नई दिल्ली। सरकार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) वाली ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए प्रावधानों को सख्त कर दिया। सरकार का ये कदम सैमसंग के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। क्योंकि नियमों के सख्त होने के बाद सैमसंग के पास शियोमी को पछाड़ने का बेहतरीन मौका है। ऐसा इसलिए क्योंकि सैमसंग के तुलना मे शियोमी के ऑफलाइन स्टोर काफी कम है। जियोमी की ज्यादातर कमाई ऑनलाइन या ई-कॉमर्स कंपनियों के जरिए होती है। जबकि सैमसंग की ज्यादातर कमाई ऑफलाइन स्टोर के जरिए होती है।
सरकार ने बदले नियम
आपको बता दें कि सरकार ने बुधवार को नए नियमों को जारी करते हुए कहा है कि किसी भी वेंडर को एक ई-कॉमर्स कंपनी के प्लेटफॉर्म पर अपने उत्पाद का 25 फीसदी से ज्यादा हिस्सा बेचने की इजाजत नहीं होगी। ई-कॉमर्स कंपनियां किसी भी विक्रेता को उसके प्रोडक्ट सिर्फ अपने प्लेटफॉर्म पर बेचने के लिए नहीं कहेंगी। नियमों में हुए ये बदलाव को शियोमी के बिजनेस के लिए घाटे का सौदा हो सकता है। आपको बता दें कि सरकार के ये नए नियम एक फरवरी से लागू हो जाएगें।
शियोमी के बिजनेस पर पड़ सकता है असर
शियोमी भी लगातार अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए अपने ऑफलाइन स्तोर में बढ़ोतरी कर रही है। क्योंकि नए नियमों के लागू होने के बाद जीयोमी को इसका काफी नुकासन होने वाला है। कंपनी का बिजनेस काफई हद तक सिमट कर रह जाएगा। सैमसंग के लिए शियोमी को हराना आसान नहीं रहने वाला है। क्योंकि कंपनी ने पहले ही ग्राहकों का भरोसा जीत रखा है। जो की आने वाले समय में कंपनी ने लिए बेहद ही फायदेमंद रहने वाला है। आपको बता दें कि शियोमी का 5 फीसदी बिजनेस ऑफलाइन है। लेकिन कंपनी अपने ऑफलाइन स्टोर को बढ़ाकर 30 फीसदी तक करने में लगी हुई है। मीडिया रिपोर्टस की माने तो अभी कंपनी के ऑफलाइन 500 स्टोर तक है। जिसे कंपनी ने 2019 तक बढ़कर 5,000 करने का लक्ष्य तय किया हुआ है।
सैमसंग के पास शियोमी से आगे निकालने का मौका
आपको बता दें कि अभी तक शियोमी ने फोन बाजार के तकरीबन 27 फीसदी हिस्से पर कब्जा किया हुआ है। जबकि सैमसंग ने 23फीसदी हिस्से पर कब्जा किया हुआ है। ऐसे में नियमों कुछ मीडिया रिपोर्टस की माने तो नियमों में हुए बदलाव सैमसंग को शियोमी से आगे लाने में मदद कर सकते हैं।
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