भी लगाए गए। इस दौरान स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष शहरकोट अंदर वेणी राम सालवी, वित्त समिति अध्यक्ष रुचिका चौधरी, लोकेश कोठारी, डॉ. शिल्पा पामेचा, अरुण टाक, स्वास्थ्य अधिकारी सत्यनारायण शर्मा, स्वास्थ्य निरीक्षक सुभाष शर्मा, मदन केसरिया सहित कई पार्षद मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान बगैर मास्क वाले लोगों को महापौर व उप महापौर ने मास्क भी बांटे।



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अब ये करेंगे कैंसर, डायबिटिज, रक्तचाप और हृदय रोगियों को मदद

भुवनेश पंड्या
उदयपुर. अब राज्य में गांवों में मिलने वाले कैंसर, डायबिटिज, ब्लड प्रेशर और हार्ट के रोगियों को कम्यूनिटी हैल्थ ऑफिसर मदद करेंगे। ये नोन कम्यूनिकेबल डिजिज पर फोकस करेंगे। फिलहाल ये हैल्थ ऑफिसर गांवों में पीएचसी व सीएचसी पर बैठकर लोगों को उपचार में मदद करेंगे। साथ ही जनजागरूकता से जुड़े कार्य भी संपादीत करेंगे। राजस्थान में पिछले सवा साल से चिकित्सा विभाग की कम्यूनिटी हेल्थ ऑफि सर भर्ती का इंतजार कर रहे बेरोजगारों के लिए ये राहत की खबर है। इसके लिए अब मंगलवार को भर्ती परीक्षा होगी। उदयपुर में इसके लिए 43 परीक्षा केन्द्र बनााए गए हैं। निरोगी राजस्थान का सपना साकार करने के लिए पदों की संख्या में भी ढाई गुना का इजाफ ा किया गया है।

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सब सेंटर व हैल्थ वेलनेस सेंटर्स को मिलेगी मजबूती ..

- दूर दराज के लोगों को समुचित चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने और राजस्थान में सब हेल्थ सेन्टर, हेल्थ एंड वैलनेस सेंटरों को मजबूत करने के लिए 6310 पदों के लिए यह तैयारी की है। - पिछले सवा साल से यह भर्ती विवादों में फंसी हुई थी, जिसे राज्य सरकार ने हरी झंडी दे दी है। संविदा आधारित पदों पर भर्ती जून 2019 में कई शिकायतों के चलते रोक दी गई थी।

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सीएमएचओ डॉ दिनेश खराड़ी ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन व स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी यानी सीएचओ के 6 हजार 310 पदों के लिए भर्ती परीक्षा का आयोजन 10 नवंबर को होगा। पूरे प्रदेश में 301 परीक्षा केन्द्र बनाए गए है। यह परीक्षा जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर व अजमेर जिला मुख्यालयों पर आयोजित की जाएगी। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी लिखित परीक्षा में 100 प्रश्न पूछे जाएंगे।

- उदयपुर में मंगलवार दोपहर 1 से 2.30 बजे तक 43 परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा होगी। यहां 9008 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। यहां दस डिस्ट्रीब्यूटिंग कंलेक्टिंग ऑफिसर लगाए गए हैं। परियोजना अधिकारी पीसीपीएनडीटी जयपुर की स्टेट कॉर्डिनेटर शालिनी सक्सेना को भी परीक्षा के लिए उदयपुर भेजा गया है।

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पद का नाम

- कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर टीएसपी पद . 1041

- नॉन टीएसपी पद . 5269

- कुल पदों की संख्या . 6310

- सैलरी- 25 हजार रुपये प्रति माह

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परीक्षा की तैयारियां पूरी कर ली गई है, दोपहर में परीक्षा होगी। पेपर कोष कार्यालय में सुरक्षा में रखवाए गए हैं। उदयपुर में कुल परीक्षार्थी 9008 हैं।

जूल्फिकार अहमद काजी, संयुक्त निदेशक चिकित्सा नोडल ऑफिसर परीक्षा (उदयपुर संभाग)



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Sunday, 8 November 2020

सात कोरोना वॉरियर्स सहित 75 पॉजिटिव

भुवनेश पंड्या
उदयपुर. उदयपुर में रविवार को 75 नए पॉजिटिव मिले। अब इसके साथ ही संक्रमितों की कुल संख्या 7200 हो गई है। सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि 782 सैंपल लिए गए। जांच के दौरान 707 नेगेटिव तथा 75 पॉजिटिव पाए गए। कोविड.19 प्रभारी डॉ शंकर एच बामनिया ने बताया कि 45 मरीज शहरी क्षेत्र से मिले। इनमें 05 कोरोना वॉरियर्स, 15 क्लोज कांटेक्ट और 25 नए केस है। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र से 30 पॉजिटिव में से 02 कोरोना वारियर्स, 5 क्लोज कांटेक्ट और 23 नए केस है।
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7 कोरोना वॉरियर्स में अनंता मेडिकल कॉलेज से 22 वर्षीय डॉक्टर, एमबी हॉस्पिटल से 29 वर्षीय रेजिडेंट चिकित्सक, 32 एव 42 वर्षीय नर्सिंग स्टाफ , मेल नर्स, उप स्वास्थ्य केंद्र 34 वर्षीय एएन एम, 37 वर्षीय आशा सहयोगिनी एव 30 वर्षीय पुलिसकर्मी संक्रमित मिले थे।
इन स्थानों पर भी मिले संक्रमित

