धीरेंद्र् जोशी/उदयपुर. निजी गैस वितरक और उनके डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा मनमाने ढंग से एलपीजी की सप्लाई की जा रही है। एेसे में शहर में कभी भी बड़ा हादसा होने की संभावना है। शुक्रवार को मुखबीर की सूचना पर रसद अधिकारी ने कार्रवाई करते हुए एक नकारा ट्रक से 189 सिलेंडर जब्त किए। ये सिलेंडर नियमों का उल्लंघन करते हुए वितरित किए जा रहे थे।
जिला रसद अधिकारी ज्योति ककवानी ने बताया कि गत कुछ दिनों से शहर में विभिन्न स्थानों पर अवैध रूप से एलपीजी सप्लाई होने की सूचना मिल रही थी। शुक्रवार को एेसी ही सूचना पर अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ रसद अधिकारी सबसिटी सेंटर सेन्टर के बी-ब्लॉक में आकस्मिक जांच करने पहुंची। मौके पर ट्रक संख्या आरजे-14-जीए-1169 खड़ा पाया गया। इस पर एचपी कम्पनी के होर्डिंग्स लेगे हुए थे। वहां खड़े मौतबिर लोगों से जानकारी चाहने पर ज्ञात हुआ कि ये सिलेंडर गो-गैस के है तथा इनका वितरक अशोक चित्तौड़ा है। जब वितरक स्वयं मौके पर उपस्थित हुआ तो उसके द्वारा किसी प्रकार का कोई दस्तावेज यथा-स्टोरेज लाईसेंस, कलक्टर कार्यालय ही एनओसी व एक्सप्लोसिव का लाईसेंस प्रस्तुत नहीं किया गया व न ही उसके पास होना बताया।
वाहन से संचालित हो रहा था व्यवसाय
इस संबंध में वितरक द्वारा यह अवगत कराया कि उसे इस प्रकार का लाईसेंस होना आवश्यक है इसकी जानकारी नहीं है। साथ ही विक्रेता से उसके गोदाम के बारे में पूछे जाने पर भी उसके द्वारा यह जानकारी दी गई कि उसके पास गोदाम नहीं है वह सबसिटी सेन्टर के उक्त स्थान पर ही अपने व्यवसाय का संचालन करता है। ट्रक में 189 सिलेण्डर पाए गए, जिसमें एक में भी विस्फोट होने पर भंयकर दुर्घटना हो सकती है। मौके पर सभी सिलेण्डर की जब्ती की गई। साथ ही नकारा ट्रक को जिला परिवहन अधिकारी को सौंपा गया।
जरूरी है लाइसेंस
रसद अधिकारी ककवानी ने बताया कि गो-गैस कम्पनी द्वारा उसे वितरक बनाए जाने के लिए वितरक से अनुबंध किया गया है। किन्तु विस्फोटक अधिनियम के तहत जहां 100 किलोग्राम (7 सिलेण्डर) से अधिक एलपीजी भण्डारण के लिए विस्फोटक विभाग का लाईसेंस होना चाहिए वहीं विक्रेता के पास 189 सिलेण्डर 15 किलोग्राम एवं 21 किलोग्राम के जब्त किए जाने के बावजूद उसके पास लाईसेंस होना नहीं पाया गया। यह घोर लापरवाही है।
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