नर्इ दिल्ली। बाजार में अस्थिरता और निवेशकों की सतर्कता के बीच देश के ब्रोकिंग कारोबार में चालू वित्त वर्ष 2018-19 में पांच से 10 फीसदी वृद्धि होने का अनुमान है, जबकि कुल कारोबार 19,500-20,000 करोड़ रुपये के आसपास रह सकता है। यह आकलन गुरुवार को रेटिग एजेंसी आईसीआरए द्वारा जारी एक रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, लंबे समय से निवेशकों के कमजोर रुझान और घरेलू व विदेशी बाजार से मिल रहे नरमी के संकेतों के चलते घरेलू पूंजी बाजार में कारोबार सीमित दायरे में रहेगा।
आईसीआरए ने कहा, "भारतीय ब्रोकिग इंडस्ट्री में वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान पांच से 10 फीसदी की वृद्धि रहने का अनुमान है, जबकि उद्योग का कारोबार 19,500-20,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यह वित्त वर्ष 2017-18 में उद्योग में मजबूती के साथ 18,000-19,000 करोड़ रुपये के कारोबार रहने के कारण है। बीते वित्त वर्ष में सालाना कारोबार में 30 फीसदी का इजाफा हुआ था।"
रेटिंग एजेंसी की वाइस प्रेसिडेंट और सह-प्रमुख (वित्तीय क्षेत्र की रेटिंग्स) समृद्धि चौधरी ने कहा, "इस वित्त वर्ष की पहली छमाही में व्यापक स्तर पर रिकवरी नहीं रही और यह मुख्य रूप से लार्ज कैप सेगमेंट तक ही सीमित रही। हालांकि दोनों एक्सचेंजों के प्रमुख सूचकांक अगस्त में सर्वकालिक शिखर पर चले गए। सूचकांकों में जनवरी के ऊपरी स्तर के मुकाबले तकरीबन पांच फीसदी का उछाल आया। मिड-कैप और स्मॉल कैप सूचकांकों में दोनों एक्सचेंजों पर जनवरी के स्तर से पांच से 20 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।"
वर्ष 2018-19 की पहली छमाही में शेयर बाजार का कुल कारोबार 1,191 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 770 लाख करोड़ रुपये था। इस प्रकार, पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 55 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
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