सवाईमाधोपुर। रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान के राजबाग वन क्षेत्र में बाघ के हमले में मारी गई महिला के परिजनों को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देशानुसार चार लाख रुपए का मुआवजा दिया गया है। मालूम हो कि गुरुवार को लकड़ियां लेने गई महिला पर बाघ ने हमला कर जान ले ली थी । बाघ महिला को झाडिय़ों में ले गया। उसके शरीर का काफी हिस्सा खा गया।
ब्रह्मपुरी निवासी नरौती (62) पत्नी रामप्रसाद महावर एक अन्य महिला संपत देवी के साथ सुबह करीब 11 बजे लकड़ी लेने जंगल में गई थी। लकड़ी बीनते-बीनते नरौती आगे निकल गई। इसी दौरान बाघ ने उस पर हमला कर दिया। दोपहर एक बजे घटना का पता चला। तलाशी अभियान के बाद शाम सवा चार बजे झाडिय़ों में नरौती का शव मिला।
वन अधिकारियों ने बताया कि जिस जगह पर महिला का शव मिला है, उसके आसपास बाघ टी-57 तथा बाघ टी-98 का मूवमेंट है। वहां दोनों बाघों के पगमार्क मिले हैं। वहीं रणथम्भौर में लकड़ी काटने एवं बिना अनुमति प्रवेश पर प्रतिबंध है। राजबाग खेल मैदान से जंगल की तरफ आगे चलने पर एक चौकी भी है। नरौती के नहीं मिलने पर जब सम्पत चौकी पर गई तो वहां कोई कर्मचारी नहीं मिला था।
बाघ की पहचान नहीं हुई है
राजबाग इलाके में बाघ के हमले में महिला की मौत हुई है। चौकी पर एक गार्ड रहता है, जबकि जंगल में लोग घुसने के कई रास्ते बना लेते हैं। ऐसे में रोकना मुश्किल हो जाता है। बाघ की पहचान अभी नहीं हुई है। ट्रेकिंग की जा रही है।
संजीव शर्मा, सहायक वन संरक्षक, रणथम्भौर बाघ परियोजना सवाईमाधोपुर
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