नई दिल्ली। ICICI बैंक की सीईओ पर बैंक की ओर से कई आरोप लगे थे, जिस बारे में चंदा कोचर ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके भविष्य के बारे में भी तब निर्णय हो गया था जब पिछले साल अप्रैल में उनके पति दीपक कोचर ने यह स्वीकार किया था कि पिछले कई सालों से विडियोकॉन ग्रुप के साथ उनकी डीलिंग्स चल रही हैं। इसके बाद जब चंदा कोचर ने अपनी सभी बातों से पर्दा उठाया तो उसके बाद बैंक बोर्ड भी उनकी बातों पर भरोसा नहीं कर पा रहा था।
दीपक कोचर ने दी जानकारी
आपको बता दें कि जब अधिकारियों से बातचीत की गई तो पता चला कि दीपक के कबूलनामे और चंदा कोचर के सफाई देने के बाद से ही बैंक का उन पर से भरोसा उठ गया था। दीपक ने अप्रैल 2018 में इस घटना के बारे में लोगों को बताया था। इस संबध मे दीपक कोचर ने बैंक बोर्ड को पत्र लिखकर सभी जानकारी दी थी कि उनके विडियोकॉन ग्रुप के साथ भी संबध हैं।
औपचारिक पत्र लिखने के लिए कहा
दीपक के लेटर लिखने से पहले सेबी ने ICICI बैंक के बोर्ड से कहा था कि वह दीपक से एक औपचारिक पत्र लिखने को कहे, जिसमें वेणुगोपाल धूत के विडियोकॉन ग्रुप से अपनी डीलिंग्स की वह जानकारी दें। चंदा कोचर के दावों से उलट जानकारी वाले इस पत्र के चलते बोर्ड ने चंदा से सवाल-जवाब किए और पिछले वर्षों में बैंक की आचार संहिता के तहत किए गए उनके डिसक्लोजर्स पर दोबारा नजर भी डाली, जिसके बाद में चंदा कोचर ने उनके किसी भी मैसेज और कॉल का जवाब नहीं दिया था।
दीपक कोचर ने किया खुलासा
आपको बता दें कि कोचर के जवाब न देने से बोर्ड के अधिकारी इस बात से नाराज थे कि चंदा कोचर 2016 के घटनाक्रम के बाद भी यह कहती रहीं कि उनके पति और विडियोकॉन ग्रुप के बीच कोई बिजनेस डीलिंग्स नहीं थी, जिसका खुलासा उनके पति दीपक कोचर ने ही किया था।
लंबे समय से चल रही है जांच
आपको बता दें कि पिछले लंबे समय से आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ रहीं चंदा कोचर के खिलाफ कर्ज मंजूर करने में कथित भ्रष्टाचार के संबंध जांच चल रही है। इस जांच के घेरे में उनके पति दीपक कोचर भी शामिल हैं। आरोप है कि ये कर्ज चंदा ने अपने पति के कारोबार को मिली मदद के बदले मंजूर किए थे।
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