Tuesday, 9 April 2019

ये कैसी मजदूरी: मिला ही नहीं तहसीलदार, नायब तहसीलदार भी हटाया

उदयपुर/ कानोड़. दुर्भाग्य ही कहेंगे कि नवगठित कानोड़ तहसील मुख्यालय पर आमजन की समस्याओं एवं राजस्व संबंधित मुद्दों के निस्तारण के लिए तहसीलदार लगाना तो दूर वर्तमान सरकार ने व्यवस्था संभाल रहे नायब तहसीलदार को भी अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया। इसके बाद से कानोड़ मुख्यालय पर तहसीलदार व नायब तहसीलदार के दोनों ही पद रिक्त पड़े हैं। ऐसे में कानोड़ तहसील क्षेत्र के बाशिंदों को छोटे-मोटे कार्य कराने के लिए भीण्डर तक की दूरी तय करनी पड़ रही है। समस्या से आमजन चिंतित ही नहीं वरन परेशान भी हो रहा है। जन्म-मृत्यु, विवाह पंजीयन सहित अन्य आवश्यक कार्यों को लेकर लोगों को भटकना पड़ रहा है। गौरतलब है कि तत्कालीन सरकार ने आमजन के आंदोलन व पूर्व विधायक रणधीरसिंह भींडर के दबाव में आकर कानोड़ को तहसील का दर्जा दिया था। इसके बाद से नायब तहसीलदार वहां की व्यवस्था संभाल रहे थे। वर्तमान सरकार से लोगों को तहसीलदार मिलने की उम्मीद थी, लेकिन लोगों की उम्मीदों पर तब पानी फिर गया, जब सरकार के एक आदेश पर वहां सेवाएं दे रहे नायब तहसीलदार सवाईसिंह रेगर को भी अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया गया।

आदेश तक सीमित नियुक्ति
तहसीलदार की नियुक्ति आदेश के साथ ही करीब १५ कर्मचारियों के नियुक्ति आदेश सरकार स्तर पर जारी हुए। इसके तहत सभी कार्मिकों को कानोड़ में सेवाएं देनी थी, लेकिन एक कार्मिक भी ज्वाइनिंग के लिए नहीं पहुंचा। ऐसे में एक मात्र चतुर्थ श्रेणी कार्मिक के भरोसे तहसील कार्यालय का संचालन हो रहा है। एक राजस्व निरीक्षक लगाया हुआ है, जिसको तहसील के आवश्यक कामों के अधिकार नहीं हैं।

नहीं मिला भवन का बजट
तहसील की घोषणा हुए एक वर्ष बीत गया। इसके बावजूद तहसील भवन के निर्माण को लेकर किसी भी स्तर पर पहल नहीं हुई। इसके विपरीत नवगठित भींडर तहसील कार्यालय भवन खड़ा हो चुका है। कानोड़ तहसील भवन बनाने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने प्रस्ताव बनाकर सरकार को भिजवाया भी है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई।
फरवरी से खाली पद
फरवरी से नायब तहसीलदार का पद रिक्त है। इससे सभी तहसील कार्य प्रभावित हो रहे हैं। लोगों को तहसील संबंधित कार्यों के लिए भींडर जाना पड़ रहा है। मेरे पास लोगों की समस्या दूर करने वाले अधिकार नहीं हैं।
विनोद कुमार व्यास , भू-अभिलेख निरीक्षक, कानोड़

पूर्व विधायक से पूछो
पूर्व विधायक से पूछो कि तहसील मुख्यालय खुलवाकर क्या किया? अभी चुनाव में व्यस्त हूं। आचार संहिता लगी हुई है। इसके बाद तहसीलदार सहित अन्य कार्मिकों की नियुक्ति करवाई जाएगी।
गजेन्द्र सिंह शक्तावत , विधायक वल्लभनगर

भेजे हैं प्रस्ताव
तहसील भवन के लिए पालिका स्तर पर प्रस्ताव बनाकर भिजवाया गया था। जमीन को मास्टर प्लान के तहत परिवर्तन करवाने के लिए डीएलबी से पुन: पत्र मिला है। प्रक्रिया पूरी कर कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
अनिल कुमार शर्मा, अध्यक्ष, नगर पालिका कानोड़

 

 

 



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