गुमानपुरा, बुझफ ला देलाना, ऋषभदेव, टेकरी गरियावास, न्यू पीजी हॉस्टल गीतांजलि मेडिकल कॉलेज, धूल गांव सलूंबर, विनायक नगर सेक्टर 12, सदर बाजार मंदिर मार्ग ऋ षभदेव,
ऋ षभदेव प्रॉपर, प्रेस वाली गली ऋ षभदेव, डेलाना ऋ षभदेव, मोचीवाड़ा खेरवाड़ा, छाणी गांव खेरवाड़ा, सदर बाजार खेरवाड़ा, नव लोक कॉलोनी सेलिब्रेशन गार्डन के सामने, मेन बाजार सालेरा कलां मावली, गोकुल विलेज तितरड़ी, राजकमल होटल के पीछे सुखेर रोड, भुवाणा सम्राट प्लेस बेदला रोड, भुवाणा बेदला रोड बडग़ांव, अमृत नगर बेदला, बाघदड़ा कॉलोनी जामर कोटड़ा गिर्वा, झाड़ोल बस स्टैंड के पीछे मंदिर के पास, मंगलम विहार पालड़ी, आदर्श नगर चित्रकूट नगर, मेलड़ी माता मंदिर के पास सवीना, किका भाई धर्मशाला ऋ षभदेव, लाखा नगर धोली मगरी सेक्टर 4, लेकगार्डन सेक्टर 14, सेवा नगर चौधरी हॉस्पिटल के पास सेक्टर 4, श्रीजी विहार न्यू विद्या नगर सेक्टर 4, मयूर कॉम्पलेक्स सेक्टर 4, ई ब्लॉक आदर्श नगर कालका माता रोड, कैपिटल टावर सेक्टर 14, नोखा नियर न्यू महावीर नगर सेक्टर 4, न्यू अहिंसापुरी फ तेहपुरा, बड़वाल हाउस सेक्टर 3, सिल्वर स्क्वेयर अपार्टमेंट सेक्टर 4, ए ब्लॉक सेक्टर 4, काशीपुरी, काशीपुरी की वाटिका पानेरियों की मादड़ी, शांति नगर सेक्टर 5, अंबिका नगर इंडियन ऑयल सेक्टर 11 के पास, राजस्थान हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सेक्टर 14, कृष्णापुरा गली अलीपुरा, पावा विहार न्यू फ तेहपुरा, प्रज्ञा भवन टीचर्स कॉलोनी अंबा माता, सवीना थाने के पास समता नगर, सर्कल सेक्टर 14 से संक्रमित मिले।



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ये है अधिकारियोंं के बीच कुर्सी की खींचतान

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. उदयपुर में सहायक औषधि नियंत्रक लगे होने के बावजूद इनका कार्य भीलवाड़ा के सहायक औषधि नियंत्रक देख रहे हैं, ऐसे में यहां के ड्रग लाइसेंस से लेकर लगातार होने वाली जांचों में नोटिस जारी करने व अन्य नियमित कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सरकार के औषधि नियंत्रक का कहना है कि कानूनी अड़चनों के कारण यह कार्य भीलवाड़ा वाले अधिकारी के माध्यम से करवाने की मजबूरी है।
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ये है हालात
वर्तमान में उदयपुर में सहायक औषधि नियंत्रक के पद पर चैतन्यप्रकाश पंवार कार्यरत है, जबकि भीलवाड़ा में सहायक औषधि नियंत्रक के पद पर सुरेश सामर काम कर रहे हैं। यहां पंवार के होने के बाद भी उनके कार्यक्षेत्र का कार्य सामर को सौंपा गया है। ऐसे में वे दो जिलों का काम संभालते हैं और भीलवाड़ा में रहते हैं। वे एक या दो सप्ताह में एक बार यहां आते है, इससे उदयपुर का काम खासा प्रभावित हो रहा है। यहां के औषधि नियंत्रण से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पंवार का काम केवल कार्मिकों का वेतन जारी करने के अलावा कुछ नहीं रहा है। वे यहां बैठे है, लेकिन ना तो किसी मेडिकल स्टोर की जांच कर सकते हैं और ना ही नोटिस जारी कर सकते हैं।

- कुछ दिनों पहले वल्लभनगर में नशीली दवाइयां पकड़ी गई थी, इस पर अब तक नोटिस जारी नहीं हुए हैं, तो ऐसा कई बार होता है कि कार्रवाई हो जाती है, लेकिन आगे की प्रक्रिया अटक जाती है।

इसलिए हो रही नोटिस में देरी
पांच वर्ष में पुन: स्वीकृति लेनी होती है। नया मेडिकल स्टोर खोलने पर तीन हजार और खुदरा व थोक दोनों शुरू करने के लिए छह हजार रुपए खर्च होंगे। अधिकारी सप्ताह से लेकर करीब दस दिन में पहुंचते हैं। ऐसे में नोटिस में देरी होती है। नशीली दवाएं मिली थी, वल्लभनगर में उसे अभी तक नोटिस ही जारी नहीं हुआ है।

