मोहम्मद इलियास/उदयपुर. दूधमुंही मासूम बच्ची का 6 लाख रुपए में सौदा करने वाले आरोपियों का भंडाफोड होने के बाद पुलिस ने बच्ची के असली मां-बाप को ढूंढ निकाले लेकिन मामला कागजों में अटकने से अभी उन्हें बच्ची नहीं मिल पाई। इधर, न्यायालय ने बच्ची का सौदा करने वाले आरोपी दम्पती को जेल भेज दिया।
सूरजपोल थाना पुलिस ने गत दिनों चम्पालाल धर्मशाला में बच्ची का सौदा करते हुए चिमनपुरा निवासी दम्पती मोहम्मद सुब्हान पुत्र मोहम्मद हनीफ व उसकी पत्नी वीना उर्फ शगुफ्ता को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पुलिस ने आरोपियों अजमेर ले जाकर बच्ची की असली मां-बाप को ढूंढ़ निकला। पुलिस मां-बाप को लेकर उदयपुर पहुंची। सीडब्ल्यूसी टीम ने उनसे वार्ता की तो पता चला कि आरोपी दम्पती अजमेर में पीडि़त परिवार के पास ही डेरा डालकर रहते थे। घटना वाले दिन पीडि़त पति-पत्नी आपस में झगड़ पड़े। पत्नी अपनी मासूम को पड़ोसियों को ध्यान में रखने का कहकर पति को ढूंढऩे निकली इस बीच आरोपी दम्पती बच्ची को लेकर उदयपुर आ गए और यहां पर 6 लाख में सौदेबाजी करने लगे।
पीडि़त दम्पती का कहना है कि 8 माह पहले बच्ची रामगंज मंडी कोटा में सरकारी अस्पताल में जन्मी थी। इस संबंध में परिवार के पास किसी तरह के दस्तावेज नहीं होने पर बाल कल्याण समिति ने सुपुर्दगी के बजाय पीडि़ताओं से दस्तावेज उपलब्ध करवाने के लिए कहा। पीडि़त परिवार यह दस्तावेज लेने रामगंज मंडी गया, तस्दीक होने के बाद ही समिति बच्ची उनके सुपुर्द करेगी।
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