Saturday, 20 October 2018

रेलवे की 'नादानी, पेंशनर्स की परेशानी...शिकायतों के बावजूद पीपीओ से जुड़ी समस्या का नहीं समाधान

डॉ. सुशील सिंह चौहान / उदयपुर. उत्तर-पश्चिम रेलवे जोन के अजमेर मंडल में रिवाइज पीपीओ जारी करने एवं सुधार जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लगातार हो रही लेटलतीफी पेंशनर्स के लिए चुनौती बनी हुई है। विशेष तौर पर रेलवे कार्मिकों की विधवाओं को इसका खमियाजा भुगतना पड़ रहा है। वर्तमान जानकारी के अनुसार उदयपुर संभाग क्षेत्र में सेवानिवृत्त करीब १५ सौ रेलवे कार्मिकों में अब तक 10 फीसदी लोगों को ही सातवें वेतन आयोग के तहत रिवाइज पीपीओ नंबर जारी हो सके हैं। खामी यहीं तक सीमित नहीं है। कुछ रिवाइज पीपीओ नंबर में संशोधन के दौरान मंडल के मंत्रालयिक स्टाफ की ओर से हुई ऐसी गलतियां भी पेंशनर्स को थका रही है, जिसमें बैंक का नाम कुछ तो आईएफएससी कोड नंबर कुछ जेनरेट कर दिया गया है। आलम इस कदर बिगड़े हुए हैं कि शिकायत एवं प्रार्थना-पत्रों को नजरंदाज कर मंडल प्रशासन पेंशनर्स की एक सुनने को तैयार नहीं है।

एक साल बाद भी नहीं मिले पीपीओ
हकीकत यह है कि 7वें वेतन आयोग के तहत पेंशनर्स के पीपीओ रिवाइज होने की तिथि नवंबर 2017 तय की गई थी। बाद में इसे बढ़ाकर दिसम्बर, मार्च 2018, जून और अगस्त तय किया गया। बावजूद इसके अक्टूबर 2018 तक उदयपुर संभाग के 5 फीसदी पेंशनर्स को पोस्ट के माध्यम से पीपीओ प्राप्त हुए हैं। इसमें भी अधिकांश पीपीओ ड्यूप्लीकेट हैं। ऑरिजनल पीपीओ देने में की जा रही कंजूसी भी बुजुर्गों के लिए हैरानी बनी हुई है।

गलती उनकी, सजा इनको
मंडल मुख्यालय अजमेर के मंत्रालयिक कार्मिकों की पीपीओ को लेकर ऐसी ही अनूठी गलती सामने आई है। मंडल के उदयपुर स्थित क्षेत्रीय रेलवे प्रशिक्षण संस्थान से सेवानिवृत्त वरिष्ठ परिवहन प्रशिक्षक भरत कुमार लोकवानी के मामले आवेदन में स्पष्ट होने के बावजूद कार्मिकों ने रिवाइज पीपीओ जारी करते समय आवेदन अनुरूप बैंक खाता संख्या पंजाब नेशनल बैंक की डाली, जबकि आईएफएससी कोड पुराने खाते एबीआई के डाल दिए। ब्रांच का नाम पीएनबी संत टेरेसा की जगह एसबीआई प्रतापनगर शाखा कोड किया। रिवाइज पीपीओ के तहत रेलवे मंडल को एप्लीकेशन पीएनबी मुख्यालय टांक रोड जयपुर को भेजी जानी थी, जबकि मंत्रालयिक स्टाफ ने पीपीओ को एसबीआई मुख्यालय भेज दिया। समस्या यह है कि पीपीओ की तकनीकी गलती से रिवाइज पेंशन का लाभ एवं अतिरिक्त एरियर का भुगतान अब एसबीआई में जाएगा, जबकि पेंशनर्स स्तर पर आवेदन के बाद एसबीआई का अकाउंट बंद कर दिया गया है। ऐसे ही कुछ ओर मामले भी सामने आए हैं।

 

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पोस्ट की व्यवस्था
रेलवे में रिवाइज पीपीओ नंबर कायदे से डाक के माध्यम से पेंशनर्स को मिलने चाहिए थे, लेकिन खामी ही है कि एक साल बीतने को है और केवल 10 फीसदी लोगों को ही पीपीओ मिले हैं। इसमें भी ५ फीसदी पेंशनर्स को ही डाक से पीपीओ मिले हैं।
जसवंत माली, अध्यक्ष, रिटायर्ड रेलवे एम्प्लॉइज वेलफेयर सोसायटी

किया था मेला
अभी दो माह पहले ही पेंशनर्स मेला कर करीब 5 सौ लोगों को रिवाइज पीपीओ जारी हुए थे। अन्य पीपीओ किस माध्यम से भेजे जाएं। इसकी प्रक्रिया जारी है। व्यक्तिगत मामलों की तो मुझे जानकारी नहीं।
राजेश कुमार, डीआरएम, अजमेर मंडल



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