नई दिल्ली। नयी कारों की लांचिंग के साथ ही लोगों की बढ़ती आय एवं वाहन बदलने की चाहत में दो वर्ष पुराने वाहनों की बिक्री में तेजी आ रही है। पुराने समानों के खरीदने बेचने का ऑनलाइन मार्केटप्लेस ओएलएक्स पर दो वर्ष पुराने वाहनों की बिक्री में वर्ष 2017 की तुलना में वर्ष 2018 में 18 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जनवरी-अगस्त 2017 के बीच ओएलएक्स पर दो वर्ष पुरानी 1.1 लाख कारें लिस्टेड थी, जबकि जनवरी-अगस्त 2018 के बीच यह आंकड़ा 1.3 लाख पर पहुंच गया।
महानगरों में बढ़ा पुरानी कार बेचने का ट्रेंड
दिलचस्प बात यह है कि ऐसी कारें खरीदने के लिए 2018 में खरीदारों की ओर से की गई पूछताछ में इससे पिछले वर्ष की तुलना में 50 की वृद्धि हुई है। फिलहाल यह महानगरों का ट्रेंड है, लेकिन आने वाले समय में इसके टियर 2 और टियर 3 शहरों तक पहुंचने की उम्मीद है। यह बढ़ोतरी न सिर्फ छोटी और मझौली कारों पर बल्कि प्रीमियम कारों की कैटेगरी में दिखती है।
फेस्टिव सीजन में बिक्री बढ़ने की संभावना
इस फेस्टिव सीजन में पुराने वाहनों की बिक्री बढ़ने की संभावना जताई गई है। ऑडी, बीएमडब्लू और मर्सिडीज बेंज जैसे लक्जरी और प्रीमियम ब्रांडों की लिस्टिंग 2018 में 49 फीसदी बढ़ी है। एसयूवी ने सेडान को पीछे छोड़ दिया है। दो वर्ष पुराने वाहनों की बिक्री के मामले में मारुति सुजुकी इंडिया, होंडा कार्स इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा ओएलएक्स पर कार श्रेणी में शीर्ष ब्रांड हैं। दिल्ली के लोग दो वर्ष पुरानी लक्जरी और प्रीमियम कारों की बिक्री में अव्वल है। इस श्रेणी में दिल्ली की हिस्सेदारी 30 फीसदी है वहीं मुंबई का 20 और चेन्नई एवं कोलकाता का क्रमश: आठ और पांच फीसदी है।
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