Monday, 8 April 2019

जब मुंह में रखी पिन फेफड़े में अटक गई

पहुंच से दूर रखें नुकीली चीजें
ऐसी चीजें बच्चों की पहुंच से दूर रखें जो खेलते हुए उनकी आंख, नाक, कान या गले में अटक सकती हैं। मुंह में नुकीली या धारदार चीजें रखकर काम करने से बचें। यदि ऐसा हादसा होता है तो तुरंत किसी अस्पताल की इमरजेंसी में मरीज को पहुंचाए। अभी कुछ दिन पहले ही मेरे पास एक चौंकाने वाला केस आया जिससे पता चलता है कि हम जाने-अनजाने ऐसी गलतियां कर देते हैं जिससे हमारी जान पर बन आती है। हमीदिया अस्पताल में 16 वर्षीय स्कूली छात्र को इमरजेंसी की स्थिति में लाया गया था जिसके फेफड़े में नोटिस बोर्ड पिन फंसी हुई थी। स्कूल प्रोजेक्ट बनाते हुए उसने पिन मुंह में दबा रखी थी जो गलती से सांस नली से होकर बायें फेफड़े में अटक गई। परिजनों को लगा दस्त के साथ पिन निकल जाएगी। जब सांस लेने में दिक्कत व दर्द बढ़ा तो उसे अस्पताल लाए। यहां एक्सर-रे में पिन फेफड़े के पास फंसी दिखाई दी। मरीज की दूरबीन से ब्रोंकोस्कोपी करने का फैसला किया गया। 15-20 मिनट मशक्कत के बाद पिन निकाल ली गई। इस प्रकिया में कोई सर्जरी नहीं की गई ऐसे में फेफड़े को भी कोई नुकसान नहीं हुआ।
ये थी रिस्क
बायें फेफड़े में फंसी पिन के कारण पीडि़त का एक ही फेफड़ा ढंग से काम कर था। आमतौर पर सांस की नली के माध्यम से एक ट्यूब डालकर बेहोश किया जाता है लेकिन इस केस मेें पीडि़त की सांस की नली में काम करना था तो ब्रोंकोस्कोप में ही बेहोशी करने वाली ट्यूब को लगाकर बेहोश कर पिन को निकाला गया।

डॉ. यशवीर, ईएनटी सर्जन, भोपाल



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