Wednesday, 4 November 2020

मावे पर नजर तेज, सूखे मेवे की अनदेखी

भुवनेश पंड्या
उदयपुर. शुद्ध के लिए युद्ध अभियान शुरू हुए कई दिन हो गए हैं, लेकिन जांच दल का दायरा मावे व मसालों तक ही सिमट कर रह गया है, जबकि सूखे मेवे के नमूने कई दिनों बाद सोमवार को लिए गए हैं। शहर में बड़ी सूखे मेवे की दुकानों से लेकर कई सूखे मेवे तो लोग इन दिनो ठेलों पर बेचने तक लग गए है, तो कुछ मेवे सड़क किनारे लोग पोटलियों में बेच रहे हैं, ऐसे में इनकी गुणवत्ता जांच भी जरूरी है।

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पहली बार लिए सूखे मेवे के नमूने खाद्य सुरक्षा अधिकारी दल ने सूखे मेवे के नमूने पहली बार लिए हैं, जबकि इन मेवों की कीमत मावे और मिठाइयों से अधिक हैं। अब तक ज्यादातर सूखे मेवे तो लोगों ने खरीदकर घरों में संग्रहित कर दिए हैं।

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शुद्ध के लिए युद्ध अभियान जारी सोमवार को तीन प्रतिष्ठानों से लिए नमूनेराज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले में चल रहे शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत बुधवार को शहर से दो प्रतिष्ठानों से चार नमूने लेकर जांच की गई। जिला कलक्टर चेतन देवड़ा के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं दल ने मण्डी की नाल स्थित मैसर्स बसन्त एन्टरप्राइजेस से बादामगिरी, मैसर्स तुलसीराम छगनलाल से काजू एवं मैसर्स अनिल ट्रेडर्स से लाल मिर्च पाउडर के नमूने लिए और स्पॉट टेस्ट किया गया। इस जांच में कोई भी नमूना सब स्टेण्डर्ड नहीं पाया गया। करीब 25 किलोग्राम लाल मिर्च पावडर को सीज किया गया है। 



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