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ये कहते हैं अधिकारी

मुझे सरकार ने यहां ज्वाइनिंग आदेश दिया है, इसलिए मैंने यहां ज्वाइन किया है, लेकिन यहां के काम मेरे पास नहीं है, यह दूसरे सहायक औषधि नियंत्रक देख रहे हैं।
चैतन्यप्रकाश पंवार, सहायक औषधि नियंत्रक उदयपुर

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मुझे तो सरकार ने जो काम दिया है उसे पूरा करना है। मुझे आदेश मिले थे इसलिए मैं भीलवाड़ा पदस्थापित हूं, लेकिन उदयपुर का काम भी देख रहा हूं।

सुरेश सामर, सहायक औषधि नियंत्रक, भीलवाड़ा
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उदयपुर के सहायक औषधि नियंत्रक ने न्यायालय में वाद दायर कर रखा है, ऐसे में उन्हें ये काम नहीं सौंपा गया है, ये भीलवाड़ा वालों से करवा रहे हैं। यदि समस्या आ रही है तो जल्द हल करवाएंगे।
राजाराम शर्मा, औषधि नियंत्रक, राजस्थान, जयपुर



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कोरोना के सिपाहियों को सुरक्षा कवच

भुवनेश पंड्या
उदयपुर. अगर सब कुछ ठीक रहा तो मार्च में कोरोना वैक्सीन आने के साथ ही सबसे पहले इसे चिकित्सकों से लेकर नर्सेज व नर्सिंग स्टूडेंट्स को लगाया जा सकता है। लोगों की जीवन की रक्षा करने वाले ये 'सिपाहीÓ यदि सुरक्षित होंगे तो पूरा समाज स्वत: ही सुरक्षित होगा। इसे लेकर सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। उदयपुर में भी सरकारी हॉस्पिटलों से लेकर निजी चिकित्सालयों के कार्मिकों के डेटा जुटाए जा रहे हैं,ताकि समय पर इन सभी को कोरोना का सुरक्षा कवच पहनाया जा सके।

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कोरोना वैक्सीन बेनफिशरी मैनेजमेंट सिस्टम तैयार
केन्द्र सरकार ने हैल्थ वर्कर के लिए खास तौर पर हैल्थ केयर मैंनेजमेंट इन्फोरमेशन सिस्टम (एचआईएमएस) पोर्टल तैयार कर रखा है। इसमें हर राज्य का प्रत्येक मेडिकल संस्थान इससे जुड़ा हुआ है। इसी में कोरोना वैक्सीन बेनफिशरी मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया गया है। इससे प्रत्येक हैल्थ वर्कर को जोड़ा जा रहा है। इसमें जिलेवार डेटा शामिल कर अपलोड करेंगे ताकि इसकी पूरी जानकारी सरकार के पास रहे। इससे कोरोना वैक्सीन के टीके इन्हें लगने के बाद में बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों व पुरुषों को लगाए जाएंगे। इस सिस्टम से आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जोड़ा जा रहा है। इसमें वार्ड बॉय व लैब टेक्नीशियन भी जोड़े जा रहे हैं, इसमें ऐसे लोग प्राथमिकता से लिए जा रहे है, जो सीधे तौर पर कोरोना से लड़ रहे हैं।

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राजस्थान में 3322 सरकारी और 1800 निजी संस्थान जुड़ेंगे

उदयपुर में आरसीएचओ के माध्यम से ये डेटा संग्रहित हो रहे हैं। इसमें 151 सरकारी, जबकि 50 निजी चिकित्सकीय संस्थान हैं। इन सभी का डेटा केन्द्र के फोरमेट एचएमआईएस की साइट पर अपलोड किया जाएगा, इसी प्रकार राज्य के अन्य जिले भी साइट पर अपलोड करेंगे ताकि केन्द्र सरकार सभी राज्यों के डेटा की समीक्षा कर इस पर काम कर सके। इसके बाद केन्द्र राज्यों को निर्देशित करेगा। केन्द्र की इस पर गाइड लाइन पर राज्य सरकार निर्देश जारी करेगी। इसके बाद वैक्सीनेशन शुरू हो जाएगा। प्रदेश में 3322 सरकारी और 1800 निजी संस्थान शामिल किए जा रहे हैं।
70 प्रतिशत आ चुका है डेटा

जिले में करीब 70 प्रतिशत डेटा आ चुका है। पूरा डेटा आते ही साइट पर अपलोड कर देंगे। कोरोना वैक्सीन को लेकर यह डेटा शामिल किए जा रहे हैं।
डॉ. अशोक आदित्य, आरसीएचओ, उदयपुर

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सरकार ने सभी मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटलों से जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है ताकि समय पर उन्हें कोरोना वैक्सीन आने के साथ ही टीके लगाए जा सके। आरएनटी में करीब 700 चिकित्सक व दो हजार से अधिक नर्सेज शामिल हैं।

डॉ. लाखन पोसवाल, प्राचार्य, आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर



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वीडियो ..घर घर जाकर लोगों को ऐसे जगाया, जाग जाओ

