जयपुर। पांच बार सर्वार्थ सिद्धि योग व दो बार रवि योग रेवती नक्षत्र के साथ ही मीन लग्न एवं अमृत योग में शनिवार से हिन्दू नववर्ष '2076 परिधावी नवसंवत्सर' का आगाज होगा। इसके साथ ही चैत्र नवरात्र की भी शुरुआत होगी। इस दौरान पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा के मंदिरों सहित घरों में माता की पूजा-अर्चना होगी।
इस अवधि के दौरान पांच बार सर्वार्थ सिद्धि योग व दो बार रवि योग के बनने से साधकों के लिए देवी आराधना विशेष फलदायी रहेगी। धनलाभ व धर्म के लिए भी खास रहेगा। वहीं, दोपहर में अभिजीत मुहूर्त में घटस्थापना के साथ नवरात्र की शुरुआत होगी। इस बार आकाशीय संसद में शनि के राजा बनने व सूर्य के मंत्री बनने से इस संवत्सर में ऋतुओं, प्रकृति व राजनीति के अलावा अन्य क्षेत्रों में बड़े बदलाव भी होंगे। वहीं, आमजन का रुझान अध्यात्म की ओर बढ़ेगा। साथ ही चंद्रमा के गुरु के दशम भाव में अपनी राशि धनु में रहने के चलते आमजन के लिए सुखद स्थिति रहेगी।
पं.दामोदर शर्मा ने बताया कि मां दुर्गा की पूजा में हर ग्रह की शांति की पूजा की जाती है। इसके तहत प्रतिपदा पर मां शैलपुत्री की आराधना से सूर्य ग्रह, दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से राहु, तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा से केतु, चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा से चन्द्रमा ग्रह की शांति के लिए पूजा होगी।
इसी प्रकार पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा से मंगल, छठवें दिन मां कात्यायनी की पूजा से बुध, सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा से शनि, आठवें दिन मां महागौरी की पूजा से गुरु और नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा से शुक्र ग्रह की शांति के लिए पूजा की जाएगी।
राशियों पर असर
मेष, सिंह, मकर राशि : मध्यम परिश्रम से सफलता मिलेगी।
वृष, मिथुन : सामान्य, कभी शुभ तो कभी खराब फल की प्राप्ति
कन्या, वृश्चिक, धनु राशि: इस राशि के जातकों को आशानुकूल परिणाम नहीं मिलेंगे।
कर्क, तुला, कुंभ, मीन : श्रेष्ठ-उन्नति के साथ-साथ मनोबल में वृद्धि होगी।
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