उदयपुर. शहर के बीचों बीच स्थित ऑक्सीजन पॉकेट गुलाबबाग बर्बाद होता जा रहा है लेकिन प्रशासन व जनप्रतिनिधियों ने इस पर फोकस नहीं किया है। बड़ी बात यह है कि उदयपुर के संभागीय आयुक्त ने वर्ष 1996 में ही गुलाबबाग में पक्के व नए निर्माण पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था और मरम्मत के लिए भी जिला कलक्टर से मंजूरी लेनी होती है लेकिन यहां नगर निगम, स्मार्ट सिटी और अन्य एजेंसियां जमकर इन आदेशों की अवहेलना कर रहे है। गुलाबबाग से प्रेम करने वाले और वहां आने वाले लोग बाग की बर्बादी से बहुत दु:खी है।
उदयपुर के तत्कालीन संभागीय आयुक्त के.एस. मणि की अध्यक्षता में 8 अक्टूबर 1996 को हुई बैठक में बाग के संरक्षण को लेकर कई निर्णय किए गए और उन निर्णयों की पालना जिला प्रशासन व संबंधित विभागों को करानी थी लेकिन बाग में तब से लेकर अब तक कुल्हाड़ी चलाने से लेकर दूसरी गतिविधियां बढ़ती गई लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
संभागीय आयुक्त के निर्णय और हकीकत
- निर्णय : बाग में पक्के निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाती है।
- हकीकत : बाग में कई पक्के निर्माण कर दिए गए है और किए जा रहे है, सडक़े निकाल दी गई, कई छोटे-बड़े निर्माण किए है, मसाला चौक बना रहे थे, कोर्ट की दखल से रुका।
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- निर्णय : राजकीय विभाग व संस्थाएं छोटे-छोटे से मरम्मत के काम भी जिला कलक्टर की अनुमति के बिना नहीं कर सकेंगे
- हकीकत : छोटे-छोटे रखरखाव तो दूर की बात है पक्के व नए निर्माण तक के लिए पूछा तक नहीं है।
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- निर्णय : नए निर्माण पर प्रतिबंध लगाया जाता है
- हकीकत : बाग में विकास के नाम पर सीमेंट व कंक्रीट से निर्माण कर दिए है, बाग की सीमा में स्मार्ट सिटी कंपनी पार्किंग खड़ी कर रही है।
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- निर्णय : बाग की चारदीवारी के अंदर कोई निर्माण सामग्री नहीं ले जाने दी जाएगी।
- हकीकत : निर्माण हुए तब खुलकर निर्माण सामग्री ले गए और अभी भी ढेर लगे है।
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- निर्णय : बाग में भविष्य में किसी तरह के फोटोग्राफर, पान के केबिन, चाट आदि के थेले के अनुज्ञापत्र जारी करने पर रोक
- हकीकत : खाने-पीने के लिए मसाला चौक खड़ा कर रहे थे, कोर्ट की दखल से रुका।
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शहरवासी बोले....
पेड़ कम होते जा रहे है
गुलाब बाग में वर्तमान में जो निर्माण चल रहे है वह ठीक नहीं है। हरियाली को खत्म किया जा रहा है। वहां दिनों दिन पेड़ कम होते जा रहे है। कुछ सालों और आज के गुलाबबाग बहुत बदलाव आ गया है, घना जंगल की जगह पक्के निर्माण दिखने लगे है।
- प्रदीप श्रीमाली, वॉल सिटी निवासी
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एक स्थान है उसे भी खत्म कर रहे
गुलाबबाग ऐतिहासिक धरोहर है। शहर के बीचोबीच आमजन के लिए सुबह व शाम घूमने के लिये सबसे उपयुक्त स्थान है। प्रदूषण से परेशान आमजन के लिए यह बाग सुखद अनुभूति देता है। यहां जो पार्किंग बनाई जा रही है उसको रोकने के साथ ही जो पार्किंग शहर में अब तक बनाई गई है उनकी स्थिति क्या है इस पर ही चिंतन कर ले।
- नरेन्द्र शेखावत, शहरवासी
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कमाई की बजाय जनता की भलाई भी देखे
नगर निगम को इस ऐतहासिक धरोहर को बचाने पर काम करना चाहिए। जो स्थितियां अभी दिख रही है उससे लगता है कि आने वाले समय में बाग की बर्बादी तय है। निगम को कमाई की बजाय जनता की भलाई के लिए भी काम करना चाहिए। इसलिए आने वाले समय मे इसकी बर्बादी निश्चित है।
- विक्की, नागरिक
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