भुवनेश पंड्या
उदयपुर. नगर निगम की ओर से रविवार को 10 वार्डों में रैलियां निकालकर शहर वासियों को कोरोना महामारी से बचने के उपायों की जानकारी दी गई। नगर निगम महापौर गोविंद सिंह टाक व उप महापौर एवं स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष पारस सिंघवी ने बताया कि नगर निगम द्वारा कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए कई कार्यक्रम हो रहे हैं। वार्ड 51 में सिंघवी ने मास्क वितरित किए। सोशल डिस्टेंसिंग रखने के साथ अन्य उपाय भी लोगों को बताए।
बता दें कि प्रत्येक बुधवार एवं रविवार को 10 वार्डों में सफ ाई कर्मचारियों द्वारा रैली निकालकर शहर की जनता को जागरूक करने को हो रहे हैं। महापौर टाक, उपमहापौर सिंघवी सहित 10 वार्ड पार्षदों ने अपने वार्ड में रैलियां निकाली व मास्क बांटे।

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महापौर बोले: सतर्क रहकर सभी की सुरक्षा बेहद जरूरी

महापौर ने कहा कि दीपावली के चलते बाजारों में बहुत भीड़ भाड़ है, यही समय है जिसमें हमें सबसे ज्यादा ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। शहरवासी मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलें, 2 गज की दूरी बनाए रखनी है। हाथों को बार-बार साबुन से धोना है।



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Saturday, 7 November 2020

इस तरीके से बच गए कोरोना मरीज, करके देखिए ...

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. कोरोना से बचाव के लिए निजी बाजार से लेकर सरकारी हॉस्पिटल में जीवन रक्षक इंजेक्शन रेमडेसिविर और टोसिलिजुमेब का खूब इस्तेमाल किया गया। हालांकि दोनो की तुलना में टोसिलिजुवेब कम लगाए गए हैं। सरकारी हॉस्पिटल में ये नि:शुल्क लगाए गए, जबकि बाजार में भी मरीजों ने खुद के बचाव के लिए इनका सर्वाधिक उपयोग किया। कोरोना संक्रमित और गंभीर प्रभावित मरीजों के लिए बाजार से लेकर एमबी हॉस्पिटल में सितम्बर अक्टूबर में ये इंजेक्शन खूब लगे तो जैसे-जैसे कोरोना का संक्रमण कम नजर आने लगा तो इंजेक्शन की मांग से लेकर बिक्री भी कम हुई है।

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- निजी बाजार में अगस्त माह से इसकी खपत शुरू हुई थी, जो इंजेक्शन लोगों को निजी हॉस्पिटलों में लगाए गए, इसमें शुरुआती माह में तो करीब सात सौ से आठ सौ इंजेक्शन बिके, लेकिन सितम्बर और अक्टूबर में तो इनकी बिक्री को जैसे पंख लग गए। इसमें इन दो माह में प्रति माह करीब दो से ढाई हजार इंजेक्शन बेचे गए, जो निजी हॉस्पिटलों ने मरीजों के लिए खरीदे और लगाए।

- गत एक पखवाड़े से अब बाजार से इसकी मांग घटने लगी है, इसमें रेमडेसिविर की मांग केवल 30 प्रतिशत रही है टोसिलिजुमेव की बेहद कम यानी करीब 15 फीसद।

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रेमडेसिविर इंजेक्शन पांच कंपनियां बना रही थी, जबकि टोसिलिजुमेव इंजेक्शन केवल एक कंपनी बना रही थी

कीमत

- रेमडेसिविर- 2800 से 5 हजार रुपए तक अलग-अलग कंपनियों के अनुसार। यह पांच या छह इंजेक्शन मरीजों को अलग-अलग दिनों में लगाए जाते हैं।

- टोसिलिजुमेव- 30 हजार 800 रुपए कीमत है। जबकि इसे बाजार में 32 हजार तक भी बेचा गया। यह एक या दो इंजेक्शन एक मरीज को लगाए जाते हैं।

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एमबी में ऐसे लगे ये इंजेक्शन - सरकारी स्तर पर भर्ती मरीजों को चिकित्सक की सलाह पर ये इंजेक्शन नि:शुल्क लगाए गए हैं।

माह- भर्ती मरीज- लगाए गए रेमडेसिविर- लगाए गए टोसिलिजुमेव

सितम्बर- 772- 483-9

अक्टूबर- 391- 298- 15

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सितम्बर और अक्टूबर में रेमडेसिविर और टोसिलिजुमेव जीवन रक्षक इंजेक्शनों की बड़ी संख्या में बिक्री हुई है। पिछले करीब दस दिनों से इनकी बिक्री कम हो गई है, जैसे-जैसे मरीज कम हो रहे हैं, ये इंजेक्शन भी कम बिकने लगे हैं। ये इंजेक्शन वाकई जीवन रक्षक साबित हुए हैं।

अरविन्द गुप्ता, राजस्थान व ऑल इंडिया केमिस्ट एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट व अध्यक्ष उदयपुर संभाग

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जिन-जिन मरीजों को जरूरत थी, उसके आधार पर उनकी स्थिति देखते हुए ये जीवन रक्षक इंजेक्शन लगाए गए। इन नि:शुल्क इंजेक्शन का मरीजों को बेहद लाभ मिला और उनकी जान बची। सरकार के इस कदम का सुपरिणाम लोगों को मिला।

डॉ आरएल सुमन, अधीक्षक एमबी हॉस्पिटल उदयपुर

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आखिर इनके अंदर कौन झांके ...

