Saturday, 29 December 2018

कॉलोनियों में सीवरेज ने रोकी राह-कहीं पाइप टूटे, कहीं आधा काम छोड़ा

भीलवाड़ा।

वस्त्रनगरी को स्मार्ट सिटी बनाने की पहल में किए जा रहे सीवरेज के काम से भी अब परेशानियां आने लगी हैं। सीवरेज परियोजना के लिए शहर को दो जोन में बांटा गया है। इसमें करीब 41० किलोमीटर लाइन बिछाई जा रही है।

परेशानी यह है कि रमाविहार, सुभाषनगर, सेंट एंसलम स्कूल के पीछे, आरसी व्यास कॉलोनी, विजयसिंह पथिकनगर क्षेत्र में सीवरेज लाइन डालने का काम चल रहा है। किसी गली में पाइपलाइन डल चुकी है और किसी में काम चल रहा है। परेशानी यह है कि एक ही कॉलोनी में एक जगह काम शुरू कर अधूरा छोड़ देने से लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। प्रोजेक्ट अधिकारियों का तर्क है कि एक जगह काम पूरा करने से 15 से 20 दिन लगते हैं।

पाइपलाइन नहीं हो रही ठीक

सीवरेज के लिए सड़क खोदने के दौरान सुभाषनगर पार्क के आस-पास लोगों की पानी की पाइपलाइन टूट गई है। सुभाषनगर निवासी शंकरलाल पांडिया ने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत जो काम चल रहा है, इसकी जानकारी लोगों को नहीं है। एक बार सीवरेज के लिए, दूसरी बार चंबल के पानी के लिए और तीसरी बार टेलीफोन वाले या और कोई सड़क खोदने आ जाएंगे। इसी तरह काम होता रहेगा तो सड़क पर पानी भरता रहेगा।

यहां भी खानापूर्ति

शहर में चल रहे सीवरेज के काम का पत्रिका टीम ने कई कॉलोनियों में जायजा लिया। आरसी व्यास कॉलोनी व विजयसिंह पथिकनगर में कई जगह काम हो चुका है। इसके बावजूद गड्ढे बने हुए हैं। कुछ जगह सड़क को सही करने के लिए खानापूर्ति कर दी गई। वहां जो डामर के साथ गिट्टी बिछाई गई है, उससे और दुर्घटनाएं हो रही हैं।

अब तक इतना हो चुका है काम

शहर में चल रहे सीवरेज के काम का पत्रिका टीम ने कई कॉलोनियों में जायजा लिया। आरसी व्यास कॉलोनी व विजयसिंह पथिकनगर में कई जगह काम हो चुका है। इसके बावजूद गड्ढे बने हुए हैं। कुछ जगह सड़क को सही करने के लिए खानापूर्ति कर दी गई। वहां जो डामर के साथ गिट्टी बिछाई गई है, उससे और दुर्घटनाएं हो रही हैं।

एक नजर में प्रोजेक्ट

369 करोड़ का प्रोजेक्ट
23 अगस्त 2017 को शुरुआत
22 अगस्त 2020 तक पूरा करना है काम
45 प्रतिशत क्षेत्र शहर का कवर होगा
73 प्रतिशत आबादी होगी लाभान्वित
410किमी बिछेगी लाइन
15011 मेनहॉल बनेंगे
1706 चेंबर्स बनेंगे
43610 कनेक्शन होंगे

...
शहर में सीवरेज का काम तीव्र गति से चल रहा है। एक जगह काम पूरा होने से 15 से 20 दिन लगेंगे। थोड़ी असुविधा जरूर होगी, लेकिन नालियों का गंदा पानी शहर में नहीं दिखेगा। इससे बीमारियां खत्म होगी और शहर स्मार्ट सिटी की दौड़ में होगा। कहीं समस्या है तो जनता इसकी शिकायत कर सकती है। काम गुणवत्ता के साथ किया जा रहा है। -सुधीर मिश्रा, एसई, आरयूआइडीपीकॉलोनियों में सीवरेज ने



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