कोटा। पुलवामा में देश की रक्षा करते हुए जान देने वाले वीर सपूत हेमराज मीना के परिजनों को एक माह बाद भी राज्य सरकार की ओर से घोषित पैकेज नहीं मिल पाया है। गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया और खाद्य मंत्री रमेशचंद्र मीना ने उपखंड अधिकारी को इसका नॉडल अधिकारी बनाने के निर्देश दिए थे। यह बात उस दिन की है जब दोनों मंत्री शहीद के गांव विनोदकलां में परिजनों का ढांढ़स बढ़ाने गए थे। गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया ने जिला प्रशासन के अधिकारियों से कहा था कि सरकारी औपचारिकताएं पूरी कराने के लिए एसडीएम को नोडल अधिकारी बनाए। शहीद के परिजनों की समस्याएं घर आकर ही सुनी जाए और तत्काल निस्तारण किया जाए। शहीद हेमराज मीना के बड़े भाई रामविलास मीणा ने बताया कि उन्होंने पैकेज का विकल्प भरकर अधिकारियों को दे दिया है। इस बारे में वे एक दिन पहले की उपखंड अधिकारी से मिले तो उन्होंने जल्द पैकेज उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
शहीद परिवार को मिलने वाले पैकेज की प्रक्रिया चल रही है, इसमें देरी नहीं होगी, ऐसा प्रयास है। शहीद के नाम से शिक्षण संस्था का नामांकरण करने की प्रक्रिया भी चल रही है। शहीद के परिवार की ओर से दिए गए विकल्प के अनुसार ही पैकेज दिया जाएगा।-वासुदेव मालावत, एडीएम, प्रशासन
अन्त्येष्टि में नहीं पहुंचा था कोई मंत्री
पुलवामा हमले के शहीदहेमराज मीणा के अंतिम दर्शन के लिए क्या बच्चा क्या बड़ा , सामाजिक संगठन से जुड़े लोग, जनप्रतिनिधि पहुंचे थे लेकिन हाड़ौती के लाल की शहादत को नमन करने सरकार का कोई भी मंत्री नहीं पहुंचा था। धारीवाल, प्रमोद जैन भाया और अशोक चांदना जैसे मंत्री सरकार में हाड़ौती का प्रतिनिधित्व करते हैं लेकिन इनमें से कोई अन्त्येष्टि में नहीं पहुंचा था। यहां तक कि अन्त्येष्टि वाले दिन अशोक चांदना गुर्जर आंदोलन के समाप्ति पर अपनी सरकार और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पीठ थपथपा रहे थे।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2XYmtRd
via IFTTT
No comments:
Post a Comment