भुवनेश पंड्या
उदयपुर. प्राइवेट हॉस्पिटलों में एक से एक शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन चिकित्सा विभाग के पास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है कि या एकल खिड़की नहीं है, जहां लोग सीधे तौर पर शिकायत करें और इसका समाधान हो जाए। कोरोना महामारी शुरू होने के साथ ही सरकार ने निर्देशित किया था, कि ऐसी व्यवस्था हो कि कोई भी व्यक्ति किसी भी समस्या पर सीधे संपर्क कर सकेंगे। उदयपुर में मेडिकल कॉलेजों से लेकर कई छोटे बड़े हॉस्पिटल हैं। इसलिए यहां तो इस तरह की व्यवस्था की बेहद ज्यादा जरूरत हैं।

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ज्यादातार पहुंच रही हैं सीधे जिला प्रशासन तक चिकित्सा विभाग के पास अलग से कोई कम्प्लेन सेल नहीं होने से लोग अपनी-अपनी समस्याएं लेकर जिला प्रशासन तक पहुंच रहे हैं। यहां भी इन लोगों की दिक्कतों का तत्काल समाधान नहीं होता। ऐसे में उन्हें कई प्रकार की परेशानी झेलनी पड़ती है। विभाग को चाहिए कि वह अलग से एक हेल्पलाइन नम्बर जरूर जारी कर दें, ताकि कोई भी व्यक्ति सीधे इससे संपर्क कर अपनी समस्या वहां बता सके, और इसे तय समय में हल किया जा सके। विभाग की कोई कम्प्लेन मेल आईडी भी जारी करने चाहिए ताकि व्यक्ति ऑनलाइन समस्या भेज सके।

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इस तरह की आ रही है समस्याएं

- उपचार में लापरवाही

- उपचार में ज्यादा शुल्क लेने

- आपसी विवाद

- कई बार चिकित्सकों व स्टाफकर्मियों द्वारा दुव्र्यवहार

- प्रबन्धन द्वारा विभिन्न प्रकार के दबाव

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कई बार उलट भी

- कई बार निजी चिकित्सालयों में भी किसी मरीज के परिजन हंगामा या जानबूझकर हुडदंग मचाते हैं। कई बार उपचार में लापरवाही का बेवजह आरोप लगाकर उल्टी सीधी मांगे भी रखते हैं। ऐसे में ये जरूरी है कि एक प्लेटफार्म हो ताकि वहां पर दोनों पक्षों पर निर्णय हो सके। यह स्पष्ट हो सके कि कौन सही है और कौन गलत।

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कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत चिकित्सा विभाग को लिखित में प्रस्तुत कर सकते हैं। जो भी इस तरह के मामले विभाग के पास आ रहे हैं, उनका जल्द से जल्द निस्तारण करने का प्रयास किया जा रहा है।

डॉ दिनेश खराड़ी, सीएमएचओ उदयपुर



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इसे खाकर दिखे तो शानदार लेकिन बाद में ...

भुवनेश पंड्या
उदयपुर उदयपुर में कई युवा खतरे की राह चल रहे हैं, इसलिए कि वे बेहतर शरीर बनाकर लोगों को दिखाने की चाहत में फूड सप्लिमेंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये सप्लिमेंट्स बकायदा कई जिम में सामान्य ज्यूस और अन्य फ्रूट्स के साथ बिक रहे हैं। हालात ये है कि इसके लिए ना तो जिम इंस्ट्रक्टर डॉक्टरी सलाह ले रहे है और ना ही वो युवा चिकित्सकों के पास जाकर इसके बारे में जानने का प्रयास करते हैं।

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अंधी दौड़ बेवहज होड़

- बेहतर शरीर दिखाने के लिए इस तरह की दवाइयां लेना किसी अंधी दौड़ जैसा है। ये ऐसी बेवजह होड है जो कई तरह की बीमारियां पैदा कर रही है। एक समय के बाद में शरीर साथ देना तक छोड़ देता है।

- बाजार मे नकली सप्लिमेंट्स भी खूब हैं। ऐसे में यदि इन्हें सही तरीके से नहीं पहचाना जाता है तो ये नुकसान देह है।

- किसी भी तरह के न्यूट्रिशियन की जरूरत है तो सप्लिमेंट लिए जा सकते हैं, लेकिन बगैर डॉक्टरी सलाह व सही सप्लिमेंट्स की जानकारी के लेना खतरनाक होता है। जिम इंस्ट्रक्टर की बजाय इसकी राय चिकित्सक से ही लेनी चाहिए।

- प्रत्येक सप्लिमेंट्स के लिए यह जरूरी है कि इसे कब व कैसे लेना है इसकी जानकारी भी होना जरूरी है।

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सप्लिमेंट्स के शुरुआती नुकसान

-- तेज सिर दर्द, चक्कर, उल्टी भी होती है। मल्टीविटामिन व मल्टीमिनरल से शरीर में अच्छा महसूस होता है, लेकिन बाद में इसकी मात्रा अधिक होने पर समस्याएं होने लगती है।

