कोटा. कोटा सहित राज्य के करीब 20 हजार पुलिसकर्मियों को फरवरी माह का वेतन नहीं मिल पाया है।वेतन क्यों रोका गया है, इसको लेकर पुलिसकर्मी और अधिकारियों के पास कोई पुख्ता सूचना नहीं है। ऐसे में वेतन रोकने के कारणों का अनुमान ही लगाया जा रहा है। पुलिस अधिकारी वित्तीय वर्ष का अंतिम माह के चलते आयकर गणना की प्रकिया के कारण इसमें देरी होना बता रहे हैं। कुछ अधिकारी पुलिसकर्मियों के वेतन का मद बदलने के कारण देरी होना बता रहे हैं।
पुलिसकर्मियों ने बताया कि निवेश के आवश्यक दस्तावेज जमा करवा दिए थे, लेकिन इसके बावजूद अभी तक उनके वेतन का भुगतान नहीं हुआ। इसके अलावा आयकर के दायरे में न आने वाले पुलिसकर्मियों का भी वेतन अटका है। वहीं पुलिस के लेखा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जितना बजट प्राप्त हुआ था। उसका नियमानुसार दस्तावेज लेकर वितरण किया जा रहा है। जिनका वेतन अटका है, उनका भी भुगतान कर दिया जाएगा। हाड़ौती में कोटा सिटी, कोटा ग्रामीण, झालावाड़, बूंदी व बारां के पुलिसकर्मियों को भी परेशानी हुई है।
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पुलिसकर्मियों की आय की वार्षिक गणना करने के बाद उनसे निवेश के दस्तावेज लिए जा रहे हैं। ऐसे में आय की गणना के कारण तनख्वाह में कुछ समय लग रहा है। किसी कर्मचारी की एक साथ ज्यादा राशि नहीं कटे। ऐसे में यदि पुलिसकर्मी का आयकर बनता है, तो फरवरी व मार्च दोनों माह की तनख्वाह में से आयकर की कटौती की जा जाएगी। मद बदलने से आने वाली परेशानी से अटके वेतन प्राप्त होते ही इसकी राशि पुलिसकर्मियों के खातों में समायोजित कर दी जाएगी।
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पुलिसकर्मियों का वेतन आयकर प्रकिया चलने के कारण देरी हुई होगी। बजट की कमी नहीं है। पुलिसकर्मियों से उनके निवेश की जानकारी देकर आवेदन भरने के बाद उन्हें भुगतान किया जा रहा है।
हर्ष रत्नू, एएसपी, कोटा मुख्यालय
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