कोटा.
रामगंजमंडी क्षेत्र में कुदायला में कोटा स्टोन व्यापारियों से जुड़ी एसोसिएशन के भवन में गुरूवार को आयकर विभाग की सेमिनार में अफसरों ने पुलवामा हमले के बाद भारत की प्रतिक्रया और वैश्विक समर्थन के पीछे आयकर की ताकत को जिम्मेदार ठहराया। सेमिनार में कोटा से गए आयकर अधिकारियों ने व्यापारियों को न केवल आयकर का महत्व बताया। बल्कि इसे रजवाड़े काल से चली आ रही प्रथा और राष्ट्रीय ताकत का आधार बताया। अफसरों ने कर नहीं देने वाले लोगों को समझाइश करके आयकर देने को प्रेरित करने का आह्वान किया।
आयकर अधिकारी सुखचंद मीणा ने कहा कि आयकर से देश की विकास योजनाओं का बजट मिलता है। आयकर की प्रक्रिया राजा राजवाड़े के समय से चल रही है। जिस राज्य में जितना ज्यादा कर संग्रहण होता था उसे उतना ही शक्तिशाली माना जाता था। पुलवामा का जिक्र करते हुए मीणा ने कहा कि आतंकी हमले के बाद जवाब भारत ने दिया तो विश्व का कोई देश खिलाफत में नहीं आया। इसका कारण हमारी ताकत है। राष्ट्र तभी शक्तिशाली होगा जब व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझकर आयकर चुकाने में सहयोग करेगा।
सेमिनार में आयकर इंस्पेक्टर इन्द्रेश गर्ग ने कहा कि आने वाले दो साल में सारी प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाएगी। ऐसे लोग जिनके पास नकद राशि है वे बैंक के माध्यम से लेनदेन करेंगे तब वह आयकर विभाग प्रक्रिया में आ जाएंगे। ऐसे लोग आयकर नहीं चुकाकर अपने बच्चों का भविष्य खराब कर रहे हैं। प्रक्रिया ऑनलाइन होने पर ऐसे अभिभावकों के बालकों के समक्ष दिक्कत आना तय है, बचने का प्रयास आयकरदाता बनकर किया जा सकता है। बैठक में जीएसटी अधीक्षक किशनलाल, निरीक्षक ईश्वरसिंह ने जीएसटी संबंधी जानकारी व्यापारियों को दी। कोटा स्टोन स्माल स्केल इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन अध्यक्ष जगदीश सिंह शक्तावत ने धन्यवाद ज्ञापित किया। केएसएसआईए उपाध्यक्ष दिनेश डपकरा, प्रहलाद बैसला, सचिव अखलेश मेड़तवाल, कोषाध्यक्ष राहुल चत्तर, सहसचिव गजेन्द्र सिंघल ने अधिकारियों का स्वागत किया। सेमिनार मङ्क्ष कोटा स्टोन व्यापारियों के अलावा चार्टड एकाउन्टेंट मौजूद थे।
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