- केल्शियम व विटामिन की अधिक मात्रा लेने पर शरीर को नुकसान होता है। विटामिन डी ज्यादा लेने पर शरीर को टोक्सीक हो जाता है, जिससे उल्टी, सरदर्द व चक्कर व भूख नहीं लगने की शिकायतें सामने आती है। इसी तरह यदि शरीर में कैल्शियम की मात्रा बढ़ जाती है तो एसिडिटी के साथ स्टोन की समस्या हो सकती है, ये नसों में जम जाता है। इसी तरह यदि प्रोटीन ज्यादा हो जाए तो किडनी पर असर होना शुरू हो जाता है। ------

यदि न्यूट्रिशियन की सलाह से दवाइयां ले रहे हैं तो कोई समस्या नहीं है, लेकिन यदि बिना सलाह के जिम इंस्ट्रक्टर के कहने पर ही इसे ले रहे हैं तो बेहद खतरनाक है, जरूरत से अधिक एक्सरसाइज भी किडनी को फेल कर देती है। प्रोटीन सप्लिमेंट ज्यादा खाने से यूरिक एसिड बढ़ जाता है, इससे काब्रोहाइटे्रट कम हो जाता है। इससे कई समस्याएं होती है।

डॉ महेश दवे, वरिष्ठ फिजिशियन एमबी हॉस्पिटल



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तो क्या दौड़कर दूर करेंगे ये खतरे की गंदगी

भुवनेश पंड्या

उदयपुर मिलावटखोरों का गिरेबान पकडऩे के लिए उदयपुर संभाग के हाल बेहद चिंताजनक हैं। पूरे संभाग में केवल एक ही स्पॉट टेस्ट वेन लैब है। वह भी ऐसी है कि उसे तेज गति से नहीं चलाया जा सकता तो माकूल टेक्नीशियन की भी कमी है, जो ज्यादा से ज्यादा टेस्ट कर सके। इसे तेज गति से इसलिए नहंी चलाया जा सकता क्योंकि इसके पीछे दो-दो की जगह एक-एक पहिया लगा हुआ है। ऐसे में यदि इसे तेज गति से चलाते हैं तो पलटने का डर रहता है।

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संभाग में छह जिले लेकिन अब तक केवल उदयपुर और राजसमन्द तक ही सीमित उदयपुर संभाग में छह जिले हैं, लेकिन वेन अब तक केवल उदयपुर में ही चल रही है, जबकि राजसमन्द में एक दिन के लिए भेजा गया था। इस स्थिति में जितने स्पॉट टेस्ट होने चाहिए इतने हो नहीं रहे। शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के लिए इसे केन्द्र सरकार की एजेंसी फूड सेफ्टी ऑन विल्स वाहन को फूड सेफ्टी एंड स्टेडर्ड ऑथोरिटी ऑफ इंडिया ने कुछ माह पूर्व संभाग को भेजीी है। पहले कुछ छोटी वेन रसद विभाग के माध्यम से चलती थी, लेकिन वह आउटडेटेड होने के कारण बंद कर दी गई।

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ये होते हैं टेस्ट: इस वेन में ये-ये टेस्ट होते हैं।

- डिजिटल टोटल पोलर कंपाउंड डिडेक्टर रोड- इस मशीन में सेंसर लगा हैं। 25 प्रतिशत से अधिक पोलर बता देंगे। यदि किसी तेल को हलवाई में ज्यादा बार इस्तेमाल किया है तो सामने आ जाएगा कि तेल फेकने लायक है, एसिड वेल्यू भी नजर आ जाती है।

- रिफ्लेक्टोमीटर- शुगर प्रतिशत देखने के लिए। यानी किसी भी तरल में यदि कुछ घुला हुआ है तो इसका प्रतिशत सामने आ जाएगा।

- हेंड टीडीएस मीटर- इलैक्ट्रोकन्डक्टिविटी, टीडीएस और पीएच नापने के काम आता है।

- नियोजन- एफ्लाटोक्सीन की जांच की जा सकती है, साथ ही एंटीबायटिक का कितना इस्तेमाल है, यह जानकारी मिल जाती है।

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यह भी हो जाता है टेस्ट स्पॉट टेस्ट के लिए मावे या स्टार्च, मिठाई व मावे में मैदा मिलाया हो या, कार्बोनेट मिलाया हो तो टेस्ट हो जाता है, सोडा मिलाया हो तो सामने आ जाता है साथ ही ज्यूस में चीनी का प्रतिशत पता चल जाता है।

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चलाने वाले प्रशिक्षित जितनी संख्या में चाहिए उतने टेक्नीशियन हमारे पास नहीं है, फिर भी हम पूरा प्रयास कर रहे है कि बेहतर कर सके। इसमें सीनियर टेक्नीशियन लगाए गए हैं। फिलहाल संभाग में केवल एक ही लैब है।

रवि सेठी, फूड एनालिस्ट उदयपुर

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50 से अधिक गति से तेज नहीं चला सकते इस वेन को। इसके पीछे एक-एक टायर होने से तेज चलाने की कोशिश में पूरी गाड़ी में कंपन होता है, ऐसा लगता है जैसे ये पलट जाएगी, इसमें पीछे दो-दो पहिये होने जरूरी हैं।

