बंथली. शुरू हो रहे चैत्र नवरात्री को लेकर तहसील मुख्यालय स्थित दूणजा माता मंदिर व अन्य देवी-देवताओं के मंदिरों में सजावट, साफ-सफाई सहित सभी तैयारियों को शुक्रवार शाम तक अंतिम रूप दे दिया गया हैं।
शनिवार को सभी मंदिर घट स्थापना के साथ ही घंटे-घडिय़ालों से गूंज उठेंगे तो श्रद्धालु का दर्शन करने को लेकर तांता लग जाएगा।
उल्लेखनीय हैं कि दूणजा माता मंदिर को बिजली चलित झालरों से सजाने के साथ ही माता की प्रतिमा का फूलों से शृंगार किया गया हैं।
मंदिर विकास समिति के भंवरलाल रोझ ने बताया कि नवरात्रि पर माता के दर्शनों को टोंक जिला सहित अजमेर, जयपुर, कोटा, बूंदी, भीलवाड़ा, सवाईमाधोपुर, चित्तौडगढ़़ सहित अन्य राज्यों के श्रद्धालु दर्शन कर माता को सुरापान करा मनोकामना पूर्ण होने की कामना करेंगे।
दूनी कस्बा स्थित कालानाड़ा बालाजी, बस स्टैण्ड स्थित संकट मोचन बालाजी, बृज के बालाजी, चुंगीनाका बालाजी, सरोली स्थित बालक बालाजी, बड़ के बालाजी सहित अन्य मंदिरों में घट स्थापना के साथ रामायण पाठ शुरू होगा। तो बंथली व देवड़ावास स्थित कंकाली माता व अन्य मंदिरों में दर्शन को श्रद्धालुओं का नौ दिन ताता लगा रहेगा।
यात्रियों के लिए खोला भण्डारा
आवां. चांदली स्थित माता हिंगलाज के यात्रियों की के लिए कस्बे की घाटी के नीचे अस्थाई मंदिर बनाकर भण्डारा खोला गया है। शुक्रवार अमावस्या के अवसर पर ग्रामीणों ने सत्संग कीर्तन कर भण्डारे की शुरुआत की।
इस दौरान प्रात: 7 बजे मातारानी के अखण्ड ज्योति जलाकर आरती उतारी गई। भण्डारा व्यवस्थापक गणेश पाराशर ने बताया कि शनिवार से चैत्र के नवरात्र की शुरुआत हो रही है। भण्डारे में यात्रियों के लिए भोजन, छाया, चाय-पानी के साथ भजन-कीर्तन के कार्यक्रम रखे गए हैं।
नवरात्र स्थापना
देवली. चैत्र शुक्ल प्रतिपदा व नवरात्र स्थापना के पहले दिन शनिवार को क्षेत्र के शक्तिपीठों पर जप-अनुष्ठान शुरू होंगे।इस दौरान घर-घर में शुभ मुहुर्त में घट स्थापना की जाएगी।
कुंचलवाड़ा स्थित बीजासण माताजी, राजमहल में वनमाता, दौलता केसर माता, बस स्टैण्ड केसर माता सहित हनुमान मन्दिरों में प्रतिदिन आरती व रामायण पठन शुरू होगा।
इधर, सिंधी समाज भगवान झूलेलाल की जयंती चेटीचण्ड के रुप में मनाएगी। इस मौके पर समाज के लोग शोभायात्रा निकालेंगे।
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