भीलवाड़ा। जिले के करेड़ा क्षेत्र से कुआ खुदाई के लिए महाराष्ट्र गए तीन युवकों की बुधवार को मौत हो गई। खुदाई के दौरान तीनों क्रेन की सहायता से बाहर निकल रहे थे। इस दौरान क्रेन टूट गई और तीनों कुएं में गिर गए। तीनों का शव गुरुवार सुबह उनके गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया।
दो युवक एक ही गांव के थे जबकि एक अन्य दूसरे गांव का। एक का शव लेने से परिजनों और ग्रामीणों ने इनकार कर दिया। मुआवजे की मांग पर प्रदर्शन किया। करेड़ा थाना पुलिस समझाइश में लगी हुई थी।
जानकारी के अनुसार करेड़ा क्षेत्र के लक्ष्मीपुरा निवासी धर्मराज गुर्जर (23), धनसिंह रावत (40) तथा पीपलिया निवासी नारायणसिंह (24) महाराष्ट्र के नासिक जिले में कुआ खुदाई के लिए मजदूरी करने गए। कुआ खुदाई के बाद तीनों को एक ही क्रेन में बैठाकर बाहर निकाला रहा था। इस दौरान क्रेन टूटने से तीनों कुएं में गिर गए।
इससे उनकी सिर में चोट लगने से मौत हो गई। हादसे की सूचना पर बुधवार रात से ही गांव गमजदा था। सुबह उनके घर शव पहुंचा तो परिजनों के धैर्य का बांध टूट पड़ा और आंसूओं का सैलाब उमड़ पड़ा। परिजनों को ढांढस बंधाने वालों की भीड़ जमा हो गई। नारायणसिंह और धर्मराज का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया जबकि धनसिंह का ग्रामीणों ने शव लेने से इनकार कर दिया। मुआवजे की मांग पर प्रदर्शन किया।
सूचना पर करेड़ा थानाधिकारी बिहारीलाल वहां पहुंचे और समझाइश में जुट गए। उधर, विधायक रामलाल जाट व तहसीलदार समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी गांव में पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।
विधायक ने मृतक आश्रितों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से एक-एक लाख रुपए दिलाने का आश्वासन दिया। पुलिस के अनुसार धनसिंह के पांच पुत्रियां है। परिवार में और कमाने वाला नहीं। पिछले दस-बारह साल से महाराष्ट्र में रहकर कुआ खुदाई का काम कर रहा था। एक पखवाड़े पूर्व ही तीनों मजदूरी के लिए गांव गए थे
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