करणसिंह, चालक फूड सेफ्टी वेन



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कोरोना खेल रहा जिंदगी से

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. उदयपुर में शनिवार को 32 नए पॉजिटिव मिले। सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि
480 सैंपल लिए गए। जांच के दौरान 448 नेगेटिव तथा 32 पॉजिटिव पाए गए। अब तक कुल पॉजिटिव की संख्या 7125 हो गई है। अब तक 6748 मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। इनमें से कुल 302 एक्टिव केस हैं, इनमें से 208 होम आइसोलेशन में हैं, जबकि 75 लोगों की कोरोना से मृत्यु हो चुकी है। कोविड.19 प्रभारी डॉ. शंकर एच बामनिया ने बताया कि 22 संक्रमित शहरी क्षेत्र से हैं, इनमें 03 कोरोना वॉरियर्स, 6 क्लोज कांटेक्ट,13 नए तथा ग्रामीण क्षेत्र से 10 पॉजिटिव में से 7 क्लोज कांटेक्ट, 3 नए केस है। कोरोना वॉरियर्स में 2 चिकित्साकर्मी सहित 1 पुलिसकर्मी है। इनमें एमबी हॉस्पिटल में कार्यरत सवीना निवासी 42 वर्षीय लैब टेक्नीशियन व 47 वर्षीय मेल नर्स निवासी टेकरी चौराहा सहित 57 वर्षीय पुलिसकर्मी संक्रमित हैं।

यहां भी मिले संक्रमित
टेकरी चौराहा मेनारिया गेस्ट हाउस के पास एसी ब्लॉक सवीना सामुदायिक केंद्र के पीछे, सिल्वर स्टार अपार्टमेंट न्यू विद्यानगर सेक्टर 4, समता विहार तितरड़ी, सुथारवाड़ी सलूंबर, बनोड़ा सलूंबर, सूरजपोल, देबारी, न्यू कृष्णा नगर माता जी की घाटी तितरड़ी, अमृत नगर बेदला, भटेवर वल्लभनगर, संस्कार कॉम्प्लेक्स, नवरत्न कॉम्पलेक्स, तहसील के सामने गोगुंदा, यादव कोलोनी, अंबा माता, दिव्य ज्योति अपार्टमेंट भूपालपुरा, बीएसएनल रोड सेक्टर 4, आई ब्लॉक सेक्टर 14, रोड नंबर 2 मधुर पब्लिक के पास सुभाष नगर, पाठों की मगरी, भींडर की हवेली चांदपोल, वकील कॉलोनी सेक्टर 11, सी क्लास प्रताप नगर, अशोकनगर रोड नंबर 7, लेक गार्डन सेक्टर 14, शिव मंदिर के पास सेक्टर 3, विवेक नगर चित्रकूट नगर, चांदपोल बाहर अमित हवेली, ए ब्लॉक सेक्टर 9, शीतला पार्क के सामने गायत्री नगर सेक्टर 5 व सवीना से संक्रमित पाए गए।

उदयपुर में शनिवार को कोरोना से 25 वर्षीय गर्भवती सहित दो मौत हो गई। टेकरी निवासी 25 वर्षीय गर्भवती का दाह संस्कार अशोक नगर स्थित मोक्ष धाम में किया गया। साथ ही यहां प्रतापगढ़ निवासी 90 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। विभाग के अनुसार अब तक 75 लोगों की कोरोना से मौत हुई है।



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ऐसे लेबल बाजार में तो मौत से कौन बचाएगा

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. प्रदेश में नकली दवा माफिया बेखौफ है। वे धड़ल्ले से जगह-जगह नकली दवाइयों का जाल बिछाकर कमाई करते हैं। दूसरी ओर यदि नकली दवाओं के इक्का दुक्का मामले पकड़े भी जाते हैं तो इसकी रिपोर्ट वर्षों बाद संबंधित अधिकारी के पास पहुंचती है। ऐसे में दवा सेवन करने वाले व्यक्ति की मृत्यु भी हो जाए तो इसकी रिपोर्ट से पुष्टि होना मुश्किल है। यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि यहां औषधि नियंत्रण प्रयोगशाला केवल जयपुर में ही है, जबकि तीन जिलों में प्रयोगशालाएं बनकर तैयार हो गई है, लेकिन सरकार इन्हें शुरू नहीं कर पा रही।

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इसलिए हो रही रिपोर्ट में देरी

