पीपलू. भले ही राज्य सरकार ने पीपलू को उपखण्ड का दर्जा दे रखा है, लेकिन गांव की स्थिति देखने एवं यहां जुटाई गई सुविधाओं को जांचने के बाद दर्जनों समस्याएं देखने को मिलती है।
क्षेत्र के ग्रामीणों को उपखण्ड मुख्यालय व जिला मुख्यालय पर जाने के जर्जर सडक़ों से गुजर कर जाने लिए मशक्कत का सामना करना पड़ता है। उपखण्ड मुख्यालय की कई ग्रामीण क्षेत्र की सडक़ भी जर्जर पड़ी है।
ग्रामीणों ने बताया कि उपखण्ड क्षेत्र के कुरेडा से गहलोद की ओर जाने वाली सडक़ मार्ग से डामरीकरण अब नजर नहीं आ रहा है। सडक़ पर एक एक फ ीट गहरे गड्ढे हो गए है।
जबकि पीपलू उपखण्ड मुख्यालय से ग्रामीणों को जिला मुख्यालय पर अपने काम के लिए समस्याओंं का सामना करना पड़ता है। नानेर से गहलोद रोड पर भी सरकार की ओर करोड़ों की लागत से डामरीकरण कार्य चालू कर दिया गया, लेकिन इस सडक मार्ग का निर्माण कार्य बन्द हो चुका है।
नाथडी से कठमाना रोड पर भी सरकार के डामरीकरण सडक़ का निर्माण कार्य किया जा रहा था। कई जगह तो सीसी रोड निर्माण किया जा चुका है, लेकिन सडक़ निर्माण कार्य को लेकर दो महिने पहले डामरीकरण सडक़ को जगह जगह खोदकर गिट्टी डाली गई थी, जो राहगीरों के लिए हादसे को न्योता दे रहे है।
इधर, सार्वजनिक निर्माण विभाग पीपलू के सहायक अभियंता सीएल बुनकर ने बताया कि सडक़ों का निर्माण कार्य बजट के अभाव में ठेकेदारों को पेमेन्ट नहीं डलने के कारण निर्माण कार्य बन्द कर दिया गया।
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