Friday, 28 December 2018

मोदी सरकार ने अब तक हर रोज विज्ञापन पर खर्च किए 15 करोड़ रुपए, जानिए पूरी कहानी

नर्इ दिल्ली। मोदी सरकार जब से सत्ता में आर्इ है तब से सरकारी योजनाआें के विज्ञापन हर रोज 15 करोड़ रुपए खर्च किए। ताज्जुब की बात तो ये है कि 15 करोड़ रुपए का यह वो आंकड़ा है जो अवकाश के दिन भी खर्च किए हैं। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने गुरुवार को लोकसभा में बताया कि केंद्र सरकार ने सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार में कुल 5245.73 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यह धनराशि वर्ष 2014 से लेकर सात दिसंबर 2018 तक की अवधि के दौरान खर्च हुई है। राज्यवर्धन सिंह राठौर ने लोकसभा में सवाल का जवाबा देते बताया कि विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की योजनाओं को लोगों के बीच लाने के लिए इस राशि को खर्च किया गया है। इन योजनाओं के बारे में प्रचार और जागरूकता के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रोनिक और आउटडोर मीडिया का सहारा लिया गया है।

2017-18 में सबसे ज्यादा खर्च
केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह ने सरकार की ओर से प्रचार पर खर्च की गई राशि की जानकारी लोकसभा में दी और बताया कि प्रचार-प्रसार में सर्वाधिक खर्च वर्ष 2017-18 में खर्च किया गया, इस वर्ष कुल 1313.57 करोड़ रुपए खर्च किए गये। जिसमें से 636.09 करोड़ रुपए प्रिंट माध्यम, 468.93 करोड़ इलेक्ट्रॉनिक माध्यम, 208.55 करोड़ रुपए आउटडोर पब्लिसिटी पर खर्च किए गए हैं।

किस साल, कितना खर्च
सरकार द्वारा जारी आंकड़े नजर दौड़ार्इ जाए तो साल 2014-15 में सरकार ने करीब 980 करोड़ (979.78 करोड़) रुपए विज्ञापनों पर ख़र्च किए थे। 2017-18 आते-आते इसमें करीब 33-35 फीसदी का इजाफा हुआ और यह रक़म बढ़कर करीब 1,314 करोड़ रुपये (1313.57) हो गई। साल 2015-16 में यह खर्च 1160.16 रुपए खर्च किया गया था। साल 2015-16 में 1264.26 करोड़ रुपए हो गया। मौजूदा साल 2018-19 में 7 दिसंबर तक मोदी सरकार ने 527.96 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। सरकार ने बताया है कि विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की योजनाओं के प्रचार पर सूचना, शिक्षा और संचार के माध्यम से खर्च किए गए हैं।



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