प्रदेश में जरूरत के मुताबिक प्रयोगशालाएं नहीं होने से सैंपल ली गई दवा की रिपोर्ट दो या तीन वर्ष में मिल रही है। उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर में प्रयोगशालाओं के भवन बनाकर तैयार हो गए है, लेकिन वर्तमान में सरकार उन्हें शुरू नहीं कर पाई है। सरकार पिछले वर्ष इन्हें शुरू करने का मन बना चुकी थी, लेकिन कोरोना की वजह से भी इसकी शुरुआत में देरी हो रही है। वर्तमान में जयपुर लैब में पांच हजार से अधिक नमूनों की जांच लम्बित है।
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सीएम ने पिछले कार्यकाल में की थी घोषणा
वर्ष 2012-13 मेंं नई औषधि परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जानी थी, लेकिन इसके सात-आठ वर्ष बाद भी ये स्थापित नहीं हो पाई है। कई वर्षों बाद इनके भवन बन गए, लेकिन अभी यहां पूरे उपकरण और स्टाफ नहीं लगाया गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने पिछले कार्यकाल में 26 मार्च, 2012 के बजट भाषण में इन तीनों प्रयोगशालाओं को शुरू करने की घोषणा की थी, जो वर्ष 2020 तक शुरू नहीं हो पाई है। राजस्थान मेडिकल कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से उपकरणों की खरीद होनी थी तो उपकरणों की खरीद के लिए 1015 लाख और 671.05 लाख रुपए का बजट जारी किया गया था, वहीं जोधपुर व बीकानेर को 583 लाख का बजट दिया गया था। बाद में इसे संशोधित कर कुल 1485.79 लाख रुपए दिए गए। उदयपुर को 54.30 लाख का बजट मिला था।

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उदयपुर में पहले मिल चुकी है नकली दवा

उदयपुर में तय मापदंडों के विरुद्ध बिकने वाली दवाइयों के अब तक करीब 30 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। 26 मामले नकली या सब स्टेडर्ड दवाओं के हैं। गंभीर अवमानना पर सरकार इसके लिए स्वीकृति देती है। औषधि व प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के तहत मामले जांचे जाते हैं। उदयपुर में 2017 में पीमोक्सीवी में निल कंटेट होने से इसे नकली माना गया था। यह एंटीबायटिक गोली है। वर्तमान में प्रत्येक औषधि नियंत्रण अधिकारी (डीसीओ) छह नमूने प्रतिमाह ले रहे हैं। यानी न्यूनतम 24 नमूने लिए जा रहे है।
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लगाए गए दो फार्मासिस्ट
औषधि नियंत्रण अधिकारी विशाल जैन ने बताया कि यहां दो फार्मासिस्ट लगाए गए हैं, परीक्षण के लिए उपकरण आने लगे हैं। नियमानुसार नमूने लिए जाते हैं, लेकिन रिपोर्ट देरी से आती है। जिसमें पांच या दस प्रतिशत या निल कंटेट आता है, वह नकली दवा है। लेबल के अनुसार सॉल्ट कंटेंट नहीं होना नकली है। कोई भी टेबलेट तय समय में घुलती नहीं है तो अमानक मानी जाती है। फिलहाल नमूने जांच के लिए जयपुर औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जाता है।

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लैब तैयार, लेकिन शुरू नहीं

लैब बनकर तैयार हो गई है, लेकिन फिलहाल शुरू नहीं हुई है। प्रदेश मेंं अन्य दो लैब भी शुरू नहीं है। केवल जयपुर से ही जांच हो रही है, ऐसे में दो-दो वर्ष से नमूनों की जांच लम्बित है। अभी वर्ष 2018 की रिपोर्ट मिली है। औषधि नियंत्रक के यहां से स्टाफ लगाने के बाद ही इसे शुरू कर सकते हैं। कोरोना के कारण देरी हो गई है।
चेतन्य प्रकाश पंवार, सहायक औषधि नियंत्रक, उदयपुर



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Wednesday, 4 November 2020

मावे पर नजर तेज, सूखे मेवे की अनदेखी

भुवनेश पंड्या
उदयपुर. शुद्ध के लिए युद्ध अभियान शुरू हुए कई दिन हो गए हैं, लेकिन जांच दल का दायरा मावे व मसालों तक ही सिमट कर रह गया है, जबकि सूखे मेवे के नमूने कई दिनों बाद सोमवार को लिए गए हैं। शहर में बड़ी सूखे मेवे की दुकानों से लेकर कई सूखे मेवे तो लोग इन दिनो ठेलों पर बेचने तक लग गए है, तो कुछ मेवे सड़क किनारे लोग पोटलियों में बेच रहे हैं, ऐसे में इनकी गुणवत्ता जांच भी जरूरी है।

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पहली बार लिए सूखे मेवे के नमूने खाद्य सुरक्षा अधिकारी दल ने सूखे मेवे के नमूने पहली बार लिए हैं, जबकि इन मेवों की कीमत मावे और मिठाइयों से अधिक हैं। अब तक ज्यादातर सूखे मेवे तो लोगों ने खरीदकर घरों में संग्रहित कर दिए हैं।

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शुद्ध के लिए युद्ध अभियान जारी सोमवार को तीन प्रतिष्ठानों से लिए नमूनेराज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले में चल रहे शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत बुधवार को शहर से दो प्रतिष्ठानों से चार नमूने लेकर जांच की गई। जिला कलक्टर चेतन देवड़ा के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं दल ने मण्डी की नाल स्थित मैसर्स बसन्त एन्टरप्राइजेस से बादामगिरी, मैसर्स तुलसीराम छगनलाल से काजू एवं मैसर्स अनिल ट्रेडर्स से लाल मिर्च पाउडर के नमूने लिए और स्पॉट टेस्ट किया गया। इस जांच में कोई भी नमूना सब स्टेण्डर्ड नहीं पाया गया। करीब 25 किलोग्राम लाल मिर्च पावडर को सीज किया गया है। 



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