भुवनेश पंड्या
उदयपुर. जनजाति अंचल के विद्यार्थियों के लिए भले ही सरकार ने बड़ा बजट दे दिया, विभाग ने पूरी तैयारी भी कर ली, लेकिन कोरोना ने इनके सपनों को जैसे किसी डोर से बांधकर रख दिया है। हालात ये हैं कि अब तक जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की कोचिंग पर कोरोना का काला साया मंडरा रहा है। अब तक इन विद्यार्थियों का प्रशिक्षण शुरू नहीं हो पाया है।
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प्रशिक्षण केन्द्र खुले लेकिन काम नहीं आए...
जनजाति वर्ग के विद्यार्थियो को प्रतियोगी परीक्षाओ की तैयारी एवं प्रशिक्षण के लिए उदयपुर में उत्कृष्ट अनुशिक्षकोचिंग केन्द्र प्रारंभ तो किए गए, लेकिन उत्कृष्ट प्रशिक्षण केन्द्र सागवाड़ा प्रारंभ नही हुआ है। उत्कृष्ट प्रशिक्षण केन्द्र उदयपुर में दिनांक 27 जनवरी 2020 से 4 मार्च 2020 तक प्रशिक्षण कार्यक्रम टीआरआई परिसर में आईसीआईसीआई फउण्डेशन के सहयोग से सीएसआर में नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण पर विभाग की ओर से कोई व्यय नहीं किया गया। उत्कृष्ट प्रशिक्षण केन्द्र उदयपुर एवं सागवाडा में प्रशिक्षण के लिए आरकेसीएल यानी राजस्थान नालेज कॉरपोरेशन लिमिटेड से दिनांक 15 जुलाई 2020 को एमओयू किया गया है। राजस्थान सरकार गृह विभाग के महामारी कोविड.19 के अनलॉक-3 आदेश दिनांक 31 जुलाई 2020 के अनुसार 31 अगस्त 2020 तक शिक्षण संबंधी संस्थान, स्कूल, कॉलेज, काोचिंग को बंद रखा गया। -------
उक्त केन्द्रो में विद्यार्थियों को व्यक्तित्व विकास, कम्युनिकेशन स्किल एवं आईटी स्किल में प्रशिक्षण देने की शुरुआत की गई है, जिससे विद्यार्थियों को रोजगार प्राप्त करने में आसानी होगी। प्रत्येक केन्द्र में 250 प्रशिक्षणार्थियों को प्रतिवर्ष प्रशिक्षण देने का उद्देश्य है। इसके लिए वर्ष 2019-20 में विशेष केन्द्रीय सहायता मद अन्तर्गत वित्तीय प्रावधान किया गया है। कौशल विकास कार्यक्रम के लिए वर्ष 2019-20 में 225.00 लाख स्वीकृत है। इसमें अब तक कोई व्यय नही किया गया है। उत्कृष्ट कोचिंग सेन्टर में जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग द्वारा स्थान उपलब्ध कराया जायेगा। प्रशिक्षण आदि का कार्य मय संसाधन राजस्थान नॉलेज कॉर्पोरेशन द्वारा किया जायेगा।
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प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी एवं व्यक्तित्व विकास के लिए जयपुर में कैरियर काउन्सलिंग केन्द्र स्थापित करने के लिए आरकेसीएल से एमओयू दिनांक 15 जुलाई 2020 को संपादित किया गया है। इस हेतु के लिए 2019-20 में विशेष केन्द्रीय सहायता मद अन्तर्गत वित्तीय प्रावधान किया गया है। वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 में अभी तक व्यय शून्य है। इस केन्द्र में 250 प्रशिक्षणार्थियो को प्रतिवर्ष प्रशिक्षण देने का तय किया गया है।
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कोरोना के कारण फिलहाल प्रशिक्षण बंद रखे गए है, प्रशिक्षण केन्द्रों को जल्द शुरू करेंगे, ताकि विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।
वीसी गर्ग, अतिरिक्त निदेशक जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग उदयपुर
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