Wednesday, 17 October 2018

राजस्थान का रण: सोते हुए को उठाया बोले चुनाव लडऩा है

कोटा। चुनावों की घोषणा के साथ टिकटों के लिए भागदौड़ शुरू हो गई है। लेकिन राज्य की राजनीति में ऐसे भी कई किस्से हैं जब बिन मांगे भी टिकट मिल गया था। कुछ क्यों ही मिल गया था’ की तर्ज पर... कोटा की दक्षिण सीट पर 2014 में उपचुनाव होना था। भाजपा पर्यवेक्षक कोटा में जब दावेदारों से आवेदन ले रहे थे, तब संदीप शर्मा ने यह कहते हुए दावेदारी जताने ने इनकार कर दिया था

कि उनका नंबर कहां आएगा? दावेदार टिकट लेने के लिए दम दिखा रहे थे और शर्मा घर पर बैठे थे। नामांकन भरने के अंतिम दिन तडक़े चार बजे सांसद ओम बिरला का संदीप शर्मा के पास फोन आया कि चुनाव लडऩा है, तो वह कुछ देर तक को यकीन ही नहीं कर पाए। खैर संदीप शर्मा ने चुनाव लड़ा और जीते भी। उल्लेखनीय है कि ओम बिरला के सांसद बनने से कोटा दक्षिण की सीट खाली हुई थी।

कानाफूसी...
मेरा तो टिकट पक्का
चुनावी बयार बह रही है और टिकटार्थियों का मेला राजधानी में लगा हुआ है। कांग्रेस पार्टी के दो प्रमुख नेता जिस दिन राजधानी में होते हैं, उस दिन रंगत ही अलग दिखती है। दोनों नेताओं के बंगलों के बाहर टिकटार्थियों का जमावड़ा सुबह से ही लग जाता है।

इनमें अधिकांश टिकटार्थी दोनों नेताओं के देवरे पर हाजिरी लगा रहे हैं। यह अलग बात हैं कि अधिकांश नेताओं को मिलकर अपने मन की बात बताना तो दूर उनसे हाथ तक मिलाना नसीब नहीं होता। इसके बावजूद टिकटार्थियों की टिकट को लेकर उम्मीद बाकी है। कुछ नेता तो अपनी झेप यह कहकर मिटाते दिखे कि साब! को मैं नजर नहीं आया, अन्यथा मुझसे जरूर बात करते। वैसे भी मेरा तो टिकट पक्का है, मुझे तो उन्होंने चुनाव की तैयारी शुरू करने के लिए कह रखा है। वहीं कुछ ऐसे भी कहते दिखे कि यहां तो बस नौटंकी हो रही है, टिकट का फैसला तो हाइकमान ही करेगा। साब मिल नहीं रहे हैं, क्योंकि उनके हाथ में कुछ नहीं है।

बंद मुठ्ठी लाख की
राजस्थान में तीसरा मोर्चा अब तक के चुनाव में दिखाई नहीं दिया है। पिछले दो चुनावों से तीसरे विकल्प का दम भरते-भरते दौसा के बड़े नेता वापस खुद पुराने ‘पाले’ में चले गए। अब दो नेता फिर से इसी तरह का दम भरते दिख रहे हैं। एक नेता तो पार्टी बना चुके हैं और दूसरे की तैयारी चल रही है। यह अलग बात है कि राजधानी में उनकी प्रस्तावित रैली के बाद उनके ‘दम’ का पता चलेगा। वहीं 11 दिसम्बर को जब इवीएम खुलेगी तो उनकी बंद मुठ्ठी भी खुल जाएगी और उसकी असली कीमत भी पता चल जाएगी।



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