Saturday, 6 April 2019

साग से इम्युनिटी बढ़ाएं, सेहत बनाएं

इनको खाने से कई बीमारियों से बचे रहेंगे
गरमा-गरम व्यंजन खाना अच्छा लगता है। ऐसे में हम आपको उन साग के बारे में बताने जा रहे हैं जो न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट हैं बल्कि इनको खाने से कई बीमारियों से बचे रहेंगे। इसमें मौजूद विटामिन, मिनरल, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स सेहत के लिए फायदेमंद हैं। इतना ही नहीं जो लोग अपने वजन को लेकर चिंतित है वे इन साग का मजा दिल खोलकर ले सकते हैं। अक्सर हरे पत्तों वाले साग खाने की सलाह दी जाती है। चना, बथुआ, मेथी आदि के साग सेहत के लिए अच्छे होते हैं। इनमें मौजूद विटामिन व मिनरल्स शरीर के मेटाबॉलिज्म ठीक करने के साथ रक्त संचार को सुचारू रखते हैंं।
पत्तागोभी
प्रोटीन, वसा, फाइबर तथा कार्बोहाइड्रेट पत्तागोभी में होता है। इसमें क्लोरीन व सल्फर भी है। पत्तागोभी में टारट्रोनिक अम्ल होता है, जो शरीर में शर्करा और कार्बोहाइड्रेट को वसा में बदलने से रोकता है।
चौलाई
कफ व पित्त नाशक चौलाई को कहा जाता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन ए, मिनरल व आयरन है।
चुकंदर
शरीर में रक्त बढ़ाना चुकंदर का गुण है। इसमें विटामिन ए, बी, बी 1, बी 2, बी 6 व सी होता है। साथ ही इसमें सोडियम, क्लोरीन, पोटैशियम, फॉस्फोरस, आयोडीन और आयरन भी पाया जाता है।
शलजम
एंटी-ऑक्सीडेंट, विटामिन सी, मिनरल और फाइबर का शलमज को स्रोत माना जाता है। एंटी-ऑक्सीडेंट शरीर में इम्युनिटी बढ़ाते हैं और कैंसर सूजन से बचाते हैं।
शकरकंदी खाने से हमारे शरीर का तापमान सही रहता है और ऊर्जा बनी रहती है। शकरकंदी में फाइबर, विटामिन बी, कार्बोहाइड्रेट, बीटा केरोटीन, एंटीऑक्सिडेंट आदि होते हैं। यह कैंसर और दिल से जुड़ी बीमारियों में भी लाभदायक होता है।
सरसों
कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, शुगर, पोटैशियम, विटामिन ए, सी, डी, बी 12, मैग्नीशियम, आयरन और कैल्शियम की भरपूर मात्रा सरसों के साग में होती है। इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स भी मौजूद होते हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। फाइबर पाचन को दुरुस्त करता है।
मेथी
प्रोटीन, फाइबर, विटामिन सी, पोटैशियम, आयरन मेथी में होता हैं। इसमें फोलिक एसिड, मैग्नीशियम, सोडियम, जिंक, कॉपर आदि भी है। ये पेट, हाई बीपी, अपच और डायबिटीज के लिए लाभकारी होती है।
पालक
पालक का साग हीमोग्लोबिन को बढ़ता हैं। इसमें कैल्शियम, आयरन व विटामिन ए, बी, सी आदि की प्रचुर मात्रा होती है। इसी गुण के कारण इसे सर्दी में इसको खाना लाभकारी माना गया है।
चना
शरीर में प्रोटीन की कमी को चना के साग दूर करता है। इसमें कॉपर और मैगनीज जैसे माइक्रोन्यूट्रियंट्स पाएं जाते हैं। ये रक्त के बहाव को रोकते हैं। इसे खाने से शरीर का तापमान सही रहता और सर्दी कम लगती है।
बथुआ
आयरन का स्रोत बथुआ है। इसे खाने से चर्म रोग, सफेद दाग, खुजली, कुष्ठ रोग और फोड़े-फुंसी ठीक होते हैं। इसमें विटामिन ए, कैल्शियम, फॉस्फोरस व पोटैशियम पाएं जाते हैं। ये गैस, पेट दर्द व कब्ज को दूर करता है।

डॉ. दुर्गावती देवी, आयुर्वेद डायटीशियन



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